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ज्ञानवापी के शिवलिंग को फव्वारा बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष ने की तोड़फोड़, ड्रिल से किया छेद: हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन का खुलासा, बोले- कोर्ट में साबित कर देंगे सच

विष्णु जैन ने सवाल किया है कि आखिर दूसरा पक्ष बाहर कहता है कि वो हिंदुओं की इज्जत कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में कहते हैं कि उन्हें वहीं वजू करना है जहाँ शिवलिंग है। ये कैसी इज्जत है हिंदुओं की।

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के वजूखाने में मिले शिवलिंग को लेकर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीएनएन-18 से बातचीत में उन्होंने बताया कि वजूखाने में मौजूद शिवलिंग को तोड़कर उसे फव्वारा बनाने का प्रयास हुआ है जिसका पता कुछ दिन पहले चला जब ये लोग फाउंटेन बनाने के लिए निर्मित ढाँचे को अपने साथ ले जा रहे थे।

विष्णु जैन ने शिवलिंग के नीचे बनाई गई आर्टिफिशियल दीवार को हटा कर जाँच की माँग की और एंकर से कहा,

“मैं आपको सच्चाई बता रहा हूँ। शिवलिंग इनके कब्जे में था वजू खाने में। ये लोग उसकी बेअदबी करते रहते थे। उसी में इन्होंने कुछ तोड़कर फव्वारे टाइप का ढाँचा बनाया। ये ढाँचा अब भी इनके स्टोर रूम में पड़ा हुआ है। अभी कुछ दिन पहले ये लोग उसे कहीं ले जा रहे थे तो सीआरपीएफ ने इन्हें रोक दिया… तो ये सब इन्होंने जो हमारे भगवान के साथ किया, हमारे देवता के साथ इन्होंने किया है, वो हमें पता है, उसकी लड़ाई हम लड़ रहे हैं, शिवलिंग हमको मिल गया है। अब उसकी पूजा आराधना करना उसका सम्मान करना हर हिंदू का फर्ज है।”

विष्णु जैन ने दावा किया कि अगर स्टोर रूम की वीडियो और फोटोग्राफी हो जाए तो ये साबित हो जाएगा कि कैसे शिवलिंग में ड्रिल घुसा कर उसे फाउंटेन बनाने का प्रयास हुआ। इससे ये भी साबित होगा कि कैसे शिवलिंग में 63 सेंटीमीटर छेद किया गया। शो में मौलाना से बातचीत के दौरान उन्होंने सवाल किया है कि आखिर दूसरा पक्ष बाहर कहता है कि वो हिंदुओं की इज्जत कर रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में कहते हैं कि उन्हें वहीं वजू करना है जहाँ शिवलिंग है। ये कैसी इज्जत है हिंदुओं की।

बता दें कि हिंदू मंदिरों को उनकी पहचान दोबारा दिलाने के लिए कई केस लड़ने वाले विष्णु जैन ने कहा है कि उनकी लीगल टीम भारत के गौरवशाली इतिहास को पहचान दिलाने के लिए काम करेगी और जब तक ये नहीं होता, वह नहीं रुकेंगे। उन्होंने बार एंड बेंच से बातचीत में पूजा के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि सर्वेक्षण के बाद परिसर में शिवलिंग मिला है। इस्लामी कानून के तहत ये जगह कभी मस्जिद नहीं हो सकती। वह अनुच्छेद 25 का हवाला देकर कहते हैं कि उन्हें वहाँ पर पूजा का अधिकार है। उन्होंने बताया कि मस्जिद में अगर मंदिर है या मंदिर को तोड़कर परिवर्तित करके मस्जिद बनाया गया है तो वो कभी मस्जिद नहीं गिना जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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