Thursday, January 28, 2021
Home देश-समाज 'गौहत्या रोकने के लिए चाहिए टास्क फ़ोर्स, लेकिन मुखिया 'सेक्युलर' होना चाहिए'

‘गौहत्या रोकने के लिए चाहिए टास्क फ़ोर्स, लेकिन मुखिया ‘सेक्युलर’ होना चाहिए’

मेवात में गौहत्या रोकने के लिए त्वरित रूप से टास्क फ़ोर्स के गठन की सिफ़ारिश करते हुए बाल्यान ने इसके मुखिया की जो वांछित खूबियाँ गिनाई हैं, उनमें ऐसे अपराधों के विशेषज्ञ होने, बिना डर या लालच के निर्णय लेने की क्षमता के अलावा 'सेक्युलर विचारधारा' की अनिवार्यता शामिल है।

हरियाणा में लगातार हो रही गौहत्या रोकने को लेकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में अजीब टिप्पणी सुनने को मिली है। स्वराज्य पत्रिका की सम्पादक स्वाति गोयल शर्मा के अनुसार मामले में अदालत की सहायता के लिए ‘न्यायमित्र’ (एमाइकस क्युरे) नियुक्त हुए हरियाणा सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल दीपक बाल्यान ने अदालत से कहा कि गौहत्या रोकने के लिए प्रस्तावित टास्क फ़ोर्स का जो मुखिया चुना जाए, उसका ‘सेक्युलर’ विचारधारा का होना आवश्यक है। यह शायद पहली बार है जब किसी सरकारी पद पर नियुक्ति के लिए एक खास राजनीतिक विचारधारा का ही होना अनिवार्य करने की बात किसी सरकारी अमले के अधिकारी की ओर से कही गई है

स्वाति गोयल शर्मा स्वराज्य के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में चल रही उस सुनवाई को कवर कर रहीं हैं, जिसमें हरियाणा गौवंश संरक्षण और गौसंवर्धन एक्ट, 2015 को प्रभावी रूप से लागू कर पाने में राज्य सरकार की नाकामी पर सुनवाई हो रही है। इस एक्ट के अंतर्गत गौवंश की तस्करी, हत्या के अलावा बीफ़ खाना या अपने पास रखना हरियाणा में प्रतिबंधित है। मार्च में जस्टिस महाबीर सिंह संधू ने इस पर सवाल खड़ा किया था कि इतने सारे मामलों में आरोपित गिरफ़्तारी से बच कर निकल कैसे जाते हैं। उन्होंने बाल्यान को मामले के लिए न्यायमित्र नियुक्त करने के अलावा हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव को इस एक्ट के तहत दर्ज मामलों का अध्ययन करने का निर्देश दिया।

इसके बाद सामने आया यह चौंका देने वाला आँकड़ा कि इस एक्ट के तहत केवल मेवात जिले में (हरियाणा में कुल 22 जिले हैं) 792 एफआईआर लिखे जाने के बाद भी नवंबर, 2015 से मार्च 2019 के बीच एक भी गिरफ़्तारी नहीं हुई!!

इस ढीलाढाली पर अदालत की फटकार के बाद न केवल डीजीपी ने मेवात में ऐसे केसों से निबटने के लिए पुलिस वालों को विशेष ट्रेनिंग दिए जाने के निर्देश दिए, बल्कि हरियाणा की खट्टर सरकार ने भी इस एक्ट में संशोधन कर पुलिस वालों को भी विशेष अधिकार दिए। यह अधिकार थे बीफ़ या हत्या के लिए ले जाई जा रहीं गायों के संदिग्ध वाहनों की तलाशी और उन्हें जब्त करने का अधिकार। इसके अलावा राज्य सरकार के एक प्रतिनिधि ने अदालत को बताया कि सरकार गायों के एक जगह से दूसरी जगह ले जाए जाने का समय सुबह 7 से शाम 5 बजे के बीच निर्धारित करने पर भी विचार कर रही है। यह भी एमाइकस क्युरे बाल्यान का ही सुझाव था। इसके बाद अदालत ने बाल्यान को मेवात (अब नूह) के सभी पुलिस थानों का दौरा कर इस एक्ट को ढंग से लागू करने के सुझाव तैयार करने का निर्देश दे दिया था। बाल्यान का ‘सेक्युलर’ पुलिस अधिकारी वाला सुझाव इसी संदर्भ में था।

28 नवंबर, 2019 को बाल्यान द्वारा जमा रिपोर्ट के हवाले से स्वाति गोयल शर्मा का दावा है कि इस एक्ट के अंतर्गत दायर किए गए मुकदमों को पुलिस के काम करने के आम ढर्रे पर नहीं सुलझाया जा सकता है। बकौल स्वाति, बालियान ने गौहत्या और गौ-तस्करी रोकने के लिए एक विशेष टास्क फ़ोर्स के गठन का सुझाव दिया है, जिसका मुखिया कम-से-कम एसएसपी रैंक का अधिकारी हो। फ़िलहाल इसकी जिम्मेदारी एक डीएसपी रैंक अफ़सर के पास है, लेकिन उनके पास दो अन्य पुलिस थानों का भी कार्यभार है। इसके अलावा बाल्यान ने यह भी बताया था कि जो ‘स्पेशल सेल’ इन मामलों को देख रही है, उसके पास आधारभूत ढाँचे, पर्याप्त संख्या में लोगों समेत सुविधाओं का बेहद अभाव है।

इसी रिपोर्ट में उन्होंने मेवात में गौहत्या रोकने के लिए त्वरित रूप से टास्क फ़ोर्स के गठन की सिफ़ारिश करते हुए बाल्यान ने इसके मुखिया की जो वांछित खूबियाँ गिनाई हैं, उनमें ऐसे अपराधों के विशेषज्ञ होने, बिना डर या लालच के निर्णय लेने की क्षमता के अलावा ‘सेक्युलर विचारधारा’ की अनिवार्यता शामिल है। इसके अलावा उन्होंने संवेदनशील इलाकों में चेक पॉइंट बनाए जाने के साथ ही एक और महत्वपूर्ण सुझाव की वकालत की है। उन्होंने कहा है कि पुलिस वालों के पास एक ‘मोबाइल’ (चलती-फिरती) लैब होनी चाहिए, ताकि घटनास्थल पर ही बरामद मीट की जाँच कर यह बताया जा सके कि यह गाय का है या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, उपरोक्त भारी संख्या में मामले दर्ज होने के बावजूद किसी को दोषी इसलिए नहीं करार दिया जा पाता है क्योंकि माँस के बीफ़ होने का पता उसके सड़ने के पहले ही लगाया जा सकता है।

इसके अलावा रिपोर्ट में नूह में स्थानीय ‘सौहार्द’ को गौहत्या रोकने के लिए ज़रूरी बताया गया है। इसका कारण यह कहा गया है कि वहाँ की बहुसंख्य जनता मुस्लिम है, जो बीफ़ के मामलों की जाँच में पुलिस के साथ सहयोग नहीं करती है, क्योंकि उसे तथाकथित रूप से पुलिस पर भरोसा नहीं है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

योगेन्द्र यादव, राकेश टिकैत सहित 37 किसान नेताओं पर FIR: गिरफ्तारी पर कोई बात नहीं

राजधानी में हुई हिंसा के बाद एक्शन मोड में आई दिल्ली पुलिस ने 37 नेताओं पर एफआईआर दर्ज की है। इनमें राकेश टिकैत, डाॅ दर्शनपाल, जोगिंदर सिंह, बूटा, बलवीर सिंह राजेवाल और राजेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।

डर के मारे पड़ी फूट या समझदारी: दो ‘किसान’ संगठन हुए आंदोलन से अलग

भारतीय किसान यूनियन 'भानु' के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के वीएम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना आंदोलन खत्म करने का एलान किया है।

प्रचलित ख़बरें

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

हर जगह 'किसानों' की थू-थू हो रही, लेकिन NDTV के रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं।
- विज्ञापन -

 

किसान नहीं बल्कि पुलिस हुई थी हिंसक: दिग्विजय सिंह ने दिल्ली पुलिस को ही ठहराया दंगों का दोषी

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में किसान उग्र नहीं हुए थे बल्कि दिल्ली पुलिस उग्र हुई थी।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद ट्विटर ने किया 550 अकाउंट्स सस्पेंड, रखी जा रही है सबपर पैनी नजर

ट्विटर की ओर से कहा गया है कि इसने उन ट्वीट्स पर लेबल लगाए हैं जो मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इन अकाउंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है।

वीडियो: खालिस्तान जिंदाबाद कहते हुए तिरंगा जलाया, किसानों के ‘आतंक’ से परेशान बीमार बुजुर्ग धरने पर बैठे

वीडियो में बुजुर्ग आदमी सड़क पर बैठे हैं और वहाँ से उठते हुए कहते हैं, "ये बोलते है आगे जाओगे तो मारूँगा। अरे क्या गुनाह किया है? हम यहाँ से निकले नहीं? हमारे रास्ते में आ गए।"

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

बिहार में टेंपो में सवार 2-3 लोगों ने दिनदहाड़े बीजेपी प्रवक्ता को मारी दो गोली: स्थिति नाजुक

कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य ललन प्रसाद सिंह से प्रभार को लेकर डॉ शम्शी का विवाद चल रहा था। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।

महाराष्ट्र-कर्नाटक के बीच मराठी भाषी क्षेत्र घोषित हो केंद्र शासित प्रदेश: उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने कहा कि कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी-भाषी क्षेत्रों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाना चाहिए, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट अपना अंतिम फैसला नहीं दे देता।

हिंदू लड़की ने माता-पिता पर लगाया जबरन ईसाई बनाने का आरोप: 9 लोग गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी

इंदौर से एक बेहद ही सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है, जहाँ एक लड़की ने अपने ही माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है कि वे उसका जबरन धर्मांतरण करवा रहे थे।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
387,000SubscribersSubscribe