Sunday, July 14, 2024
Homeदेश-समाजरोहित जायसवाल मामला: देवरिया में है पीड़ित परिवार, थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मॉंग

रोहित जायसवाल मामला: देवरिया में है पीड़ित परिवार, थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मॉंग

पुलिस का पक्ष जानने के लिए ऑपइंडिया लगातार प्रयासरत रहा है, लेकिन थानाध्यक्ष अश्विनी तिवारी ने कम से कम 5 बार रिपोर्टर की कॉल को जल्दी-जल्दी में काट दिया। हम अभी भी संपर्क करने में जुटे हुए हैं ताकि पुलिस का पक्ष भी विस्तारपूर्वक सामने लाया जा सके।

अपडेट: बिहार के डीजीपी की जॉंच के बाद हम सूचनाओं को अपडेट कर रहे हैं। पीड़ित पिता इस दौरान कई बार अपने बयान से मुकरे हैं। लिहाजा उनकी ओर से किए गए सांप्रदायिक दावों को हम हटा रहे हैं। हमारा मकसद किसी संप्रदाय की भावनाओं का आहत करना नहीं था। केवल पीड़ित पक्ष की बातें सामने रखना था। इस क्रम में किसी की भावनाओं को ठेस पहुॅंची हो तो हमे खेद है।

गोपालगंज के रोहित जायसवाल मामले में पीड़ित परिवार के गॉंव छोड़ देने की खबर है। बिहार के गोपालगंज के कटेया थाना स्थित बेलहीडीह गाँव के राजेश जायसवाल के बेटे रोहित की लाश नदी से मिली थी। वे अपने बेटे की हत्या किए जाने का दावा कर रहे हैं।

पीड़ित परिवार अभी यूपी के देवरिया में रह रहा है। राजेश जायसवाल ने कटेया थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मॉंग की है।

बता दें कि राजेश जायसवाल ने आरोप लगाया था उनके बेटे की हत्या की गई है। पुलिस का पक्ष जानने के लिए ऑपइंडिया लगातार प्रयासरत रहा है लेकिन थानाध्यक्ष अश्विनी तिवारी ने कम से कम 5 बार रिपोर्टर की कॉल को जल्दी-जल्दी में काट दिया। हम अभी भी संपर्क करने में जुटे हुए हैं ताकि पुलिस का पक्ष भी विस्तारपूर्वक सामने लाया जा सके।

ऑपइंडिया ने एक बार फिर से हथुआ डीएसपी से बात कर के पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने ख़ुद के व्यस्त होने की बात कहते हुए फोन काट दिया। ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी अश्विनी तिवारी ने 22 दिनों तक मृतक रोहित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट दबा कर रखी।

थानाध्यक्ष अश्विनी तिवारी पर भी राजेश और उनकी पत्नी ने दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। राजेश ने ऑपइंडिया से कहा था- “थानाध्यक्ष ने मुझे गाली दी, मेरी पत्नी को गाली दी और मारपीट की। ऐसा व्यवहार किया जाता है क्या? उन्होंने अपनी पैंट खोल कर अश्लील इशारे किए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंह
अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

NITI आयोग की रिपोर्ट में टॉप पर उत्तराखंड, यूपी ने भी लगाई बड़ी छलाँग: 9 साल में 24 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले

NITI आयोग ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) इंडेक्स 2023-24 जारी की है। देश में विकास का स्तर बताने वाली इस रिपोर्ट में उत्तराखंड टॉप पर है।

लैंड जिहाद की जिस ‘मासूमियत’ को देख आगे बढ़ जाते हैं हम, उससे रोज लड़ते हैं प्रीत सिंह सिरोही: दिल्ली को 2000+ मजार-मस्जिद जैसी...

प्रीत सिरोही का कहना है कि वह इन अवैध इमारतों को खाली करवाएँगे। इन खाली हुई जमीनों पर वह स्कूल और अस्पताल बनाने का प्रयास करेंगे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -