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ज्ञानवापी का वजू खाना सील, नमाजियों के लिए 50 लोटा-2 ड्रम पानी का इंतजाम: अंजुमन इंतजामिया ने कहा- मोहल्ले की मस्जिदों में पढ़े नमाज

वजूखाना वह जगह है, जहाँ नमाज से पहले नमाजी अपने हाथों और पैरों को धोते हैं। इस्लामी मान्यताओं के मुताबिक, ऐसा इबादत से पहले साफ-सफाई के लिए किया जाता है।

वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी ढाँचे के (Gyanvapi Masjid Shivling) वजू खाना शिवलिंग मिलने के बाद सील कर दिया गया है। इसे देखते हुए वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने नमाजियों के लिए विशेष इंतजाम करवाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशासन ने शुक्रवार (20 मई 2022) यानी जुम्मे की नमाज से पहले वजू करने के लिए विवादित ढाँचे में 50 लोटे और दो ड्रम पानी का इंतजाम करावाया है।

वहीं, वाराणसी के अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने लोगों से अपील की है कि वे शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में मस्जिद में न आएँ। इसका कारण ज्ञानवापी का वजूखाना सील किया जाना बताया गया है। लोगों से अपने मोहल्‍ले की मस्जिदों में ही जुम्मे की नमाज अता करने की अपील की गई है।

बताया जा रहा है कि जुम्मे की नमाज से पहले गुरुवार (19 मई 2022) को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने वाराणसी के मुस्लिम प्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने मुस्लिमों से शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए उन्हें नमाज से पहले वजू के लिए पूरा इंतजाम कराने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि ज्ञानवापी में नमाजियों को वजू करने में कोई समस्या न आए, इसके लिए परिसर में 2 ड्रम पानी और 50 लोटों का बंदोबस्त किया गया है।

गौरतलब है कि वाराणसी स्थित ज्ञानवापी विवादित (Gyanvapi Mosque Survey) ढाँचे में तीन दिनों तक सर्वे का काम चला था। तीसरे दिन हिन्दू पक्ष की तरफ से सोमवार (16 मई, 2022) को करीब 12 फीट 8 इंच लंबा शिवलिंग नंदी के सामने वजूखाने में मिलने का दावा किया गया था। जिसके बाद वाराणसी सिविल कोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर ने उस जगह को सील कर सीआरपीएफ के हवाले करने का निर्देश दिया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को आदेश दिया था कि जिस स्थान पर शिवलिंग मिला है, उसे सील कर पूरी सुरक्षा दी जाए, लेकिन इसके चलते नमाज में बाधा नहीं आनी चाहिए।

क्या होता है वजू खाना

वजू खाना वह जगह है, जहाँ नमाज से पहले नमाजी अपने हाथों और पैरों को धोते हैं। इस्लामी मान्यताओं के मुताबिक, ऐसा इबादत से पहले साफ-सफाई के लिए किया जाता है। वजूखाना मूलतः 2 शब्दों से मिल कर बना है। पहला वजू जिसका अर्थ होता है शरीर के अंगों को साफ करना और दूसरा खाना जिसका मतलब उस जगह से है जहाँ वजू किया जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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