Homeदेश-समाजकार से आए, उठा ले गए... एक ही परिवार की 2 नाबालिग लड़कियों का...

कार से आए, उठा ले गए… एक ही परिवार की 2 नाबालिग लड़कियों का अपहरण, मोईन, इम्तियाज, छोटकऊ और छोटकऊ की बहन पर FIR

पीड़ित उस दिन किसी बारात में गया था। जब सुबह वह अपने घर लौटा तो उसे अपने घर की एक अन्य 7 साल की बच्ची ने पूरी बात बताई।

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक हिन्दू परिवार की 2 नाबालिग लड़कियों के अपहरण की खबर है। दोनों पीड़िताएँ आपस में चचेरी बहनें हैं। अपहरण का आरोप, दूसरे समुदाय के 4 लोगों पर लगा है। आरोपितों में 3 युवक और एक लड़की भी शामिल है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अभी तक न तो लड़कियाँ बरामद हुईं हैं और न ही किसी आरोपित की गिरफ्तारी हो पाई है। गाँव में तनाव को देखते हुए एहतियातन पुलिस फ़ोर्स तैनात कर दी गई है। घटना रविवार (11 मार्च 2023) की है।

घटना बहराइच के रानीपुर थानाक्षेत्र के गाँव जिगिनिया की है। यहाँ का रहने वाला पीड़ित OBC समुदाय से है। वह कारपेंटर (बढई) का काम कर के अपने परिवार का गुजारा करता है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित ने बताया कि उसकी 16 साल की बेटी और उनके भतीजे की भी 16 वर्षीया बेटी 11 मार्च को शौच के लिए गाँव की नहर पर गईं थीं। इस दौरान वहाँ उसी गाँव का रहने वाला 25 साल का इम्तियाज और मुसीबत अली का 20 साल का बेटा छोटकऊ घात लगाए बैठे थे। दोनों आरोपितों ने एक 4 पहिया वाहन से दोनों नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर लिया।

शिकायत के मुताबिक, पीड़ित उस दिन किसी बारात में गया था। जब सुबह वह अपने घर लौटा तो उसे अपने घर की एक अन्य 7 साल की बच्ची ने पूरी बात बताई। मामले की जानकारी होते ही पीड़ित ने अपनी तरफ से अपनी बेटी और भतीजे की बेटी को खोजने की कोशिश की। इसी दौरान उसे पता चला कि अपहरण में 40 साल के मोईन और मुसीबत अली की 19 वर्षीया बेटी ने भी सहयोग किया है। नाबालिग बच्चियों को खुद से खोज कर हार गए पीड़ित ने आख़िरकार पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

रानीपुर थाना पुलिस ने इस मामले को IPC की धारा 364 के तहत दर्ज किया। मामले में मोईन, इम्तियाज, छोटकऊ और छोटकऊ की बहन को नामजद आरोपित बनाया गया। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। हमसे बात करते हुए पीड़ित पिता ने बताया कि उनके गाँव में मुस्लिम आबादी लगभग 70% है। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें बच्चियों को जल्द बरामद करने और आरोपितों को गिरफ्तार करने का भरोसा दे रही है। बकौल पीड़ित गाँव में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -