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बंगाल के बाद अब गुजरात में हुआ डॉक्टर पर हमला, रुखसार पठान के 7 परिजनों पर मामला दर्ज

अपनी शिकायत में डॉक्टर ने बताया कि जब महिला के परिजनों ने उन्हें वहाँ देखा तो उनपर हमला कर दिया और खींचते हुए अस्पताल के बाहर मुख्य गेट पर ले गए। बाद में जमलपुर ब्रिज के पास एक सुनसान जगह ले जाया गया और दबाव बनाया गया कि......

अभी कुछ ही महीने बीते हैं जब पश्चिम बंगाल में मोहम्मद शाहिद नामक बुजुर्ग की मौत होने के बाद उसके परिजनों ने डॉक्टर परिबाह मुखोपाध्याय पर घातक हमला किया था और करीब 200 लोगों की भीड़ ने अस्पताल में उत्पात मचाया था। इस घटना के बाद देश भर के तमाम अस्पतालों से डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग उठी थी। जिसके कुछ दिन बाद उन्हें केवल ‘आश्वासन’ देकर शांत करवा दिया गया था। लेकिन अब 10 जून को हुई उस घटना को गुजरात में फिर दोहराया गया है। जहाँ फिर एक मुस्लिम महिला की मौत पर एक डॉक्टर को अगवा कर उसके साथ बदसलूकी करने का मामला सामने आया है।

दरअसल, गुजरात के एक निजी अस्पताल में बुधवार की रात रुखसार पठान नामक महिला की प्रसव के दौरान मौत हुई। जिसके बाद महिला के 7 परिजनों ने 35 वर्षीय डॉक्टर का अपहरण कर उसपर हमला किया। डॉक्टर का नाम कल्पेश नाकूम हैं। जो अस्पताल में बतौर एनेस्थिसियॉलॉजिस्ट मेडिकल टीम का हिस्सा हैं और जिन्हें बुधवार की रात अस्पताल में रुखसार पठान की डिलीवरी करवाने का काम दिया गया था। लेकिन डिलीवरी के दौरान अधिक खून बह जाने की वजह से उसकी मौत हो गई। जिसके बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में आकर हड़कंप मचाया और डॉक्टर को उठाकर एक सुनसान इलाके में ले गए, जहाँ उसपर जबरन दबाव बनाया गया कि वे स्वीकारें कि उन्होंने रुखसार के ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती। इसलिए उस महिला की मौत हुई।

डॉक्टर नाकूम ने महिला के परिजनों पर ये सारे आरोप लगाते हुए उनके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा “अपनी डॉक्टर प्रैक्टिस के अनुसार, मैनें मरीज को रीढ़ की हड्डी में एनेस्थेसिया दिया, जिसके बाद मुख्य सर्जन ने महिला का ऑपरेशन शुरू किया। महिला ने एक लड़की को जन्म दिया, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसका खून ज्यादा बहने लगा। महिला की खराब हालत देखते हुए 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस बुलवाई गई और उसे वीएस अस्पताल ले जाया गया। इस बीच मैंने नवकारी अस्पताल में ठहरकर कागजी काम करने का निर्णय लिया। लेकिन करीब 9 बजे मैंने देखा कि कुछ अस्पताल के रिसेप्शन पर आकर हड़कंप मचा रहे थे।”

इसके बाद अपनी शिकायत में डॉक्टर ने बताया कि जब महिला के परिजनों ने उन्हें वहाँ देखा तो उनपर हमला कर दिया और खींचते हुए अस्पताल के बाहर मुख्य गेट पर ले गए। बाद में जमलपुर ब्रिज के पास एक सुनसान जगह ले जाया गया और दबाव बनाया गया कि वे स्वीकारें कि उन्होंने सर्जरी के दौरान लापरवाही की। जिसके कारण उस महिला की मौत हुई।

डॉक्टर के मुताबिक उन लोगों ने इस बीच उनकी 3 वीडियो बनाई और बाद में उन्हें नारोल ड्रॉप कर दिया। जिसके बाद वे शिकायत करने थाने पहुँचे और आपबीती पुलिस को बताई।

शिकायत सुनने के तुरंत बाद पुलिस ने मामले पर संज्ञान लिया और अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 323 और 325 के तहत अपहरण एवं हमले का मामला दर्ज किया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ईलीस ब्रिज थाने की एक पुलिस अधिकारी ने इस मामले के संबंध में जानकारी देते हुए बताया है कि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई हैं। डॉक्टर के मुताबिक 7 लोगों पूरे वाकये में शामिल थे, जिनकी पहचान होना बाकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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