Homeदेश-समाजअलीगढ़ के नूरपुर में मस्जिद के सामने से गुजरी हिंदुओं की बारात, कट्टरपंथी मुस्लिमों...

अलीगढ़ के नूरपुर में मस्जिद के सामने से गुजरी हिंदुओं की बारात, कट्टरपंथी मुस्लिमों ने फेंके अंडे: UP पुलिस ने मस्जिद वाली बात नकारी

गाँव के लोगों का कहना है कि मुस्लिम मस्जिद के सामने से बारात ले जाने का विरोध करते रहते हैं। इस मामले में थाने में दी गई तहरीर में अंसार, शाहरुख, अमजद और सउआ नामजद किए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh, Uttar Pradesh) में एक बार फिर हिंदू (Hindu) लड़की की शादी में मस्जिद (Masjid) के सामने बारातियों पर अंडे फेंकने की घटना मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है। इतना ही नहीं, बारातियों से गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्द कहे गए। कट्टरपंथी मुस्लिमों की इस करतूत के बाद गाँव में तनाव का माहौल बन गया है। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है।

मामला अलीगढ़ के टप्पल के नूरपुर गाँव का है। यहाँ गुरुवार (7 जुलाई 2022) को हिंदू परिवार की दो लड़कियों की बारात आई हुई थी। जाटव समाज के धर्मवीर अपनी दोनों बेटियों की शादी एक साथ ही कर रहे थे। एक बारात दनकौर के गाँव अच्छेजा और दूसरी बारात दनकौर के ही खरेली गाँव से आई थी।

रात 10 बजे बाराती बारात लेकर लड़की के घर जा रहे थे और रास्ते में बाजा बजा रहे थे और नाच-गान हो रहा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसी दौरान जब बारात एक मस्जिद के सामने से गुजरी तो कुछ कट्टरपंथी मुस्लिमों ने अपने छतों से बारातियों पर अंडे फेंकने शुरू कर दिए। इससे लोगों के कपड़े खराब हो गए और उनमें अफरा-तफरी मच गई।

लोगों ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई। इतना ही नहीं, मुस्लिम समाज के दंगाइयों ने जाटव समाज के लोगों पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनके लिए अपमानजनक बातें कहीं।

स्थिति को देखते हुए लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बकरीद से पहले माहौल को बिगाड़ने की कोशिश को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँच गया। स्थिति को भाँपते हुए प्रशासन ने लोगों को समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। मीडिया रिपोर्टों के उलट यूपी पुलिस का कहना है कि बारात जिस मार्ग से गई, उसमें कहीं भी मस्जिद नहीं है।

गाँव के राजवीर सिंह ने चार लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। टप्पल थाने में दी गई तहरीर में अंसार, शाहरुख, अमजद और सउआ नामजद किया गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ एससी-एसटी ऐक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसपी देहात पलाश बंसल ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

गाँव के लोगों का कहना है कि मुस्लिम मस्जिद के सामने से बारात ले जाने का विरोध करते रहते हैं। बता दें कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में भी टप्पल-जट्टारी में हिंसा हुई थी।

बता दें कि यह पहली बार नहीं है मुस्लिमों ने हिंदुओं की बारात पर हमला किया। इससे पहले भी कई बार मुस्लिमों ने हिंदू समाज की बेटियों की बारात का विरोध किया था। उन्होंने मस्जिद के सामने से बारात निकालने, दुल्हा को घोड़ी पर चढ़ने, बैंड वालों को बाजा बजाने और बारातियों को नाचने-गाने से रोक दी थी। इसके बाद जमकर मारपीट की गई थी।

इसके बाद हिंदू समाज के कई लोगों ने अपने घरों के सामने ‘मकान बिकाऊ है’ के बोर्ड लगा दिए थे। इसके बाद यह गाँव देश भर में चर्चा में आ गया था। हालाँकि, इस घटना को बार-बार दोहराया जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -