Sunday, July 21, 2024
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जिस मुस्लिम बुजुर्ग को ‘बाबा’ बुलाता था हिन्दू बहुल गाँव, उसने ही दलित युवक से चटवाया थूक: वामपंथी MLA ने कहा – ये पंचायत का फैसला

आरोपित अलाउद्दीन ने भीड़ के आगे जिस दलित युवक से थूक चटवाया था, उसका नाम राजू पासवान बताया जा रहा है। राजू पासवान गाँव महिसारी का रहने वाला है। महिसारी गाँव घटनास्थल चकहबीब से लगभग 3 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

बिहार के समस्तीपुर में रविवार (23 अक्टूबर, 2022) को एक दलित युवक को थूक चटाने का मामला प्रकाश ये आया था। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें एक मौलाना जैसे व्यक्ति ने पीड़ित को 5 बार थूक चाटने पर मजबूर किया था। 25 अक्टूबर, 2022 को जब ऑपइंडिया ने इस मामले में जिले के SP से जानकारी माँगी थी तब उन्होंने मामला संज्ञान से बाहर बताया था। अब इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए अलाउद्दीन और फ़िरोज़ नाम के 2 आरोपितों को नामजद किया है।

अलाउद्दीन और फ़िरोज़ नामजद

वीडियो में मौलाना जैसी शक्ल का आरोपित अलाउद्दीन ही है। ऑपइंडिया ने मामले में अपडेट लेने के लिए चकहबीब गाँव के चौकीदार राम भरोसे से सम्पर्क किया। राम भरोसे ही इस मामले में शिकायतकर्ता हैं। उन्होंने हमें बताया कि उनके द्वारा दी गई शिकायत में अलाउद्दीन और फ़िरोज़ को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज करने की माँग की गई है। राम भरोसे ने हमें आगे बताया कि केस के विवेचक वीडियो के आधार पर अज्ञात लोगों की पहचान कर के आगे की कार्रवाई करेंगे।

अब्दुल जब्बार की बेटी से था प्रेम प्रसंग

राज चकहबीब के मुखिया डॉ राम सेवक शाह ने इस मामले में ऑपइंडिया से बात की। मुखिया ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि जिस लड़की को पीड़ित छोड़ने आया था, वो अब्दुल जब्बार की बेटी थी। वीडियो में दिख रहा मौलाना जैसी शक्ल का अलाउद्दीन, जब्बार का अब्बा है, यानी वो लड़की का बाबा है। जब्बार बिहार से बाहर कही कमाता है। मुखिया ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की आशा जताई।

कुछ लोगों के हिरासत में लिए जाने की खबर

राज चकहबीब गाँव के ही एक अन्य जनप्रतिनिधि राम नरेश राय ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि मामले में मुख्य आरोपित अब्दुल जब्बार अभी फरार है। राम नरेश के मुताबिक, घटना के बाद गाँव में पुलिस ने दबिश दे कर 2-3 लोगों को हिरासत में लिया है लेकिन उनके नामों की जानकारी उन्हें नहीं है। जब ऑपइंडिया ने अब तक हुई गिरफ्तारियों या कार्रवाई की जानकारी के लिए विभूतिपुर थाना प्रभारी को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जब हमने इस मामले में समस्तीपुर के SP से भी बात करनी चाही तो उनका भी फोन नहीं उठा। पुलिस का वर्जन आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा।

कभी अलाउद्दीन के बेटे को पकड़ने आई थी महाराष्ट्र पुलिस

घटना के मुख्य आरोपित अलाउद्दीन के बारे में जानकारी देते हुए चकहबीब गाँव के जन प्रतिनिधि राम नरेश राय ने आगे अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अलाउद्दीन कभी काफी गरीब हुआ करता था, लेकिन बाद में उसके बेटे बड़े हुए तो उसने न सिर्फ घर बनवाया बल्कि जमीनें भी खरीदीं। राम नरेश के अनुसार, अलाउद्दीन का एक बेटा कोलकाता और दूसरा मुंबई में काम करता है। वहीं हमें 2 अन्य बेटों के विदेश में खाड़ी देशों में काम करने की जानकारी दी गई।

इसी बातचीत में राम नरेश ने हमें बताया कि अलाउद्दीन का जो बेटा विदेश में है, वो कभी मुंबई में काम किया करता था। उन्होंने हमें बताया कि मुंबई में कुछ आपराधिक मामलों से शामिल होने के चलते उसे पकड़ने महाराष्ट्र पुलिस हमारे गाँव तक आई थी। राम नरेश ने हमें आगे बताया कि उसके बेटे को कुछ दिनों तक महाराष्ट्र की जेल में रहना पड़ा था जहाँ से छूट कर वो दुबारा मुंबई न जा कर सीधे विदेश चला गया है। हालाँकि, राम नरेश उस केस के बारे में हमें अधिक जानकारी नहीं दे पाए।

गाँव में 3 मस्जिदें और 1 मदरसा

चकहबीब गाँव के जनप्रतिनिधि राम नरेश राय ने हमें बताया कि उनका गाँव हिन्दू बहुल है। इस गाँव में हामिद मियाँ भी मुखिया पद की दावेदारी की ताल ठोंक चुके हैं। अपने गाँव के कुल वोटरों की संख्या लगभग 6 हजार बताते हुए उन्होंने मुस्लिमों वोटों को महज 10% होना बताया। राम नरेश के मुताबिक, औसतन 500 से 600 मुस्लिमों की आबादी वाले ग्राम पंचायत चकहबीब में कुल 3 मस्जिदें और एक मदरसा है।

उन्होंने हमें बताया कि बुजुर्ग होने के चलते थूक चटाने के मामले में आरोपित अलाउद्दीन को लोग बाबा कह कर बुलाते थे, इसीलिए जब उसने ये फैसला लिया तब किसी ने विरोध नहीं किया। हालाँकि राम नरेश के अनुसार, बाद में गाँव के बहुत लोगों को ये हरकत गलत लगी।

पीड़ित के पिता की 2 साल पहले हो चुकी है हत्या

आरोपित अलाउद्दीन ने भीड़ के आगे जिस दलित युवक से थूक चटवाया था, उसका नाम राजू पासवान बताया जा रहा है। राजू पासवान गाँव महिसारी का रहने वाला है। महिसारी गाँव घटनास्थल चकहबीब से लगभग 3 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। महिसारी के सामाजिक कार्यकर्ता विजेंदर राम ने ऑपइंडिया से बताया कि राजू पासवान के पिता वीरेंद्र पासवान की लगभग 2 साल पहले ही हत्या हो चुकी थी। तब पिता के साथ राजू के भाई को भी गोली मारी गई थी, जिसमें वो बच गया था। बाद में वो भाई कहीं बाहर कमाने चला गया।

हमें बताया गया कि राजू का एक अन्य भाई दिल्ली में कहीं काम करता है। विजेंदर राम ने दावा किया है कि घटना के समय उनके गाँव के मुखिया श्रवण पासवान अपने परिवार के साथ मौके पर मौजूद थे। विजेंदर के मुताबिक, मुखिया ने अपने खुद के बेटे को बचाने के लिए राजू को बलि का बकरा बना दिया। उनका यहाँ तक दावा है कि मुखिया श्रवण खुद ही सारी घटना के चश्मदीद गवाह हैं लेकिन वो कार्रवाई से बच रहे हैं।

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित राजू पासवान के गाँव के मुखिया श्रवण पासवान का पक्ष जानने के लिए उन्हें 2 बार फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

भाजपा ने सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने दलित युवक को थूक चटाने की घटना पर नितीश सरकार को घेरा है। उन्होने कहा कि आरोपित की शक्ल मौलाना से मिलने-जुलने के चलते सत्ता पक्ष से कोई इस मामले में बोल नहीं रहा है। संजय जायसवाल ने कथित दलित हित चिंतकों को भी कटघरे में खड़ा करते हुए पीड़ित के लिए न्याय की माँग की।

वामपंथी विधायक के मुताबिक थूक चटाने में दलित भी शामिल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल के बयान का जवाब देते हुए कम्युनिस्ट पार्टी से स्थानीय विभूतिपुर के विधायक कॉमरेड विधायक अजय कुमार ने कहा कि इस मामले में कम्युनल एंगल नहीं है। उन्होंने बताया कि जब ये घटना हुई है, तब खुद पीड़ित की जाति के कई लोग मौके पर मौजूद थे। वामपंथी विधायक के मुताबिक, थूक चटाने का निर्णय पंचायत के बाद लिया गया था।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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