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कर्नाटक के बाद केरल में हिजाब को लेकर हिंसा: मुस्लिम छात्र संगठनों ने स्कूल के बाहर किया उपद्रव, 3 पुलिसकर्मी घायल

11वीं कक्षा की मुस्लिम छात्रा को स्कूल में कहा गया था कि विद्यालय में वह हिजाब नहीं पहन सकती क्योंकि हिजाब स्कूल की यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है। इसके बाद उसने टीसी ले लिया। वहीं मुस्लिम संगठनों ने इस बात पर स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया और 3 पुलिस वाले घायल हुए।

कर्नाटक में पीएफआई की शह पर शुरू हुआ हिजाब विवाद अब केरल जा पहुँचा है। केरल के कोझिकोड में हिजाब पहनने के कारण स्कूल में प्रवेश पर कथिततौर पर रोक लगाने के बाद प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शन में स्थानीय मुस्लिम संगठनों के शामिल होने के कारण प्रदर्शन उग्र हो गया जिसमें 3 पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोझिकोड के प्रोविडेंस गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं की एक छात्रा को हिजाब पहनने के कारण कथिततौर पर स्कूल आने से मना किया गया था। जिसके बाद मुस्लिम यूथ लीग (MYL), मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (MSF) और स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (SIO) समेत कुछ मुस्लिम संगठनों ने कार्रवाई की माँग करते हुए स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 11वीं कक्षा की मुस्लिम छात्रा को स्कूल के अधिकारियों ने सूचित किया था कि वह हिजाब नहीं पहन सकती क्योंकि हिजाब स्कूल की यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है। इसके बाद, अभिभावकों ने शिक्षा विभाग में शिकायत की थी लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। आखिर में छात्रा ने ही स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) ले लिया।

छात्रा द्वारा ट्रांसफर सर्टिफिकेट लिए जाने के बाद मुस्लिम संगठन मुस्लिम यूथ लीग ने एक बयान जारी कर कहा था, “अब, छात्रा ने उस स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) ले ली है। यह उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। राज्य सरकार की ओर से निष्क्रियता और ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई न होना स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

मुस्लिम संगठनों ने इस मामले में आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। और, जब सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं की गई तो इन सगठनों ने भीड़ एकत्रित कर स्कूल के सामने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान, जब पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी हमला किया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जिसके बाद, कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

समाजिक कार्यकर्ता दीपा ईश्वर ने इस संबंध में कहा है कि छात्र जिस संस्थान का हिस्सा हैं, उन्हें उस संस्थान के नियमों का पालन करना चाहिए। शैक्षणिक संस्थान अपने धर्म को प्रदर्शित करने का स्थान नहीं होता। सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार होता है। इसलिए, स्कूल के नियमों और नीतियों का पालन करना चाहिए।

गौरतलब है, इससे पहले कर्नाटक का हिजाब विवाद भी इसी तरह शुरू हुआ था। दरअसल, यहाँ के उडुपी जिले के एक सरकारी कॉलेज ने हिजाब पहनने पर रोक लगा दी थी। इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी फैसला सुनाते हुए माना था कि हिजाब आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है। हालाँकि, इसके बाद, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। इस मामले में, कर्नाटक सरकार की ओर से भी यही कहा गया है कि हिजाब यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है इसलिए इसे पहनने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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