Sunday, January 17, 2021
Home देश-समाज मोबाइल टावर, 9 दिन का हजारों डेटा... और भारत में अपने तरह का पहला...

मोबाइल टावर, 9 दिन का हजारों डेटा… और भारत में अपने तरह का पहला ऑपरेशन: IB ने कोरोना को ऐसे रोका

यह एक बहुत बड़ा टास्क था, जिसके बारे में पहले कभी विभाग में सुना भी नहीं गया था। सतर्कता इतनी कि अधिकांश लोग, जो निजामुद्दीन के आसपास के क्षेत्रों में, व्यापार से संबंधित कार्यों के लिए वहाँ गए थे, उनका भी टेस्ट किया गया।

इंटेलिजेंस ब्यूरो के मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) ने देश को कोरोना से बचाने की दिशा में बड़ी कामयाबी दिलाई है। खबर है कि पिछले महीने दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज़ में इकट्ठा हुए और बाद में देश के विभिन्न हिस्सों में गए कोरोना संदिग्धों की पहचान कर भारत को आने वाले खतरे से मैक ने बचा लिया है। मालूम हुआ है कि इस बड़ी कामयाबी को हासिल करने की कड़ी में आईबी ने उन लोगों पर भी नजर बनाए रखी थी, जो जमात का हिस्सा नहीं थे, मगर उस दौरान मरकज़ के पास थे जब ये संक्रमण उस इलाके में फैल रहा था। आईबी ने इन सभी लोगों की पहचान करने के लिए मोबाइल टावरों के डेटा से मदद ली।

आईबी के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, निजामुद्दीन क्षेत्र में हुए मरकज़ कार्यक्रम के दौरान मानव यातायात को पहचानने के लिए कई मोबाइल टावरों की मदद से 14 मार्च से लेकर 22 मार्च तक का एक बड़ा डेटा निकाला गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान खास बात ये रही कि इसमें बहुत तेजी से निर्णय लिए गए और किसी भी गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहने दी गई।

सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह भी बताया कि उन्हें मार्च के दूसरे सप्ताह में निजामुद्दीन से शुरू होकर हैदराबाद पहुँचने वाली ट्रेन को लेकर एक खबर मिली। इस खबर से स्थानीय प्रशासन को पता चला कि इन ट्रेनों में सफर कर रहे अधिकांश यात्री जमाती हैं और उनमें से कई कोरोना पॉजिटिव हैं। तब विजयवाड़ा के इंटेलिजेंस ब्यूरो के आईजी ने ऊपर तक ये भयभीत करने वाली जानकारियाँ पहुँचाईं।

यह भी पढ़ें- तमिलनाडु: 24 घंटे में 96 नए कोरोना पॉजिटिव आए सामने, 84 तबलीगी जमात से जुड़े, कुल 834 में 763 मरकज की सौगात

यह भी पढ़ें-  1 लाख से ज्यादा हिंदुस्तानियों को मारना चाहते थे तबलीगी जमाती, जाकिर नाइक की B टीम की तरह कर रहे काम: वसीम रिजवी

यह भी पढ़ें- 4.1 दिन में ही दोगुनी हो गई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या, तबलीगी जमात नहीं होता तो लगते 7.4 दिन

इस बीच, गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और दक्षिण पूर्व दिल्ली में संबंधित सिविक अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया। वहीं ग्राउंड जीरो पर, अधिकारियों को पता चला कि 23 मार्च तक 1500 जामातियों ने मरकज छोड़ दिया, लेकिन उनमें से 1,000 लोग अब भी घनी आबादी वाले निजामुद्दीन इलाके में बनी जमात की छह मंजिला इमारत में रुके हुए थे। तब आधिकारिक रजिस्टरों के माध्यम से, आईबी ने भारत के दक्षिणी राज्यों से तबलिगी जमात में आए लगभग 4,000 सदस्यों के मोबाइल नंबरों और उनके घर/निवास स्थान का पता लगाया, जो 13 मार्च से मरकज की बैठक में शामिल हुए थे।

इसके बाद, निजामुद्दीन क्षेत्र में रहने वाले लोगों का परीक्षण किया गया। तब देश के अन्य हिस्सों में वायरस के प्रसार की संभावना को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के महामारी और संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने गृह मंत्रालय को सुझाव दिया कि वे मार्च के दूसरे और तीसरे सप्ताह में इस भीड़ वाले निजामुद्दीन क्षेत्र में आने वाले सभी लोगों की पहचान करें और उनका कोरोना परीक्षण करें।

मीडिया खबरों के मुताबिक, एक डीजी स्तर के आईपीएस अधिकारी ने इस कार्य को लेकर कहा कि यह एक बहुत बड़ा टास्क था, जिसके बारे में वास्तव में विभाग में सुना भी नहीं गया था। पहले सेलुलर फोन की मदद से आईबी के अधिकारियों ने ऑपरेशन शुरू किया। बहुत ही कम समय में बहुत बड़ा डेटा को इकट्ठा करना पड़ा और उसका विश्लेषण करना पड़ा, फिर उन्हें इसे पूरे देश में प्रसारित करना था, ताकि उन लोगों का पता चल सके, जो मरकज के दौरान वहाँ आए थे।

कोरोना को कम्यूनिटी में फैलने से रोकने के लिए इंटेलिजेंस एजेंसी ने उन लोगों की एक जिलेवार सूची दी, जो मरकज़ कार्यक्रम के दौरान निजामुद्दीन में और उसके आसपास के इलाके में स्पॉट किए गए थे। इसके बाद 30 मार्च तक संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को हजारों नाम, मोबाइल नंबर और पते वाली सूचियाँ भेजी गईं।

झाझर रेंज, हरियाणा के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें दिल्ली के उस क्षेत्र में गए लोगों के फोन नंबर और पते का खुलासा करने वाला एक पत्र मिला और उन्होंने उन लोगों का पता लगाया। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक जाँच करने के लिए सूचित किया। उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश लोग, निजामुद्दीन के आसपास के क्षेत्रों में, व्यापार से संबंधित कार्यों के लिए वहाँ गए थे। लेकिन, फिर भी उन्होंने उनका टेस्ट किया है।

उत्तर प्रदेश की बरेली रेंज के डीआईजी राजेश कुमार पांडे ने कहा, “हमें भी मरकज के आसपास के क्षेत्र का दौरा करने वाले लोगों के बारे में सटीक जानकारी मिली थी। हमने बाद में इन लोगों का पता लगाया और उनके चिकित्सा परीक्षण किए। इस पूरी प्रक्रिया ने वास्तव में देश को इस भयंकर वायरस के खतरे से निपटने में बहुत मदद की है, वरना इसका असर भयावह हो सकता था।”

यहाँ बता दें कि मैक ने अपनी जाँच पूरी करने के बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना को पत्र भेजा। जिनमें उन लोगों के नाम दिए गए जो निजामुद्दीन इलाके के आस-पास ट्रेस किए गए थे।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकारों के साथ खूफिया जानकारी शेयर करने वाले आईबी के मैक ने बेहद सराहनीय काम कर दिखाया है। इनके द्वारा मुहैया कराए गए आँकड़ों ने भारत में कोरोना रोकने की दिशा में किस तरह काम किया। इसका अंदाजा इससे लगाइए कि इनके कारण उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस ने ऐसे कई लोगों का पता लगाया है, जो जमात कार्यक्रम में शामिल होकर लौटे थे। इसके बाद संक्रमण के कुछ कैरियर में, जिनमें से अधिकांश लोग जमाती और उनके परिजन थे, उनको आइसोलेट किया गया और उनके परीक्षण किए गए। ऐसे जमाती जो पकड़ में नहीं आए थे, उन्हें ट्रैक किया गया और फिर क्वारंटाइन किया गया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कटवा विधायक ने लगवाया टीका, भतार MLA भी उसी लाइन पर: TMC नेताओं में वैक्सीन के लिए मची होड़

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेताओं में कोरोना वायरस की वैक्सीन लेने की होड़ सी मच गई है। पार्टी के दो विधायकों ने लगवाया टीका।

एक साथ 8 ट्रेनें, सब से पहुँच सकेंगे सरदार पटेल की सबसे ऊँची मूर्ति तक: केवड़िया होगा देश का पहला ‘ग्रीन बिल्डिंग’ स्टेशन

इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। इसके अलावा इस कनेक्टिविटी से केवड़िया में...

फहद अहमद अब बना ‘किसान नेता’, पहले था CAA विरोधी छात्र नेता: स्वरा-मंडली संग करता है काम, AMU में मिली थी ‘ट्रेनिंग’

मुंबई के TISS में Ph.D कर रहा एक छात्र नेता है फहद अहमद, जो CAA विरोधी प्रदर्शनकारी हुआ करता था, अब वो 'किसान नेता' बन गया है।

‘उलेमाओं की बात मानें और गड़बड़ कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ, नॉर्वे में 30 लोग मर गए’: सपा सांसद शफीकुर्रहमान

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कोरोना के टीके पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वो कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ।

भारत के खिलाफ विद्रोह, खालिस्तान से जुड़े मामले में ‘किसान नेता’ को समन, जवाब मिला – ‘नहीं आऊँगा, मेरे घर में शादी है’

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 'लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी (LBWS)' के 'किसान नेता' बलदेव सिंह सिरसा को पेश होने के लिए समन भेजा है।

नॉर्वे में वैक्सीन लेने वाले 25000 में से 29 की मौत, भारत में पहले ही दिन टीका लगवाने वाले 2 लाख लोग एकदम स्वस्थ

नॉर्वे में कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी 75 वर्ष के थे, जिनके शरीर में पहले से कई बीमारियाँ थीं।

प्रचलित ख़बरें

निधि राजदान की ‘प्रोफेसरी’ से संस्थानों ने भी झाड़ा पल्ला, हार्वर्ड ने कहा- हमारे यहाँ जर्नलिज्म डिपार्टमेंट नहीं

निधि राजदान द्वारा खुद को 'फिशिंग अटैक' का शिकार बताने के बाद हार्वर्ड ने कहा है कि उसके कैम्पस में न तो पत्रकारिता का कोई विभाग और न ही कोई कॉलेज है।

अब्बू करते हैं गंदा काम… मना करने पर चुभाते हैं सेफ्टी पिन: बच्चियों ने रो-रोकर माँ को सुनाई आपबीती, शिकायत दर्ज

माँ कहती हैं कि उन्होंने इस संबंध में अपने शौहर से बात की थी लेकिन जवाब में उसने कहा कि अगर ये सब किसी को पता चली तो वह जान से मार देगा।

‘अगर तलोजा वापस गए तो मुझे मार डालेंगे, अर्नब का नाम लेने तक वे कर रहे हैं किसी को टॉर्चर के लिए भुगतान’: पूर्व...

पत्नी समरजनी कहती हैं कि पार्थो ने पुकारा, "मुझे छोड़कर मत जाओ... अगर वे मुझे तलोजा जेल वापस ले जाते हैं, तो वे मुझे मार डालेंगे। वे कहेंगे कि सब कुछ ठीक है और मुझे वापस ले जाएँगे और मार डालेंगे।”

मंच पर माँ सरस्वती की तस्वीर से भड़का मराठी कवि, हटाई नहीं तो ठुकराया अवॉर्ड

मराठी कवि यशवंत मनोहर का कहना था कि उन्होंने सम्मान समारोह के मंच पर रखी गई सरस्वती की तस्वीर पर आपत्ति जताई थी। फिर भी तस्वीर नहीं हटाई गई थी इसलिए उन्होंने पुरस्कार लेने से मना कर दिया।

मारपीट से रोका तो शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी के नेता रंजीत पासवान को चाकुओं से गोदा, मौत

शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी नेता रंजीत पासवान की चाकू घोंप कर हत्या कर दी, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपित के घर को जला दिया।

प्राइवेट वीडियो, किसी और से शादी तक नहीं करने दी… सदमे से माँ की मौत: महाराष्ट्र के मंत्री पर गंभीर आरोप

“धनंजय मुंडे की वजह से मेरी ज़िंदगी और करियर दोनों बर्बाद हो गए। उसने मुझे किसी और से शादी तक नहीं करने दी। जब मेरी माँ को..."

आजम खान को तगड़ा झटका, जौहर यूनिवर्सिटी की 70 हेक्टेयर जमीन यूपी सरकार के नाम होगी

जौहर यूनिवर्सिटी की 70.05 हेक्टेयर जमीन उत्‍तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज करने का आदेश दिया गया है। आजम खान यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं।

‘अडानी सभी बैंकों को खरीद सकता है’ – सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों पर कंपनी ने बता डाला 30 साल का रिकॉर्ड

सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर के ज़रिए अडानी ग्रुप पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ग्रुप ने 4.5 लाख करोड़ का लोन नहीं चुकाया है जो...

अली अब्बास की ‘तांडव’ के खिलाफ मुंबई में कंप्लेन: भगवान शिव के गेटअप में जीशान अयूब ने परोसा है प्रोपेगेंडा

'आज़ादी-आज़ादी' के नारों का बचाव करने और देशद्रोहियों को सही साबित करने के लिए भगवान शिव के किरदार का इस्तेमाल किया गया है।

सलमान खान को 5 साल कैद की सजा… लेकिन चुनौती याचिका पर पेश होने से 17वीं बार मिल गई छूट

स्थानीय जिला एवं सत्र अदालत ने अभिनेता सलमान खान को 6 फरवरी को उनके समक्ष पेश होने को कहा है। अदालत ने अभिनेता को...

2000 करोड़ रुपए कचड़े में: 7 साल पहले बेकार समझ फेंक दी थी, खोजने वाले को मिलेगा 50%

2013 में ब्रिटिश आईटी कर्मचारी जेम्स हॉवेल्स (James Howells) ने 7500 Bitcoins वाले एक हार्ड ड्राइव को कचरे में फेंक दिया था।

कटवा विधायक ने लगवाया टीका, भतार MLA भी उसी लाइन पर: TMC नेताओं में वैक्सीन के लिए मची होड़

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेताओं में कोरोना वायरस की वैक्सीन लेने की होड़ सी मच गई है। पार्टी के दो विधायकों ने लगवाया टीका।

एक साथ 8 ट्रेनें, सब से पहुँच सकेंगे सरदार पटेल की सबसे ऊँची मूर्ति तक: केवड़िया होगा देश का पहला ‘ग्रीन बिल्डिंग’ स्टेशन

इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। इसके अलावा इस कनेक्टिविटी से केवड़िया में...

फहद अहमद अब बना ‘किसान नेता’, पहले था CAA विरोधी छात्र नेता: स्वरा-मंडली संग करता है काम, AMU में मिली थी ‘ट्रेनिंग’

मुंबई के TISS में Ph.D कर रहा एक छात्र नेता है फहद अहमद, जो CAA विरोधी प्रदर्शनकारी हुआ करता था, अब वो 'किसान नेता' बन गया है।

प्राइवेट वीडियो, किसी और से शादी तक नहीं करने दी… सदमे से माँ की मौत: महाराष्ट्र के मंत्री पर गंभीर आरोप

“धनंजय मुंडे की वजह से मेरी ज़िंदगी और करियर दोनों बर्बाद हो गए। उसने मुझे किसी और से शादी तक नहीं करने दी। जब मेरी माँ को..."

‘उलेमाओं की बात मानें और गड़बड़ कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ, नॉर्वे में 30 लोग मर गए’: सपा सांसद शफीकुर्रहमान

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कोरोना के टीके पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वो कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
381,000SubscribersSubscribe