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‘राम का काम करना है और राम का काम होकर रहेगा, करनी होगी निगरानी’: मोहन भागवत

गौरतलब है कि चुनाव से पहले भैय्या जी जोशी ने केंद्र सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा था कि अभी भी सरकार की निष्ठा पर हमें कोई संदेह नहीं है।

लोकसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद राष्ट्रीय सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का बयान आया है। उन्होंने संघ के एक कार्यक्रम में कहा कि राम का काम करना है और राम का काम होकर रहेगा। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि उनका ये बयान किस संदर्भ में था, लेकिन फिर भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वो राम मंदिर के बारे में बात कर रहे थे।

दरअसल, उदयपुर में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग प्रशिक्षण में मोहन भागवत 4 दिन तक रहे। इस शिविर में 300 के करीब स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। यहाँ मोहन भागवत ने मंच से संबोधित करते हुए कहा, ”राम का काम करना है और राम का काम होकर रहेगा। राम का काम करना है तो अपना काम करना है, अपना काम खुद करेंगे तो ठीक होता है। सौंप देते हैं तो किसी को निगरानी करनी होती है।” बता दें आरएसएस प्रमुख से पहले ऐसा बयान मुरारी बापू की ओर से भी आ चुका है। मुरारी बापू ने कहा था कि राम का काम सबको करना है जिसको आगे बढ़ाते हुए मोहन भागवत ने कहा कि राम का काम होकर रहेगा।

गौरतलब है कि चुनाव से पहले भैय्या जी जोशी ने केंद्र सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा था कि अभी भी सरकार की निष्ठा पर हमें कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा “हम मानते हैं कि सत्ता में बैठे हुए लोगों में अभी राम मंदिर का विरोध नहीं है। उनकी प्रतिबद्धता को लेकर हमारे मन में कोई शंका नहीं है।”

इससे पहले मार्च 10, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि मामले पर सुनवाई करते हुए मामले को मध्यस्थता के लिए भेज दिया था। न्यायालय के इस निर्णय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने तीखी प्रतिक्रिया जताई थी। संघ ने अयोध्या मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने के निर्णय को ‘आश्चर्यजनक’ बताया था। बता दें, फिलहाल राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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