Homeदेश-समाजघर में घुस कर सगी बहनों से गैंगरेप: अकरम, शाहरुख, जैद और तसलीम ने...

घर में घुस कर सगी बहनों से गैंगरेप: अकरम, शाहरुख, जैद और तसलीम ने दबोचा, कट्टा सटाकर किया सामूहिक बलात्कार फिर वीडियो कर दिया वायरल

ये वारदात पलवल जिले के उटावड़ थाना क्षेत्र का है। जहाँ पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर 5 नामजद लोगों के खिलाफ गैंगरेप समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

हरियाणा के पलवल में दो सगी बहनों से गैंगरेप का मामला सामने आया है। यहाँ पीड़ित परिवार जंगल में रहता है, जो दूध का काम करता है। आरोप है कि अकरम, शाहरुख, जैद और तसलीम ने मौका पाकर घर में ही दोनों के साथ गैंगरेप को अंजाम दिया और वीडियो बना लिया। इस वीडियो के दम पर वो लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहे थे और फिर से संबंध बनाने की जिद कर रहे थे। दोनों बहनों ने जब मना कर दिया, तो छोटी बहन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

ये वारदात पलवल जिले के उटावड़ थाना क्षेत्र का है। जहाँ पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर 5 नामजद लोगों के खिलाफ गैंगरेप समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित परिवार जंगल में घर बनाकर रहता है। यहाँ पर शेर खान का परिवार उनके घर से दूध लेता था। पीड़िता का आरोप है कि शेर खान दे बेटे अकरम और शाहरुख उसकी छोटी बहन पर गलत नीयत रखते थे। इस बीच उनके पिता बीमार हो गए तो सभी परिजन उन्हें लेकर अस्पताल गए।

इसके बाद रात करीब 9 बजे अकरम, शाहरुख, जैद और तसलीम उर्फ तस्सी उनके खेतों पर आए और दोनों बहनों को दबोच लिया। इस दौरान शाहरुख ने देसी कट्टा कनपटी पर तान दिया और सभी लोगों ने गैंगरेप को अंजाम दिया और वीडियो भी बना लिया।

उन्होंने किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। कुछ समय बाद आरोपितों ने दोनों बहनों को फिर से अपने पास बुलाया, जब उन्होंने मना कर दिया, तो उन लोगों ने वीडियो वायरल कर दिए। इस वीडियो के बारे में जब पीड़ितों के भाई को पता चला तो उसने विरोध किया, जिसके बाद उसके साथ आरोपितों ने मारपीट की और मुँह बंद रखने की चेतावनी दी।

उटावड़ थाना के प्रभारी टेक सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने बताया कि गैंगरेप के साथ अन्य जरूरी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -