Homeदेश-समाजट्विटर के बाद अब Google ने दिखाया भारत का गलत नक्शा, जम्मू कश्मीर और...

ट्विटर के बाद अब Google ने दिखाया भारत का गलत नक्शा, जम्मू कश्मीर और लद्दाख को हटा दिया

अगर आप गूगल के ट्रेंड सेक्शन में जाएँगे और भारत के मौजूदा ऑनलाइन सर्च ट्रेंड्स को चेक करेंगे तो पाएँगे कि उसी वेबपेज पर जो भारत का नक्शा है, वो गलत है।

दिग्गज सर्च इंजन गूगल (Google) भी अब माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर की राह पर चल पड़ा है। गूगल ने अपने ‘ट्रेंड्स’ सेक्शन में भारत का गलत नक्शा दिखाया, जिसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख के हिस्सों को गायब कर दिया गया है। अगर आप गूगल के ट्रेंड सेक्शन में जाएँगे और भारत के मौजूदा ऑनलाइन सर्च ट्रेंड्स को चेक करेंगे तो पाएँगे कि उसी वेबपेज पर जो भारत का नक्शा है, वो गलत है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने गूगल (Google) को भारत का गलत नक्शा दिखाए जाने पर आपत्ति जताई और उसे नक्शा जल्द से जल्द सुधारने की सलाह दी। लोगों ने इस दौरान भारत सरकार द्वारा डाले गए नक़्शे को भी शेयर किया। भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने के बाद दोनों का स्पष्ट नक्शा जारी कर दिया था, बावजूद इसके Google और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म इन्हें भारत का हिस्सा नहीं दिखा रहे हैं।

Google ने ऐसा तब किया है, जब आज ही अमेरिकी माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान और लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाने के बाद भारत के गलत नक्शे को हटा लिया है। लेकिन, इससे उसकी मुश्किलें कम नहीं हुई। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बजरंग दल के एक नेता की शिकायत पर ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) मनीष माहेश्वरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

सोमवार (28 जून, 2021) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत के नक़्शे से अलग दिखाया था। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट की इस हरकत के बाद ही सरकार ने इसका खामियाजा भुगतने का इशारा कर दिया था। हालाँकि, मामला गरमाते ही ट्विटर ने वेबसाइट के कैरियर सेक्शन में दिख रहे नक्शे को बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा लिया था। बीजेपी की आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने भी ट्विटर को उसकी गैर जिम्मेदाराना हरकत के लिए आड़े हाथों लिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -