Wednesday, July 17, 2024
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नंदबाबा मंदिर में नमाज पढ़ने वाला फैजल खान निकला कोरोना पॉजिटिव, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

रिपोर्ट आने के बाद उसे एम्बुलेंस के जरिए न्यायालय लाया गया, जहां ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने स्वयं कोर्ट से बाहर आकर उसे देखा और 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

मथुरा के नंदगाँव स्थित मंदिर में नमाज पढ़ने वाला फैजल खान कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। फैजल खान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसकी कोरोना जाँच कराई गई, जो पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट आने के बाद उसे एम्बुलेंस के जरिए अदालत लाया गया, जहाँ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने स्वयं कोर्ट से बाहर आकर उसे देखा और 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। शनिवार को थाना बरसाना क्षेत्र के नंद गाँव स्थित नंद मंदिर में शनिवार को खुदाई खिदमतगारों ने नमाज पढ़ी थी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई है।

29 अक्टूबर को पढ़ी थी मंदिर में नमाज

29 अक्टूबर को फैसल ने अपने साथी चाँद के साथ बरसाना के नंदगाँव स्थित नंदबाबा मन्दिर में नमाज पढ़ी। इस मामले की फोटो 1 नबम्बर को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कम्प मच गया था। मामले में सेवायत कान्हा गोस्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिस पर पुलिस ने धारा 153a, 295, 505 में मामला दर्ज कर फैसल को सोमवार की देर शाम दिल्ली के जामिया नगर से गिरफ्तार कर लिया।

सेवायत ने दर्ज कराई थी एफआईआर

मामले में मंदिर के सेवायत गोस्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि 29 अक्टूबर को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे फैजल खान और चाँद मोहम्मद, जो दिल्ली के खुदाई खिदमतगार संस्था के सदस्य हैं, इसी संस्था के आलोक रतन और नीलेश गुप्ता के साथ आए। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मुस्लिम युवकों ने बिना अनुमति लिए और जानकारी के मंदिर प्रांगण में नमाज अदा की और नमाज पढ़ते हुए के अपने फोटो अपने साथियों से सोशल मीडिया पर वायरल कराए। इनके इस कृत्य से हिन्दू समुदाय की भावनाएँ आहत हुई हैं और आस्था को गहरी चोट पहुँची है। 

हिन्दुओं ने मंदिर में हवन कर के गंगाजल से शुद्धिकरण किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि बिना अनुमति मंदिर में घुस नमाज पढ़ने के कारण उन्हें शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। भक्तों ने पंडितों के साथ बैठ कर पूरी प्रक्रिया के साथ हवन-पूजन किया। वहीं विश्व हिन्दू परिषद ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘नमाज जिहाद’ करार दिया। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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