धर्म नहीं, क्रिकेट का झगड़ा था गुरुग्राम में हुए हमले का कारण – पुलिस ने कर दिया कंफर्म

ऑपइंडिया ने जब गुरुग्राम की पुलिस से इसके बारे में बात की तो यह तथ्य सामने निकलकर आया कि इस पूरी घटना का साम्प्रदायिकता से कोई वास्ता नहींं था।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक भीड़ ने मुस्लिम परिवार के घर में घुसकर लाठियों से खूब मारपीट की। सोशल मीडिया पर इस हमले को तुरंत साम्प्रदायिक करार दे दिया गया, क्योंकि वीडियो में पीड़ित मुसलमान था और हमलावरों की पहचान हिंदुओं के रूप में की गई। इस घटना के बाद राहुल गाँधी और कुछ अन्य लोगों ने बिना हक़ीकत का पता लगाए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। ऐसे लोगों ने जानने की भी कोशिश नहीं कि क्या वाकई ये हमला आरएसएस और भाजपा की विचारधारा से प्रेरित था?

दरअसल, यह हमला किसी साम्प्रदायिक घृणा का नतीज़ा नहीं था बल्कि क्रिकेट पर हुई लड़ाई इसका कारण थी। ऑपइंडिया ने जब गुरुग्राम की पुलिस से इसके बारे में बात की तो यह तथ्य सामने निकलकर आए। गुरुग्राम पुलिस द्वारा दिए बयान में यह साफ़ हुआ कि इस पूरी घटना का साम्प्रदायिकता से कोई वास्ता नहींं था।

सुभाष बोकन (पुलिस) ने बताया कि यह झगड़ा क्रिकेट के कारण शुरू हुआ था, जिसमें एक बच्चे को गेंद लग गई। और इसी बात पर उनका झगड़ा हो गया। क्रिकेट खेल रहे लड़को ने अपने दोस्तों को बुला लिया। जब उन्हें एहसास हुआ कि वे (पीड़ित परिवार) संख्या में कम हैं, तो वे घर में भाग गए। फिर, लड़को की यह पूरी भीड़ पीड़ित परिवार घर में घुसी और सबके साथ मारपीट की। पुलिस ने बताया कि यह कोई साम्प्रदायिक मामला नहीं है। यहाँ तक कि पीड़ित परिवार का भी कहना था कि यह सांप्रदायिकता नहीं है, वे लंबे समय से इस क्षेत्र में रह रहे हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अब इसके बाद जब यह सुनिश्चित हो गया कि यह मामला घृणा से संबंधित अपराध का न होकर क्रिकेट पर हुई एक लड़ाई का है, तो कुछ मीडिया हाउस इस घटना को साम्प्रदायिक विवाद बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि पीड़ित पक्ष को हमलावरों की ओर से ‘पाकिस्तान जाओ’ जैसी बातें कही गई। लेकिन जब सुभाष बोकन (पुलिस) से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष की ओर से ऐसी कोई शिक़ायत नहीं दर्ज कराई गई।

इसके अलावा पीड़ितों ने एबीपी न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में अपनी आपबीती भी सुनाई, और उस इंटरव्यू में भी उन्होंने कहीं भी इस बात का ज़िक्र नहीं किया कि हमलावरों ने उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए कहा। अब इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि मीडिया के एक वर्ग द्वारा ख़बर को ऐसा एंगल सिर्फ़ सनसनीखेज़ बनाने के लिए जोड़ा गया था, जबकि वास्तव में हमलावरों ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा था।

इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि पूरे मामले में जिस एंगल के साथ आरएसएस और भाजपा को टारगेट किया जा रहा था, वो पूर्ण रूप से निराधार था। इस घटना को बिना आपराधिक प्रवृति का बताए, कुछ तथाकथित सेकुलरों द्वारा सांप्रदायिक एंगल देकर केवल इसलिए पेश किया गया, ताकि मुसलमानों को पीड़ित के रूप में चित्रित किया जा सके।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

इनकी सावरकर से दुश्मनी केवल इसलिए है क्योंकि वह हिंदूवादी थे, और कॉन्ग्रेस की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण की है। हिन्दूफ़ोबिया इनकी वैचारिक नसों में है, तो इसलिए हिन्दू हितों की बात करने वाले को खलनायक या कमज़ोर दिखाना तो हिन्दूफ़ोबिया की तार्किक परिणति होगा ही।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

पति ने TIK-TOK चलाने से किया मना, पत्नी ने की आत्महत्या, रिकॉर्ड किया मौत का वीडियो

24 वर्षीय अनीता की शादी 29 साल के पलानीवेल के साथ हुई थी। उनके चार साल की एक बेटी और दो साल का एक बेटा भी है।
दीदी, सुरक्षा दो या इस्तीफा

सईद की मौत पर 200 दंगाईयों को बुलाकर डॉक्टरों पर हमला करने वालों को ममता क्यों बचा रही है?

पथराव शुरू हुआ, डॉक्टरों पर जानलेवा हमले हुए तो पुलिस ने क्यों नहीं रोका? क्यों डॉक्टरों की जान बचाने के लिए दंगाईयों पर नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई नहीं की गई? जवाब हम सब को पता है। क्योंकि हमलावर मुसलमान थे- अगर उन्हें कुछ हो जाता तो ममता के वोट बैंक को खतरा था।
कमांडो निराला (फाइल फोटो)

देश के लिए बलिदान हुए थे कॉर्पोरल निराला, गरुड़ कमांडो ने पैसे जुटाकर कराई बहन की शादी

कमांडो निराला की बहन की शादी के लिए गरुड़ कमांडो यूनिट ने आपस में चंदा कर ₹5 लाख इकठ्ठा किए थे। यही नहीं, शादी की रस्म पूरी करने के लिए कमांडोज़ ने शादी में शिरकत भी की।
दि प्रिंट और दीपक कल्लाल

सेक्स ही सेक्स… भाई साहब आप देखते किधर हैं, दि प्रिंट का सेक्सी आर्टिकल इधर है

बढ़ते कम्पटीशन के दौर में सर्वाइवल और नाम का भार ढोते इन पोर्टलों के पास नग्नता और वैचारिक नकारात्मकता के अलावा फर्जीवाड़ा और सेक्स ही बचता है जिसे हर तरह की जनता पढ़ती है। लल्लनपॉट यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में पीएचडी करने वाले ही ऐसा लिख सकते हैं।

NDTV के प्रणय रॉय और राधिका रॉय को झटका, SEBI ने 2 साल के लिए किया बैन

NDTV पिछले कई सालों से वित्तीय अनियमितताओं और टैक्स फ्रॉड के कारण जाँच एजेंसियों के रडार पर थी। सेबी ने सिक्योरिटी एक्सचेंज मार्केट में लेन-देन और NDTV मैनेजमेंट में किसी भी पोस्ट से 2 साल के लिए बाहर कर दिया है।
सावरकर (साभार: इंडियन एक्सप्रेस)

सावरकर ‘वीर’ तब तक नहीं होंगे जब तक हिन्दू अपनी कहानियाँ खुद सुनाना नहीं सीखते

इनकी सावरकर से दुश्मनी केवल इसलिए है क्योंकि वह हिंदूवादी थे, और कॉन्ग्रेस की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण की है। हिन्दूफ़ोबिया इनकी वैचारिक नसों में है, तो इसलिए हिन्दू हितों की बात करने वाले को खलनायक या कमज़ोर दिखाना तो हिन्दूफ़ोबिया की तार्किक परिणति होगा ही।

सरकारी डॉक्टर की जान बनाम मुस्लिम वोटबैंक को निहारती निर्मम ममता जो दंगे पीती, खाती और सोती है

ये भीड़ इतनी जल्दी कैसे आती है, कहाँ हमला करती है और किधर गायब हो जाती है? क्या पुलिस ने नहीं देखा इन्हें? क्या हॉस्पिटल में सुरक्षा के लिए पुलिस आदि नहीं होती या फिर इस पहचानहीन भीड़ का सामूहिक चेहरा ममता की पुलिस ने पहचान लिया और उन्हें वो करने दिया जो वो कर गए?
ममता बनर्जी

घमंडी, फासीवादी, सांप्रदायिक, स्वेच्छाचारी, हिंसक, असंवैधानिक, तानाशाह, भ्रष्ट, अलगाववादी: यही हैं ममता

यह इकोसिस्टम कुतर्क में उस्ताद है। बंगाल की हर हिंसा में तृणमूल के साथ बराबर का भागीदार भाजपा को बना देता है। सांप्रदायिकता में भी यही रवैया अपनाता है।
अमित शाह, जदयू प्रवक्ता

अमित शाह और BSF को कोसने के बाद JDU प्रवक्ता ने खुद दिया इस्तीफ़ा

11 तारीख़ को आलोक ने ट्विटर पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था। साथ ही एक ट्वीट में उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों पर भी निशाना साधा था।
अक्षय पात्र, पुरस्कार

Akshay-Patra को मिला ग्लोबल अवॉर्ड, द हिंदू खोजता रह गया लहसुन-प्याज

इस पुरस्कार को देने के दौरान निर्णायक पैनल के प्रमुख शेफ़ सामीन नोसरात ने कहा कि स्कूलों में भोजन उपलब्ध कराना अद्भुत और शानदार कार्य है। बच्चों को भोजन करवाना सबसे महत्तवपूर्ण हैं। इस प्रकार के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

50,115फैंसलाइक करें
8,751फॉलोवर्सफॉलो करें
69,712सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: