Thursday, June 20, 2024
Homeदेश-समाज'एक रात हमारे साथ सो जाओ तो ड्यूटी बढ़ा देंगे': महिला कर्मचारियों ने खोली...

‘एक रात हमारे साथ सो जाओ तो ड्यूटी बढ़ा देंगे’: महिला कर्मचारियों ने खोली केजरीवाल के अस्पताल की सच्चाई, AAP विधायक का भी लिया नाम

दिल्ली के बुराड़ी स्थित एक सरकारी अस्पताल में महिला कर्मचारियों ने काम देने के एवज में शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि उनके शीर्ष अधिकारी उन पर शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दबाव बनाते थे, ऐसा ना करने पर उनको प्रताड़ित किया जाता था।

दिल्ली के बुराड़ी के एक सरकारी अस्पताल में महिला कर्मचारियों ने काम देने के एवज में शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि उनके शीर्ष अधिकारी उन पर शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दबाव बनाते हैं और ऐसा ना करने पर उनको प्रताड़ित किया जाता है। इस मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी संज्ञान लिया है।

बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के इस अस्पताल के बाहर महिलाएँ लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें अस्पताल में ड्यूटी नहीं दी जा रही है। उन्हें पूरी ड्यूटी दिए जाने के एवज में उनके अधिकारी उनसे शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए कहते हैं और रिश्वत भी माँगते हैं।

महिलाओं ने कहा कि अस्पातल में AAP के स्थानीय विधायक संजीव झा के लोग भी हैं और उनके सहयोग से ये कुकर्म किया जाता है। महिलाओं के कहा कि संजीव झा के लोग पैसे लेकर-लेकर लोगों को नौकरी देते हैं। साथ ही आरोपितों को भी बचाते हैं। महिलाओं ने AAP विधायक और उसके लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

जानकारी के अनुसार, बुराड़ी स्थित दिल्ली सरकार के इस अस्पताल में मेडिकल के अतिरिक्त तमाम स्टाफ को आउटसोर्सिंग से रखा जाता है। इसके तहत एक कम्पनी ग्लोबल वेंचर यह काम करती है। इसका काम इन कर्मचारियों की भर्ती और उनके काम की देखरेख होता है। यह भी सामने आया है कि यहाँ कर्मचारियों को रखने के लिए रिश्वत ली गई।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुपरवाईजर और मैनेजर पद पर काम करने वाले नीरज शर्मा, राजकुमार और आदर्श नाम के शख्स पर ये आरोप लगाए गए हैं। एक महिला कर्मचारी का कहना है कि उसे इन अधिकारियों की करतूतों के बारे में सब पता है। महिलाओं के प्रदर्शन के इस वीडियो में उनके आरोप सुने जा सकते हैं।

महिला ने बताया है कि इस अस्पताल के बेसमेंट में ये अधिकारी महिला कर्मचारियों को बुलाते थे और उनका शारीरिक शोषण करते थे। उसका कहना था कि शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार ना होने वाली महिलाओं को अस्पताल में मात्र 15 दिन काम दिया जाता था।

अधिकारी महिलाओं से कहते थे कि उनके साथ एक रात सोने पर वह काम के दिन बढ़ाकर 20-25 कर देंगे। महिला का कहना है कि यदि अस्पताल के बेसमेंट के सीसीटीवी की जाँच करवाई जाए तो सारी सच्चाई बाहर आ जाएगी। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने इस मामले में स्थानीय AAP विधायक संजीव झा का संबध बताया है।

महिला का कहना है कि नीरज और राजकुमार यहाँ काम करने वाली महिलाओं से एक-एक करके अकेले में मिलने को कहते थे। उन्हें इस विषय में आवाज उठाने से भी रोका जाता था। जिन महिलाओं ने इसके खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया।

महिलाओं का कहना है कि उन्हें धमकाया भी गया है। इसके अलावा एक महिला से मारपीट की घटना भी सामने आई है। उसके साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण किया गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इस मामले में महिला ने दिल्ली पुलिस के पास मामला भी दर्ज करवाया है।

इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में उत्तरी दिल्ली के डीसीपी से रिपोर्ट माँगी है।

दिल्ली पुलिस को की गई शिकायत में महिला ने 17 और 19 दिसम्बर 2023 को मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी के खिलाफ IPC की धारा 323, 354, 506, 509 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -