Monday, June 17, 2024
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बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से एक डॉ सहित 8 मरीजों की मौत, हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को लगाई फटकार

अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एससीएल गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह सात बजे से ही वह दिल्ली सरकार से गुहार लगा रहे थे कि कुछ ही घंटे की ऑक्सीजन बची है। इसके बावजूद ऑक्सीजन नहीं मिली। उन्होंने कहा कि हर 10 मिनट पर वह संबंधित अधिकारियों को अपडेट दे रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने समय पर ऑक्सीजन नहीं भेजा।

सरकार और प्रशासन के दावों के उलट देश की राजधानी दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट बरकरार है। इस बीच दिल्ली के बत्रा अस्पताल में बुरी खबर आ रही है। बत्रा अस्पताल के डायरेक्टर का कहना है कि यहाँ पर भर्ती 8 मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हो गई है। जिसमें एक डॉक्टर भी शामिल हैं।

इनमें 6 आईसीयू में भर्ती थे, जबकि 2 नॉर्मल वार्ड में भर्ती थे। ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण सभी 8 मरीजों की जान गई है। अस्पताल में भर्ती तकरीबन 300 मरीजों की भी जान भी संकट में है। 

यहाँ पर बता दें कि कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे दिल्ली के बत्रा अस्पताल में शनिवार (मई 1, 2021) को एक बार फिर ऑक्सीजन की किल्लत हो गई। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, यहाँ पर कुल 307 मरीज भर्ती थे। इस दौरान ऑक्सीजन नहीं मिलने से 8 मरीजों की मौत हो गई। 

बत्रा अस्पताल ने इस बाबत शनिवार को दिल्ली हाई कोर्ट को जानकारी दी है। इसके मुताबिक, उनके यहाँ ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। बत्रा अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि शनिवार सुबह 6 बजे से SOS में थे। हमारे पास 307 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 230 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एससीएल गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह सात बजे से ही वह दिल्ली सरकार से गुहार लगा रहे थे कि कुछ ही घंटे की ऑक्सीजन बची है। इसके बावजूद ऑक्सीजन नहीं मिली। उन्होंने कहा कि हर 10 मिनट पर वह संबंधित अधिकारियों को अपडेट दे रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने समय पर ऑक्सीजन नहीं भेजा। इस कारण 12.45 से डेढ़ बजे तक मरीज बिना ऑक्सीजन के रहे। इसमें आठ मरीजों की मौत हो गई।

सेना से क्यों मदद नहीं माँगी

दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और उनकी असफलता को देखते हुए कोर्ट आग बबूला हो गया और कहा कि अगर स्थिति आपसे सँभल नहीं रही थी तो सेना की माँग करनी चाहिए थी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस वक्त हर कोई तनाव में हैं, यहाँ तक कि हम खुद तनाव में हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने सवाल उठाया और कहा कि दिल्ली सरकार ने अब तक आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की मदद के लिए रिक्वेस्ट क्यों नहीं की है।

बुनियादी ढाँचे की स्थापना के लिए सशस्त्र बलों की मदद लेने के सुझावों पर दिल्ली सरकार के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि इस प्रक्रिया में हम उच्चतम स्तर पर हैं। हमारी सरकार इसे देख रही है और जल्द ही दिल्ली में 15000 और बेड जुड़ जाएँगे। हम 15 हजार अतिरिक्त बेड लगा रहे हैं, लेकिन हमारे पास इन बेड्स के लिए ऑक्सीजन नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि आपने सेना की माँग क्यों नहीं की। अगर आप सेना से अनुरोध करते तो वे अपने स्तर पर काम करते। उनका अपना बुनियादी ढाँचा है।

दिल्ली में कोरोना के 27 हजार से अधिक नए मामले 

दिल्ली में शुक्रवार (अप्रैल 30, 2021) को कोरोना संक्रमण की वजह से 375 और मरीजों की मौत हो गई, जबकि कोविड-19 के 27,047 नए मामले सामने आए। वहीं संक्रमित होने की दर 32.69 प्रतिशत रही। यह जानकारी दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की नवीनतम बुलेटिन में दी गई है। शुक्रवार को लगातार नौवाँ दिन था, जब दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण से 300 से अधिक मौतें हुईं। बुलेटिन के अनुसार दिल्ली में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 11,49,333 हो गई जिसमें से 10.33 लाख से अधिक संक्रमण मुक्त हो गए हैं। वहीं मृतक संख्या 16,147 है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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