Thursday, July 29, 2021
Homeदेश-समाजताजमहल में फहराया भगवा झंडा, गंगा जल छिड़क कर किया शिव चालीसा का पाठ

ताजमहल में फहराया भगवा झंडा, गंगा जल छिड़क कर किया शिव चालीसा का पाठ

"दुनिया का यह अजूबा कोई मकबरा नहीं बल्कि प्राचीन शिव मंदिर है। इस जगह पर मैं पहले भी शिव की आराधना कर चुका हूँ, आगे भी करता रहूँगा। इस बात की जाँच होनी चाहिए कि ताजमहल की वास्तविकता क्या है।"

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी चर्चा में है, जिसमें देखा जा सकता है कि हिन्दूवादी संगठन ‘हिन्दू जागरण मंच’ के कार्यकर्ता ताजमहल परिसर में भगवा झंडा फहरा रहे हैं। इस घटना के बाद सीआइएसएफ़ के सुरक्षाकर्मियों ने कार्यकर्ताओं से लंबी पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया। 

रविवार (25 अक्टूबर 2020) की दोपहर 12 बजे के आस-पास हिन्दू जागरण मंच युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष गौरव ठाकुर और उनके दो साथी विशेष और मनवेंद्र सिंह पूर्व में स्थित दरवाज़े से टिकट लेकर ताजमहल परिसर में दाखिल हुए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास एक बोतल थी, जिसमें गंगा जल रखा हुआ था। इसके अलावा जेब में भगवा झंडा रखा हुआ था। इसके अलावा इन लोगों के पास एक सेल्फी स्टिक भी मौजूद थी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह जैसे ही ताजमहल परिसर में दाखिल हुए, उन्होंने वहाँ पर गंगा जल का छिड़काव किया और भगवा झंडा फहराया। ख़बरों में यहाँ तक जानकारी दी गई है कि शिव चालीसा का पाठ भी किया गया है। इसके बाद सीआइएसएफ़ के जवान तुरंत मौके पर पहुँचे और वह सभी को अपने साथ लेकर गए। 

फिर हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी (नाम, पता और अन्य जानकारी) ली गई और उन्हें बताया गया कि ताजमहल परिसर में इस प्रकार की गतिविधियों पर पाबंदी है। हिन्दुस्तान में प्रकाशित ख़बर के अनुसार गौरव ठाकुर ने इस बात पर कहा कि यहाँ नमाज़ तो पढ़ी जाती है। इसके बाद गौरव ने कहा कि वह ‘तेजोमहालय’ में पूजा करने आया था। तीनों को लंबी पूछताछ के बाद वहाँ से छोड़ दिया गया। 

गौरव ठाकुर ने बीते 5 सालों में लगभग 5 बार शिव की आराधना की और भगवा झंडा फहराया। इस मुद्दे पर गौरव ठाकुर का कहना है, “दुनिया का यह अजूबा कोई मकबरा नहीं बल्कि प्राचीन शिव मंदिर है। इस जगह पर मैं पहले भी शिव की आराधना कर चुका हूँ, आगे भी करता रहूँगा। असल मायनों में यह हिन्दू आस्था का केंद्र होना चाहिए, इस बात की जाँच होनी चाहिए कि ताजमहल की वास्तविकता क्या है। लोगों को सत्य जानने का पूरा अधिकार है।” 

यह पहला ऐसा मौक़ा नहीं जब ताज महल में पूजा कराने का प्रयास किया गया है। साल 2008 में शिवसेना के कार्यकर्ताओं का एक समूह ताजमहल में दाखिल हुआ और उन्होंने हाथ जोड़ कर ‘परिक्रमा’ शुरू कर दी। उन्हें बाद में उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। साल 2018 में हिन्दुवादी संगठन की कुछ महिलाओं ने ताज महल के भीतर प्रवेश के बाद पूजा शुरू कर दी थी। उनका कहना था कि यह सबसे पहले एक शिव मंदिर था।    

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘पूरे देश में खेला होबे’: सभी विपक्षियों से मिलकर ममता बनर्जी का ऐलान, 2024 को बताया- ‘मोदी बनाम पूरे देश का चुनाव’

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्ष एकजुटता पर बात करते हुए कहा, "हम 'सच्चे दिन' देखना चाहते हैं, 'अच्छे दिन' काफी देख लिए।"

कराहते केरल में बकरीद के बाद विकराल कोरोना लेकिन लिबरलों की लिस्ट में न ईद हुई सुपर स्प्रेडर, न फेल हुआ P विजयन मॉडल!

काँवड़ यात्रा के लिए जल लेने वालों की गिरफ्तारी न्यायालय के आदेश के प्रति उत्तराखंड सरकार के जिम्मेदारी पूर्ण आचरण को दर्शाती है। प्रश्न यह है कि हम ऐसे जिम्मेदारी पूर्ण आचरण की अपेक्षा केरल सरकार से किस सदी में कर सकते हैं?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,739FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe