Monday, July 15, 2024
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लाल किला पर अटैक, साधुओं की हत्याः दिल्ली में पकड़े गए आतंकियों को मिले टास्क का चार्जशीट से खुलासा, एक हिंदू का गला काटकर विदेशी आका को भेजा था डेमो

दोनों सोहेल के संपर्क में थे। सोहेल को साल 2000 में लाल किले पर हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे तिहाड़ जेल में बंद किया गया था। उसी जेल में नौशाद भी बंद था। वहीं पर दोनों की मुलाकात हुई थी। साल 2013 में सोहेल रिहा हुआ और पाकिस्तान भाग गया। वह वहीं रहकर कर भारत के खिलाफ काम करने लगा।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस साल जनवरी में जहाँगीरपुरी से गिरफ्तार किए गए आतंकी नौशाद और जगजीत सिंह जस्सा उर्फ याकूब को लेकर बड़ा खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस ने कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर दोनों आतंकियों ने साधुओं की हत्या और लाल किले पर हमला करने की फिराक में थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी नौशाद और जगजीत को लाल किले पर तैनात जवानों पर फायरिंग करने और पंजाब में बजरंग दल के नेता तथा हरिद्वार में साधुओं की हत्या का टास्क दिया गया था। ISI ने बजरंग दल के नेता की हत्या के लिए दोनों आतंकियों को दो लाख रुपए भेजे थे। वे हरिद्वार में साधुओं की हत्या कर देश में दंगे फैलाना चाह रहे थे।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 10 मई 2023 को पटियाला हाउस कोर्ट में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र में कहा गया है कि नौशाद पाकिस्तान में बैठे ISI के हैंडलर और लश्कर के आतंकी सोहेल के संपर्क में था। वहीं, जगजीत विदेश में बैठे गैंगस्टर और खालिस्तान समर्थक आतंकी अर्श डल्ला के संपर्क में था।

मोहम्मद सोहेल को साल 2000 में लाल किले पर हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे तिहाड़ जेल में बंद किया गया था। उसी जेल में नौशाद भी बंद था। वहीं पर दोनों की मुलाकात हुई थी। साल 2013 में सोहेल रिहा हुआ और पाकिस्तान भाग गया। वह वहीं रहकर कर भारत के खिलाफ काम करने लगा।

इसके अलावा, दोनों आतंकी पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन हरकत उल अंसार के नज़ीर भट, नासिर खान, नज़ीर खान और हिजबुल मुजाहिद्दीन के नदीम के संपर्क में भी थे। इन सभी को ISI के निर्देश पर काम करने को कहा जाता था। 56 वर्षीय नौशाद और 29 वर्षीय जगजीत पाकिस्तान द्वारा दिए गए टारगेट कीलिंग को अंजाम देने के करीब पहुँच गए थे।

नाैशाद हरकत उल अंसार का सदस्य है। वह दो हत्या के मामले में शामिल था। इसमें उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। इसके अलावा उसे बम धमाके के मामले में भी 10 वर्ष की सजा हुई है। वहीं, जगजीत सिंह बंबीहा गैंग का सदस्य है। हत्या के मामले में पैरोल जंप भी कर चुका है। 

ISI ने जब दोनों को यह सौंपा था तो नौशाद और जगजीत ने अपने हैंडलर का भरोसा जीतने के लिए एक हत्या को अंजाम दिया और उसका वीडियो पाकिस्तान भेज दिया। दोनों राजकुमार उर्फ राजा नाम के हिंदू लड़के का अपहरण करके उसे भलस्वा डेयरी ले गए। दोनों ने वहाँ पर उसका गला रेता और उसके शरीर को 8 टुकड़ों में काटा। इसका वीडियो पाकिस्तान भेजा। राजा के हाथ पर भगवान शिव का टैटू बना हुआ था। इसी के माध्यम से उन्होंने उसके हिंदू होने की पहचान की थी।

गिरफ्तारी के बाद इन दोनों के मोबाइल फोन से युवक का सिर कलम करने और उसके शरीर के टुकड़े करने वाला वीडियो मिला था। इसके अलावा, विदेश में बैठे हैंडलर को वीडियो भेजने और सिग्नल पर उससे चैट करने का डिटेल भी मिला था। पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी जेल में बंद रहने के बाद दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। दोनों को पिछले साल अप्रैल-मई में परोल पर छोड़ा गया था। इसके बाद वे अपने काम में लग गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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