Wednesday, April 21, 2021
Home देश-समाज 'मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए, औरंगज़ेब का सबसे बड़ा साम्राज्य था, वो इस्लामी कट्टरपंथी...

‘मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए, औरंगज़ेब का सबसे बड़ा साम्राज्य था, वो इस्लामी कट्टरपंथी नहीं था’

"भारत के सम्राट के रूप में, औरंगज़ेब का सबसे बड़ा साम्राज्य था। और ये दक्षिणपंथी उसे एक इस्लामी कट्टरपंथी कहते हैं। अब क्या इतनी बड़ी संख्या में नमाज़ मस्जिद में नहीं होगी?"

राम जन्मभूमि के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपना रुख़ जारी रखते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 9 नवंबर को सुनाया गया अयोध्या का फ़ैसला ‘क़ानून पर विश्वास की जीत’ है और वह ‘अपनी मस्जिद वापस चाहते हैं’। आउटलुक को दिए एक साक्षात्कार में, ओवैसी ने कहा कि राम जन्मभूमि मामला दो पक्षों के बीच एक दीवानी मुक़दमा (Civil Suit) था, जहाँ क़ानून पर विश्वास ने जीत पाई।

ओवैसी ने कहा,

“अगर मस्जिद को (1992 में) ध्वस्त नहीं किया जाता, तब भी क्या यही फ़ैसला आता? हमारी लड़ाई ज़मीन के टुकड़े के लिए नहीं थी। यह सुनिश्चित करना था कि मेरे क़ानूनी अधिकारों का ध्यान रखा जाए। SC ने यह भी स्पष्ट कहा कि मस्जिद बनाने के लिए किसी मंदिर को नहीं गिराया गया। मुझे अपनी मस्जिद वापस चाहिए।”

सदियों से चले आ रहे एक विवाद को समाप्त करने वाले ऐतिहासिक फ़ैसले में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 9 नवंबर को विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि हिन्दू पक्ष को सौंप दी। इससे हिन्दू भक्तों के लिए भगवान राम के जन्मस्थान पर एक भव्य मंदिर का निर्माण प्रशस्त हो सका। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को 1992 में बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण के लिए अयोध्या में एक प्रमुख स्थान पर सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को एक वैकल्पिक स्थान पर 5 एकड़ भूमि प्रदान करने का भी आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ASI की रिपोर्ट में पर्याप्त सामग्री थी, जिसके तहत निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले जा सके- खाली ज़मीन पर बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं किया गया था। विवादित ढाँचे में अंतर्निहित एक संरचना थी। अंतर्निहित संरचना एक इस्लामी संरचना नहीं थी। यह विवाद ज़मीन के मालिक़ाना हक को लेकर था।

इसके अलावा, अपने साक्षात्कार में, मुगल सम्राट औरंगज़ेब का बचाव करते हुए, जो कि हिंदुओं पर अत्याचार के लिए जाना जाता है, ओवैसी ने कहा कि भारत के सम्राट के रूप में, औरंगज़ेब का सबसे बड़ा साम्राज्य था। “और ये दक्षिणपंथी उसे एक इस्लामी कट्टरपंथी कहते हैं। अब क्या इतनी बड़ी संख्या में नमाज़ मस्जिद में नहीं होगी?” ओवैसी ने कहा कि औरंगजेब की ‘धर्मनिरपेक्षता’ एक कारण है, जो वो इस फ़ैसले से असहमत हैं।

AIMIM प्रमुख ने इससे पहले राम जन्मभूमि के फ़ैसले पर प्रकाश डाला। फ़ैसले के ठीक बाद एक सार्वजनिक रैली में बोलते हुए, असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था,

“अगर बाबरी मस्जिद वैध थी तो इसे (भूमि) उन लोगों को क्यों सौंप दिया गया, जिन्होंने इसे ध्वस्त किया था। अगर यह ग़ैर-क़ानूनी थी तो केस क्यों चल रहा है और आडवाणी के ख़िलाफ़ केस वापस लिया जाए। और अगर यह क़ानूनी है तो मुझे दे दो।”

जनसभा को संबोधित करने के दौरान, ओवैसी ने भीड़ से कहा था, “हिम्मत मत हारो।” मजबूत रहो, हमें संघर्ष करना है, हमें एकजुट रहना है। दुनिया यहीं ख़त्म नहीं होने वाली है।”

बाद में, रविवार को, ओवैसी ने कहा था, “आज एक मुस्लिम क्या देखता है? इतने सालों तक वहाँ एक मस्जिद खड़ी रही, जिसे ध्वस्त कर दिया गया। अब अदालत एक इमारत को उस जगह पर आने की अनुमति दे रही है, जहाँ कथित तौर पर पाया गया था कि यह ज़मीन रामलला की है।”

दिलचस्प बात यह है कि ओवैसी के लिए, आक्रमणकारियों द्वारा निर्मित एक मस्जिद पवित्र थी, जबकि ASI के निष्कर्षों के बावजूद हिन्दू विश्वास का मज़ाक उड़ाने और इसे ‘कथित खोज’ कहने में उन्हें कोई समस्या नहीं हुई।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश को लॉकडाउन से बचाएँ, आजीविका के साधन बाधित न हों, राज्य सरकारें श्रमिकों में भरोसा जगाएँ: PM मोदी

"हमारा प्रयास है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकते हुए आजीविका के साधन बाधित नहीं हों। केंद्र और राज्यों की सरकारों की मदद से श्रमिकों को भी वैक्सीन दी जाएगी। हमारी राज्य सरकारों से अपील है कि वो श्रमिकों में भरोसा जगाएँ।"

‘दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी’, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर कहा- ‘मोदी सरकार जल्द करे इंतजाम’

“दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मैं फिर से केंद्र से अनुरोध करता हूँ दिल्ली को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। कुछ ही अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची हुई है।”

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में लॉकडाउन: राहुल गाँधी ने एक बार फिर राज्यों की नाकामी के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

"प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक कदम उठाएगी?"

प्रचलित ख़बरें

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘भारत में कोरोना के डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाला’: मीडिया द्वारा बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ का FactCheck

'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत के इस डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जानिए क्या है इसके पीछे की सच्चाई।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,347FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe