Sunday, April 21, 2024
Homeदेश-समाजबजट 2019: वो पाँच बड़ी बातें जो आपको पता होनी चाहिए

बजट 2019: वो पाँच बड़ी बातें जो आपको पता होनी चाहिए

औसत मुद्रास्फीति की दर 2000-2014 में 10.1% थी जो कम होकर 4.6% हो गई है। दिसंबर 2018 में मुद्रास्फीति केवल 2.19% थी।

संसद में शुक्रवार को कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट 2019 पेश किया। सरकार द्वारा पेश किए गए इस बजट में ‘सबका साथ सबका विकास’ की मूल भावना का ख़याल रखा गया। यही वजह है कि सरकार ने किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए कई बड़ी घोषणा की। ऐसे में बजट 2019 से जुड़ी वो पाँच बातें जिसके बारे में आपको पता होनी चाहिए।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध कदम

रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता के नए युग का सूत्रपात करते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने रियल एस्टेट (नियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (रेरा) तथा बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 ने उन आर्थिक अपराधियों की परिसंपत्तियों को ज़ब्त करने और उनका निपटारा करने में सहायता प्रदान की है जो देश के न्यायाधिकार से बच निकलते हैं। उन्होंने कहा कि कोयला जैसे प्राकृतिक संसाधनों तथा स्पेक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।

स्वच्छता

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा शुभारंभ किए गए स्वच्छता मिशन की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि देश ने 98% ग्रामीण स्वच्छता कवरेज का लक्ष्य हासिल किया है। 5.45 लाख गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है।

ईडब्ल्यूएस आरक्षण

आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार 25% (लगभग 2 लाख) अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था करेगी। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान आरक्षित व्यवस्था पर जिसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

ग़रीबों के लिए अनाज

वित्त मंत्री ने कहा कि ग़रीबों तथा मध्यम वर्ग के परिवारों को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए 2018-19 में 1,70,000 करोड़ रुपए ख़र्च हुए हैं। 2019-20 के बजट अनुमान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के लिए 60 हजार करोड़ रुपए की धनराशि का आवंटन किया गया है।

राजकोषीय घाटे और मुद्रास्फीति में कमी

बजट के दौरान गोयल ने कहा कि 2011-12 के 5.8% तथा 2012-13 के 4.9% की उच्च दर की तुलना में राजकोषीय घाटे को 2018-19 के संशोधित अनुमानों के अनुसार 3.4% पर लाया गया है।

वर्तमान सरकार के कामकाज़ के बारे में जानकारी देते हुए गोयल ने कहा कि औसत मुद्रास्फीति की दर 2000-2014 में 10.1% थी जो कम होकर 4.6% हो गई है। दिसंबर 2018 में मुद्रास्फीति केवल 2.19% थी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस वर्ष चालू खाता घाटा जीडीपी के केवल 2.5% रहने की संभावना है। 6 वर्ष पहले यह केवल 5.6% था। श्री गोयल ने कहा कि मजबूत मूलभूत घटकों तथा स्थिर नियामक व्यवस्था के कारण देश में पिछले 5 वर्षों के दौरान 239 बिलियन डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) हुआ है। उन्होंने कहा कि संरचनात्मक कर सुधार के मामले में वस्तु एवं सेवाकर एक मील का पत्थर है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कई मासूम लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर चुका है चंद्रशेखर रावण’: वाल्मीकि समाज की लड़की ने जारी किया ‘भीम आर्मी’ संस्थापक का वीडियो, कहा...

रोहिणी घावरी ने बड़ा आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' अपनी शादी के बारे में छिपा कर कई बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खेल चुके हैं।

BJP को अकेले 350 सीट, जिस-जिस के लिए PM मोदी कर रहे प्रचार… सबको 5-7% अधिक वोट: अर्थशास्त्री का दावा- मजबूत नेतृत्व का अभाव...

अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला के अनुमान से लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी अकेले अपने दम पर 350 सीटें जीत सकती है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe