Sunday, October 17, 2021
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तुगलकाबाद रविदास मंदिर पुनर्निमाण के लिए विरोध प्रदर्शन, 1 माह का वेतन देंगे BJP सांसद

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के साथ ही केजरीवाल सरकार में सामाजिक कल्‍याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और आम आदमी पार्टी AAP के कई विधायक भी श‍ामिल हैं।

दिल्ली के तुगलकाबाद में संत रविदास मंदिर तोड़े जाने के खिलाफ आक्रोशित भीम आर्मी पार्टी के कार्यकर्ता बुधवार (अगस्त 21, 2019) को दिल्ली पहुँच कर जंतर-मंतर और रामलीला मैदान समेत कई जगहों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में रविदास मंदिर को हटाए जाने वाले उनके आदेशों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश न की जाए। साथ ही उन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के साथ ही केजरीवाल सरकार में सामाजिक कल्‍याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और आम आदमी पार्टी AAP के कई विधायक भी श‍ामिल हैं। राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि दिल्‍ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने पुलिस की मौजूदगी में मंदिर को गिरा दिया और प्रतिमा को ले गए। हालाँकि, प्राधिकरण ने मंदिर शब्‍द का इस्‍तेमाल न करते हुए कहा कि उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्‍ट्रक्‍चर को हटाया।

वहीं, संत रविदास मंदिर के तोड़े जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद विजय गोयल का कहना है कि संत रविदास के मंदिर को दोबारा बनाया जाना चाहिए। सांसद ने इस मंदिर के निर्माण के लिए ‘गुरू रविदास जयंती समारोह समिति’ को अपनी एक महीने की सैलरी देने की भी बात कही है।

गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों दिल्ली के तुगलकाबाद में गुरू रविदास की मंदिर को तोड़ने का आदेश दिया था जिसके बाद दिल्ली के साथ पंजाब में विरोध शुरू हो गया और फिर ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत सतविंदर हीरा और साधु समाज के प्रधान संत सरवण दास महाराज ने 13 अगस्त को बंद का एलान करते हुए कहा था कि इससे उनके समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं, और प्रदर्शन करके वो अपने समाज के संगठित होने का अहसास करवाना चाहते हैं।

जिसके बाद मंगलवार (अगस्त 13, 2019) को पंजाब में रविदास समाज के लोगों ने राज्य बंद बुलाया था। इस दौरान एहतियात के तौर पर जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और गुरदासपुर के सारे शिक्षण संस्थानो को बंद कर दिया गया था।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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