Homeदेश-समाजशाहीनबाग वाली दादी बताने को लेकर कंगना पर किसान दादी ने किया केस, कहा-...

शाहीनबाग वाली दादी बताने को लेकर कंगना पर किसान दादी ने किया केस, कहा- मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा

लगभग एक महीने पहले कंगना रनौत ने गलती से किसान आंदोलन में शामिल एक बुजुर्ग महिला को शाहीनबाग विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लेनी वाली दादी 'बिल्किस बानो' समझ लिया था।

कंगना रनौत एक बार फिर कानूनी दाँवपेंच में फँस गई हैं। दरअसल, किसान आंदोलन को लेकर एक महीने पहले किए गए एक ट्वीट की वजह से उन पर 73 वर्षीय महिला किसान महिन्दर कौर ने मानहानि का मामला दर्ज किया है। ट्वीट में कंगना ने उन्हें गलती से ‘शाहीनबाग वाली दादी’ बता दिया था। हालाँकि बाद में विवाद बढ़ता देख कंगना ने ट्वीट डिलीट कर दिया था। अभिनेत्री के खिलाफ बठिंडा कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई है।

पंजाब के बहादुरगढ़ जंडिया गाँव की निवासी महिन्दर कौर ने शुक्रवार (8 जनवरी, 2021) को वकील रघबीर सिंह के माध्यम से आईपीसी की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत अभिनेत्री के खिलाफ मुकदमा दायर किया। कौर ने आरोप लगाया कि अभिनेत्री के उसे सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है, जिसमें उन्हें शाहीनबाग की दादी (बिल्किस बानो) बताया गया था।

बुजुर्ग महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि कंगना के ट्वीट की वजह से उन्हें अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और पब्लिक की नजरों में काफी मानसिक तनाव, पीड़ा, उत्पीड़न, अपमान, प्रतिष्ठा की हानि और मानहानि से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि ट्वीट को लेकर कंगना रनौत ने उनसे अभी माफ़ी भी नहीं माँगी है। महिला ने दावा किया कि वह और उनका पूरा परिवार किसान है। वे अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं और इस कारण वे पहले दिन से ही ‘किसानों के विरोध’ का समर्थन कर रहे हैं।

गौरतलब है कि लगभग एक महीने पहले कंगना रनौत ने गलती से किसान आंदोलन में शामिल एक बुजुर्ग महिला को शाहीनबाग विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लेनी वाली दादी ‘बिल्किस बानो’ समझ लिया था। उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट को रिट्वीट किया, जिसमें दावा किया गया कि किसान विरोध-प्रदर्शन में अब बिल्किस बानो दादी भी शामिल हो गई हैं। रनौत ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था कि दादी को अब किसान विरोध-प्रदर्शन के लिए हायर कर लिया गया है। बाद में विवाद बढ़ता देख कंगना ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि अभिनेत्री के ट्वीट को लेकर चंडीगढ़ के एक वकील हाकम सिंह ने भी उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया था। उन्होंने एक बुज़ुर्ग महिला का मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा था और सात दिनों के भीतर रनौत से सार्वजनिक माफी माँगने के लिए कहा था।

गौरतलब है कि टाइम पत्रिका 2020 के शीर्ष 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल शाहीनबाग की दादी हाल ही में किसान विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं थी। हालाँकि, उन्हें सिंघु बॉर्डर पर मौजूद पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच दादी को उनकी सुरक्षा के लिए रोका गया, क्योंकि वह वरिष्ठ नागरिक हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -