Homeदेश-समाज‘हलाल’ का विरोध करने पर Hindu Aikya Vedi के नेता गिरफ्तार, लगाई गई गैर...

‘हलाल’ का विरोध करने पर Hindu Aikya Vedi के नेता गिरफ्तार, लगाई गई गैर जमानती धाराएँ

हिन्दू ऐक्य वेदी के नेता आरवी बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की वजह ये थी कि उन्होंने एक बेकरी शॉप का ‘हलाल’ मांस बेचने के लिए विरोध किया था।

हिन्दूवादी संगठन हिन्दू ऐक्य वेदी (Hindu Aikya Vedi) के नेता आरवी बाबू को शुक्रवार (5 फरवरी 2021) को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की वजह ये थी कि उन्होंने एक बेकरी शॉप का ‘हलाल’ मांस बेचने के लिए विरोध किया था। सोमवार (8 फरवरी 2021) को अदालत के सामने पेश होने की शर्त पर संगठन के महासचिव आरवी बाबू को जमानत पर रिहा किया गया। 

केरल की एर्नाकुलम पुलिस का इस घटना पर कहना है कि 29 जनवरी 2021 को इस घटना के सम्बंध में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद आरवी बाबू को नोटिस भेजा गया लेकिन इसके बावजूद पेश नहीं होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें इस शर्त पर रिहा गया कि वह सोमवार को अदालत के सामने पेश होंगे। आरवी बाबू ने सोशल मीडिया पर लोगों से हलाल प्रमाणीकरण का विरोध करने का आह्वान किया था।

इस घटना पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेन्द्रन ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई इस्लामी कट्टरपंथियों के तुष्टिकरण के लिए की गई है। इसके बाद उन्होंने कहा,

“क्या केरल एक इस्लामिक राज्य है, जो ‘हलाल’ के विरोध में बोलने पर पुलिस दबाव बनाने लगती है? केरल के मुख्यमंत्री और सीपीएम (CPM) इस्लामी कट्टरपंथियों का तुष्टिकरण करने में लगे हुए हैं और इस तरह के प्रयास केरल में पिछले कई सालों से हो रहे हैं। यह कार्रवाई सिर्फ उनकी आवाज़ दबाने के लिए की गई है जो सच बोलते हैं, इसका विरोध बहुत ज़रूरी है। इस तरह की कार्रवाई के ज़रिए सीपीएम आगामी चुनावों में अपना हित साधना चाहती है।”      

आरवी बाबू पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो एक गैर जमानती अपराध है। इस गिरफ्तारी के विरोध में हिन्दू ऐक्य वेदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता प्रदेशव्यापी आंदोलन कर रहे हैं।

आरवी बाबू संघ में बतौर प्रचारक काम कर चुके हैं। इसके अलावा वे सामाजिक मंचों पर अक्सर संगठन का पक्ष रखते हैं। दोनों संगठन पिछले कुछ समय से पूरे प्रदेश में हलाल प्रमाणीकरण के विरुद्ध अभियान चला रहे हैं।   

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नरेंद्र मोदी स्टेडियम से SVP स्पोर्ट्स एन्क्लेव तक: समझें भारत का स्पोर्ट्स कैपिटल बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है अहमदाबाद

आज जब अहमदाबाद स्पोर्ट्स कैपिटल की बात होती है, तो यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि धीरे-धीरे आकार लेती एक वास्तविकता जैसा लगता है।

आयातित नहीं अनादि है भारत की सभ्यता, विदेशी प्रोपेगेंडा फैलाना बंद करो: मोहनजोदड़ो की पशुपति मुहर पर ‘एलामाइट प्रभाव’ बताने वाली ऑड्रे ट्रुश्के की...

पशुपति मुहर को लेकर फिर शुरू हुई इतिहास की बहस। संस्कृति मंत्रालय, ऑड्रे ट्रुश्के और भारतीय विद्वानों के तर्कों के बीच समझिए पूरा विवाद।
- विज्ञापन -