Homeदेश-समाजCAA पर बवाल के बीच... Pak से प्रताड़ना का शिकार होकर भागे 7 शरणार्थियों...

CAA पर बवाल के बीच… Pak से प्रताड़ना का शिकार होकर भागे 7 शरणार्थियों को मिली नागरिकता

“2014 तक हमारे पास आधार कार्ड और बैंक खाते नहीं थे। भाजपा के सत्ता में आने के बाद ही हमें आधार कार्ड मिला और बैंक खाते खोले गए। मैं बहुत खुश हूँ कि अब मैं एक भारतीय नागरिक हूँ। यह हमारे लिए दिवाली की तरह है।”

देश भर में नागरिकता संशोधन कानून पर मचे बवाल के बीच पाकिस्तानी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार (दिसंबर 20, 2019) को गुजरात में 7 पाकिस्तानी शरणार्थियों को नागरिकता दी गई। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कच्छ में इन्हें नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया। ये लोग पाकिस्तान से प्रताड़ना का शिकार होकर गुजरात आए हैं। इस तरह से शरणार्थियों को नागरिकता देने के मामले में गुजरात पहले नंबर पर आ गया है। 

मनसुख मांडविया ने इस बारे में ट्वीट करते हुए लिखा, “आज (दिसंबर 20, 2019) कच्छ, गुजरात में पाकिस्तान से आए शरणार्थियों से मुलाकात की और 7 शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाणपत्र दिया। CAA को लेकर सभी में उत्साह और जश्न का माहौल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा लिया गया ये ऐतिहासिक फैसला इन लोगों के जीवन मे नया सवेरा लेकर आया है।”

2007 में पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर भारत आए मेहताब सिंह ने कहा, “मैंने 2007 में पाकिस्तान छोड़ दिया था। यह एक इस्लामिक गणराज्य है। वहाँ मंदिरों को तोड़ दिया जाता है। हिंदू लड़कियों और महिलाओं को अगवा किया जाता है और उन पर अत्याचार किया जाता है। यहाँ तक कि वहाँ की पढ़ाई भी इस्लामिक है।”

उन्होंने आगे कहा, “2014 तक हमारे पास आधार कार्ड और बैंक खाते नहीं थे। भाजपा के सत्ता में आने के बाद ही हमें आधार कार्ड मिला और बैंक खाते खोले गए। मैं बहुत खुश हूँ कि अब मैं एक भारतीय नागरिक हूँ। यह हमारे लिए दिवाली की तरह है।”

इससे पहले पाकिस्तान से आई एक महिला हसीना बेन को बिना किसी तामझाम के केवल मेरिट और मानवता के आधार पर गुजरात में भारत की नागरिकता प्रदान की गई थी। बता दें कि हसीना बेन मूलरूप से भारत की ही रहने वाली थीं, लेकिन 1999 में निक़ाह हो जाने के बाद वो पाकिस्तान चली गईं थी। पाकिस्तान में उनके शौहर की मृत्यु हो जाने पर उन्होंने भारत वापस आने का फ़ैसला किया। दो साल पहले ही उन्होंने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया था। उन्हें 18 दिसंबर 2019 को भारत सरकार की तरफ़ से भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने कहा कि गुजरात में हजारों शरणार्थी हैं, जो कि पाकिस्तान में हुए धार्मिक उत्पीड़न के कारण भाग कर यहाँ आए हैं। नागरिकता (संशोधन) कानून 2019 (CAA) आने के बाद उन्हें भारतीय नागरिकता मिल रही है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शुक्रगुजार हैं। 

नागरिकता संशोधन कानून के अमल में आने के बाद गुजरात में बसे हजारों पाकिस्‍तानी शरणार्थियों के भारत का नागरिक बनने का मार्ग प्रशस्‍त हो गया है। वर्ष 1952 में पाकिस्‍तान के सिंध से आए सिंधी, लोहाणा, कोली, थरपाकर,बादिन थट्टा, महेश्‍वरी आदि समुदाय के हजारों लोग शरणार्थी के रूप में अहमदाबाद, गाँधीनगर, कच्‍छ, बनासकांठा, पाटण, मोरबी में आकर बस गए थे। 

उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 19 दिसंबर को गुजरात में भी हिंसक प्रदर्शन हुआ था। अहमदाबाद के शाह आलम में भीड़ ने पुलिस पर भारी पथराव किया था। इसमें 19 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने कई उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया था।

कॉन्ग्रेस पार्षद शहजाद खान ने पुलिस को मारने के लिए भीड़ को उकसाया, कहा- एक भी पुलिस वाले को मत छोड़ना

सपा सांसद शफीकुर्रहमान के ख़िलाफ़ मामला दर्ज, 3000 दंगाई हिरासत में: योगी सरकार की सख़्त कार्रवाई

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -