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मुंगेर SP-DM दोनों हटाए गए, 3 थानों में आगजनी: अनुराग की हत्या के विरोध में आक्रोशित लोगों का फूटा गुस्सा

चुनाव आयोग ने मुंगेर के हालात को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जाँच मगध के डिविजन कमिश्नर को दे दी गई है, जो सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौपेंगे।

बिहार के मुंगेर में मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिस फायरिंग (हालाँकि पुलिस का आरोप है उल्टा) और हत्या का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने आज (29 अक्टूबर, 2020) उग्र रुख अख्तियार कर लिया। गुरुवार को मुंगेर के लोगों ने जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय और एसडीओ आवास में जमकर तोड़फोड़ की।

इस दौरान लोगों ने कई गाड़ियों में आग भी लगा दी है और थाने पर पथराव किया है। ख़बरों के मुताबिक मुफस्सिल, कोतवाली और पूरब सराय – इन तीन थानों में आगजनी हुई है।

इस बीच चुनाव आयोग ने मुंगेर के हालात को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जाँच मगध के डिविजन कमिश्नर को दे दी गई है, जो सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौपेंगे। चुनाव आयोग ने मुंगेर में नए डीएम और एसपी को नियुक्त करने का भी आदेश दिया है, जिनकी तैनाती आज कर दी जाएगी। वहीं मुफसिल थानाध्यक्ष बासुदेवपुर ओपी अध्यक्ष को भी लाइन हाजिर किया गया है।

खबरों के अनुसार, सुबह सैकड़ों युवा सड़कों पर उतर गए और नारेबाजी करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक जा पहुँचे। इन्होंने एसपी कार्यालय परिसर में लगे एक वाहन के शीशे तोड़ डाले। पुलिस कार्यालय के आगे लगे बोर्ड को भी उखाड़ फेंका। इसके बाद युवाओं की टोली शहर में प्रदर्शन करते हुए पूरबसराय ओपी पहुँची। युवाओं ने पूरबसराय ओपी के सामने खड़ी पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया।

यह लोग पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग कर रहे थे। बाद में भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। इसके बाद युवा शांत हुए। इस घटना के बाद हर चौक-चौराहे पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है।

गौरतलब है कि मुंगेर में सोमवार (अक्टूबर 26, 2020) की रात माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन यात्रा पर मुंगेर पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन की खासी आलोचना हो रही है। एक के बाद एक आई हृदयविदारक तस्वीरों से लोग आक्रोशित हैं। एसपी और जदयू सांसद आरसीपी सिंह की बेटी लिपि सिंह ने दावा किया था कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया और गोलीबारी की, जिसके बाद अपने बचाव में पुलिस ने कार्रवाई की।

इस घटनाक्रम में एक व्यक्ति की मौत भी हुई है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर पथराव किया। वहीं पहले पुलिस ने इस बात से भी इनकार किया था कि उसकी गोली से किसी की मृत्यु हुई है, या फिर कोई घायल हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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