Homeदेश-समाजAltNews वाले मोहम्मद जुबैर ने किया 'राम का नाम बदनाम', गाजियाबाद पुलिस करेगी कार्रवाई

AltNews वाले मोहम्मद जुबैर ने किया ‘राम का नाम बदनाम’, गाजियाबाद पुलिस करेगी कार्रवाई

अब्दुल समद सैफी की वीडियो सोशल मीडिया पर जब वायरल हुई तो मोहम्मद जुबैर और अन्य लोगों ने दावा किया कि उनसे यूपी के गाजियाबाद में जबरदस्ती ‘जय श्री राम’ बुलवाया गया और मारपीट कर जबरन उनकी ढाढ़ी काट दी गई।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई की घटना में जबरदस्ती ‘जय श्रीराम’ का एंगल देकर झूठ फैलाने के मामले में ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर पर गाजियाबाद पुलिस कार्रवाई करेगी।

इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था,

“टोना टोटका करने और ताबीज के नाम पर एक गर्भवती महिला की जिंदगी तबाह करने पर पीटा गया, पीटने में आदिल, आरिफ और मुशाहिद भी शामिल थे। लेकिन राम का नाम बदनाम करने और यूपी में दंगा भड़काने के लिए दंगाइयों ने कुछ और ही कहानी गढ़ डाली। गाजियाबाद पुलिस कृप्या संज्ञान ले।”

इस ट्वीट के जवाब में गाजियाबाद पुलिस ने जानकारी दी कि उन्होंने मामले में संज्ञान ले लिया है और आगे नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि कथित ‘फैक्ट चेक’ वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने बिना तथ्यों को जानें 14 जून को सोशल मीडिया पर मुस्लिम बुजुर्ग की वीडियो अपलोड की थी। अपने ट्वीट में जुबैर ने लिखा था, “एक बुजुर्ग आदमी, सूफी अब्दुल समद सैफी पर गाजियाबाद के लोनी में 5 गुंडों ने हमला किया। उन्हें बंदूक की नोक पर मारा गया, प्रताड़ित किया गया और जबरदस्ती उनकी दाढ़ी काट दी गई।”

अगले ट्वीट में जुबैर ने अब्दुल के बयान की पूरी वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट में लिखा, “ये अब्दुल समद सैफी की घटना को बयान करते हुए पूरी वीडियो है। उनका दावा है कि उनसे जबरदस्ती जय श्रीराम का नारा बुलवाया गया।”

गाजियाबाद पुलिस ने बताई हकीकत

अब्दुल समद सैफी की वीडियो सोशल मीडिया पर जब वायरल हुई तो मोहम्मद जुबैर की तरह कई अन्य लोगों ने दावा किया कि उनसे यूपी के गाजियाबाद में जबरदस्ती ‘जय श्री राम’ बुलवाया गया और मारपीट कर जबरन उनकी ढाढ़ी काट दी गई।

गाजियाबाद पुलिस ने बताया कि ये घटना जून 5, 2021 की है, जिसके बारे में पुलिस के समक्ष 2 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जब पुलिस ने जाँच की, तो पाया कि पीड़ित अब्दुल समद बुलंदशहर से लोनी बॉर्डर स्थित बेहटा आया था। वो एक अन्य व्यक्ति के साथ मुख्य आरोपित परवेश गुज्जर के घर बंथना गया था। वहीं पर कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद आ गए।

वहाँ पर बुजुर्ग के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। अब्दुल समद ताबीज बनाने का काम करता है। आरोपितों का कहना है उसके ताबीज से उनके परिवार पर बुरा असर पड़ा। अब्दुल समद गाँव में कई लोगों को ताबीज दे चुका था। आरोपित उसे पहले से ही जानते थे। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपित पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। कल्लू और आदिल भी गिरफ्तार कर लिए गए। अन्य अभियुक्तों की जल्द गिरफ़्तारी का आश्वासन भी पुलिस ने दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -