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IAS मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन का 8 जिलों में धर्मांतरण नेटवर्क, 80 वीडियो और 7 किताबें बरामद, SIT से कहा – कोई पछतावा नहीं

कानपुर में सचेंडी के एक गाँव में उन्होंने इस्लामी धर्मांतरण कराया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी उन्होंने अपना नेटवर्क फैलाया हुआ है। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में भी वो सक्रिय रहे।

पूर्व कमिश्नर और ‘उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम’ के अध्यक्ष मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्हें अपने सरकारी आवास पर इस्लामी धर्मांतरण से जुड़ी मुल्ले-मौलवियों की मजलिस में शामिल देखा गया था। इसके बाद इस मामले की जाँच के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने SIT का गठन किया। अब जाँच में खुलासा हुआ है कि पूर्व मंडल आयुक्त ने 8 से भी अधिक जिलों में इस्लामी धर्मांतरण कराया है।

इस मामले के कई सबूत SIT के हाथ आए हैं। अब इस मामले में लोगों को सरकार की कार्रवाई का इंतजार है, क्योंकि जाँच रिपोर्ट राज्य शासन को सौंप दी गई है। सरकारी आवास पर इस्लामी तकरीर के वीडियो वायरल होने के बाद यूपी सरकार ने महानिदेशक सीबीसीआइडी जीएल मीणा की अध्यक्षता और एडीजी जोन भानु भाष्कर की सदस्यता वाली दो सदस्यीय SIT का गठन किया था। SIT को मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के ऐसे 80 वीडियो मिले हैं। साथ ही उनकी लिखी इस तरह की 7 पुस्तकें भी बरामद हुई हैं

उन पर एक मामले में सीटीएस बस्ती वालों पर इस्लामी धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोप लगे थे, वरना उन्हें कानूनी कार्रवाइयों में फँसाने की धमकी दी थी। अब पता चला है कि कानपुर में सचेंडी के एक गाँव में उन्होंने इस्लामी धर्मांतरण कराया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी उन्होंने अपना नेटवर्क फैलाया हुआ है। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में भी वो सक्रिय रहे। SIT को मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन द्वारा ऐसी कई इस्लामी धर्मांतरण कराने की बातें पता चली हैं।

हैरानी की बात तो ये है कि कानपुर के पूर्व डिविजनल कमिश्नर ने अपनी करतूतों को कबूल भी कर लिया है और SIT की पूछताछ में कहा है की उन्हें अपने किए का कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने मजहबी कट्टरता की तकरीरों से लेकर भड़काऊ साहित्य और इस्लामी धर्मांतरण को भी सही माना है। अब लोग पूछ रहे हैं कि इतने खुलासे होने के बावजूद उनके विरुद्ध कार्रवाई का ऐलान क्यों नहीं किया जा रहा है। कमिश्नर आवास पर तैनात कर्मचारियों से भी बातचीत कर के रिपोर्ट तैयार की गई है।

कुछ दिनों पहले ये भी सामने आया था कि उत्तर प्रदेश स्थित कानपुर के कुछ कारोबारी व्यापारिक प्रतिष्ठानों के माध्यम से जिहादी विचारधारा फैला रहे हैं। ये लोग इस्लामी धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाले IAS इफ्तिखारुद्दीन से प्रेरित हैं। कानपुर के ये दुकानदार ग्राहकों को जो बिल थमा रहे थे, उस पर लिखा था – ‘Islam Is The Only Solution’, अर्थात इस्लाम ही एकमात्र समाधान है। पुलिस आयुक्त ने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) को ऐसे मामलों का पता करने के लिए लगाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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