Tuesday, April 16, 2024
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‘ठाकुर’ लिखे जूते बेच रहा नासिर लिया हिरासत में तो यूपी पुलिस पर भड़कीं RJ सायमा

जबकि सच्चाई ये है कि लोगों की शिकायत पर कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। इस मामले में IPC की धाराओं 153-A (धर्म, भाषा, नस्ल वगैरह के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश करना), 323 (किसी को स्वेच्छा से चोट पहुँचाना) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नासिर को पुलिस ने हिरासत में लिया है। वो ‘ठाकुर’ लिखे जूते बेच रहा था, जिसके बाद कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि इससे किसी खास जाति के खिलाफ घृणा फैलाई जा रही है और उसे अपमानित किया जा रहा है। यूपी में सरकार जातिवाद और जातीय वैमनस्य को लेकर पहले से ही सख्त है। पुलिस ने दुकानदार नासिर को हिरासत में लिया, जिसके बाद रेडियो मिर्ची की RJ सायमा भड़क गईं।

अब दुकानदार कह रहा है कि वो तो सिर्फ इन जूतों को बेचने का काम करता है, इसे बनाती तो कंपनी है। पुलिस ने जानकारी दी कि इस सम्बन्ध में थाना गुलावठी पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत है। अभियोग में नामित अभियुक्त पुलिस हिरासत में है एवं अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है। RJ सायमा ने इसे मजाक बताते हुए लिखा कि पकड़ना ही है तो उन्हें पकड़ें जिन्होंने ये जूते बनाए, एक बेचारे दुकानदार को हिरासत में क्यों?

जबकि सच्चाई ये है कि लोगों की शिकायत पर कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। इस मामले में IPC की धाराओं 153-A (धर्म, भाषा, नस्ल वगैरह के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश करना), 323 (किसी को स्वेच्छा से चोट पहुँचाना) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं कुछ लोगों का दावा था कि ये ‘ठाकुर फुटवियर’ की कंपनी है।

उनका दावा है कि जैसे ‘बजाज’ अपना नाम अपने स्कूटरों पर छापता है, ठीक उसी तरह ये भी जूतों पर ‘ठाकुर’ शब्द लिखता है। इस पूरे विवाद के बाद यूपी पुलिस ने भी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस ने कहा है कि इस प्रकरण में वर्तमान विधि व्यवस्था के अनुसार जो सुसंगत था वह एक्शन लिया गया है, यदि पुलिस एक्शन न लेती तो बहुत से लोग उलटी/भिन्न प्रतिक्रिया देते। बुलंदशहर पुलिस ने कहा, “अतः, पुलिस ने नियम का पालन किया है। कृपया इसे इसी रूप में देखें।”

हालाँकि, जिस युवक ने शिकायत दर्ज कराई है उसका कहना है कि दुकानदार नासिर ने उसके साथ झगड़ा भी किया था। उसने जब ‘ठाकुर’ लिखे जूतों पर आपत्ति जताई तो वो लड़ाई पर उतर आया, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत की। असल में शिकायत दर्ज कराने वाले ने ही आरोप लगाया है कि इस मामले में दुकानदार और कंपनी, दोनों ही दोषी हैं। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है, जिसके बाद सुसंगत कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

RJ सायमा अक्सर अपनी कट्टरवादी विचारधारा के कारण विवादों में रहती हैं। अक्टूबर 2020 में  ‘रेडियो मिर्ची’ ने एक ट्वीट में ‘जिहाद, आतंकवाद नहीं है’ लिखकर इस्लामी कट्टरपंथियों का बचाव किया गया था। साथ ही RJ सायमा की ‘उर्दू की पाठशाला’ में ‘काफिर’ अंग्रेजी में ‘Non Believer’ बताया गया था, अर्थात किसी चीज में अविश्वास करने वाला। उन्होंने इस शब्द के महिमामंडन के लिए एक शायरी भी पढ़ी थी: ‘एक बेवफा के प्यार में हद से गुजर गए, काफिर के प्यार ने हमें काफिर बना दिया।‘

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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