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तबलीगी जमात के मौलाना साद समेत 7 को क्राइम ब्रांच का नोटिस, 26 सवालों के माँगे जवाब

निजामुद्दीन स्थित मरकज को बुधवार को खाली कराकर यहाँ से 2361 लोगों को निकाला गया था। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया था कि मरकज में 36 घंटे का सघन अभियान चलाकर ये लोग निकाले गए। इनमें से 617 को अस्पतालों में और बाकी को अलग-अलग जगहों पर क्वारंटाइन किया गया है।

तबलीगी जमात के नेता मौलाना साद कांधलवी पर शिकंजा कसता जा रहा। दिल्ली पुलिस ने मौलाना समेत 7 लोगों को नोटिस जारी किया है। इसमें इनसे 26 सवालों के जवाब मॉंगे गए हैं। मुक़दमा दर्ज के बाद से ही दिल्ली पुलिस इनकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने नोटिस जारी कर मौलाना साद से 26 सवालों को जवाब माँगे हैं। दिल्ली पुलिस ने जमात से जुड़े पदाधिकारी, कमेटी में शामिल लोग, तीन साल में भरे गए आयकर, संस्था का पैन नंबर सहित बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट, 1 जनवरी से अब तक आयोजित मजहबी सभाओं की संख्या, परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या, मरकज में शामिल होने वाले लोगों का ऑडियो या वीडियो का ब्यौरा, 12 मार्च के बाद विदेशियों सहित आने वाले श्रद्धालुओं की लिस्ट को लेकर जानकारी माँगी है।

12 से मार्च के बाद समारोह में शामिल होने वाले लोगों के रिकॉर्ड का रजिस्टर, इस बीच क्या कोई जमाती बीमार पड़ा, साथ ही इमारत खाली कराने के लिए मरकज की ओर से उठाए गए कदम, लॉकडाउन लगने के बाद प्रबंधन की ओर से उठाए गए कदम, जिन लोगों को अस्पताल ले जाया गया उनकी तारीखवार सूची, 12 मार्च के बाद मस्जिदों या अन्य स्थानों पर ले जाने वालों की तारीखवार सूची, मरकज में शामिल होने और उसके बाद मरने वाले लोगों का ब्यौरा भी माँगा गया है।

इसके साथ ही पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान किसी को भी जारी किए गए कर्फ्यू पास का ब्यौरा, 12 मार्च के बाद मरकज में आने वाले किसी भी सरकारी एजेंसी के लोगों का ब्यौरा और ऐसे कोई भी कागजात भी पुलिस ने अपने नोटिस के माध्म से जमात से माँगे हैं।

गौरतलब है कि निजामुद्दीन स्थित मरकज को बुधवार को खाली कराकर यहाँ से कुल 2361 लोगों को निकाला गया था। इसके बाद दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया था कि मरकज में 36 घंटे का सघन अभियान चलाकर कुल 2361 लोग बाहर निकाले गए। इनमें से 617 को अस्पतालों में और बाकी को अलग-अलग जगहों पर क्वारंटाइन किया गया है।

मौलाना साद फरार है। उसके भी कोरोना संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। असल में मौलाना ने एक ऑडियो जारी कर कहा था कि वह डॉक्टर के कहने पर घर पर ही क्वारंटाइन हैं। साथ ही उसने जमात के लोगों से भी सरकारी गाइडलाइन पालन करने को कहा। इसके बाद से यह सवाल उठ रहा है कि मौलाना खुद भी तो संक्रमित नहीं हो गया है। या फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए वह क्वारंटाइन की बात कह रहा है। उल्लेखनीय है कि इस ऑडियो से पहले उसने कोरोना संक्रमण को लेकर जमात के लोगों को गुमराह करने का काम किया था।

भूल-सुधार: त्रुटिवश इस रिपोर्ट में कुछ समय के लिए मौलाना साद की जगह, मीडिया में चलती भ्रमित करने वाले तस्वीरों के कारण, किसी और व्यक्ति की तस्वीर लगा दी गयी थी। उसे अब सुधार लिया गया है। हमें इसका खेद है और इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति की छवि को क्षति पहुँचाना नहीं था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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