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मदरसे में नाबालिग लड़कियों का गैंगरेप करवाता था मौलवी, इस्लाम सीखने जाती थीं: ₹10 लाख न देने पर वायरल कर दिया वीडियो

जब पीड़ित परिवार ब्लैकमेलिंग के तहत माँगे गए रुपए नहीं दे पाए तो आरोपितों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ये वारदात गुरुग्राम के पुन्हाना स्थित एक मदरसे की है।

हरियाणा के गुरुग्राम में दो नाबालिगों से गैंगरेप मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में मंगलवार (22 फरवरी 2022) को मौलवी मोहम्मद हसन और उसके 8 संबंधियों को मदरसे रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया गया। इन सभी पर मदरसे में नाबानलिगों के साथ अत्याचार का आरोप है। आरोपितों ने घटना का वीडियो बना लिया था, जिसे वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं के परिवार से 10 लाख रुपए की भी माँग की थी।

हालाँकि, जब पीड़ित परिवार ब्लैकमेलिंग के तहत माँगे गए रुपए नहीं दे पाए तो आरोपितों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। ये वारदात गुरुग्राम के पुन्हाना स्थित एक मदरसे की है। दरअसल, इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब आरोपितों ने इस वीडियो को वायरल कर दिया और इस पर एक पीड़िता के पिता की नजर पड़ी। बेटी के रेप का वीडियो देख वो तुरंत गुरुग्राम पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत करने पहुँचे। हालाँकि, तब तक वीडियो वायरल हो चुका था।

बहरहाल नाबालिग से गैंगरेप के मामले में मौलवी मोहम्मद हसन, जाहुलहक, फखरुद्दीन, मुस्तक, यूनुस, मुस्तफा, तैयब और वारिस की पहचान अब तक की गई है। अपनी शिकायत में पीड़िता के पिता ने पुलिस को ये भी बताया कि विवादित वीडियो को डिलीट करने के एवज में उनसे 10 लाख रुपए माँगे गए थे, लेकिन वो केवल 6 लाख रुपए ही जुटा पाए थे। इसी कारण वीडियो को रिलीज कर दिया गया।

मदरसे में पढ़ने जाती थीं पीड़िता

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को बताया गया है कि दोनों लड़कियाँ मदरसे में इस्लाम के बारे में पढ़ने के लिए जाती थीं। उसी मदरसे में मौलवी मोहम्मद हसन का रिश्तेदार तैयब और वारिस भी अक्सर जाता रहता था। वो लोग वहाँ पर लड़कियों को फंसाते थे और बाद में मौलवी को कुछ पैसे देकर नाबालिग लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाते थे।

इसी क्रम में तैयब और वारिस ने नाबालिग लड़कियों के साथ कुकर्म किया था। उन्होंने रेप और मारपीट का वीडियो बना लिया था, जिसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार उनका रेप कर रहे थे। इस बीच मौलवी मोहम्मद हसन, जाहुलहक, फखरुद्दीन, मुस्तक, यूनुस और मुस्तफा ने तैयब और वारिस को वीडियो से होने वाले खतरे के बारे में आगाह करते हुए धोखे से उस वीडियो को हासिल कर लिया और पीड़िता के परिजनों को ब्लैकमेल करते हुए उनसे 10 लाख रुपए माँगे।

बहरहाल पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 (POCSO) और भारतीय दंड संहिता 1860 (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की जाँच जारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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