Monday, January 17, 2022
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संदेश: व्हाट्सऐप के देशी विकल्प को जल्द सार्वजानिक कर सकती है मोदी सरकार

WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी के बाद छिड़ी बहस के बाद लोगों का भरोसा इस पर उठने लगा और तभी से लोग इसके विकल्प के इन्तजार में हैं।

भारत में कोरोना वायरस महामारी के दौरान ‘आत्मनिर्भर’ और ‘स्वदेशी’ जैसी क्रांतियों ने खूब जोर पकड़ा है। सोशल मीडिया पर भी यह मुहिम खूब लोकप्रिय रही क्योंकि ट्विटर की देश-विरोधी नीतियों और मैसेंजर ऐप व्हाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर भी खूब बवाल जारी रहा।

इसी बीच, मोदी सरकार ने देश के लिए अपनी स्वदेशी मैसेजिंग ऐप ‘संदेश’ (Sandes) लॉन्च की है। इसे फेसबुक की ही मैसेंजर ऐप व्हाट्सऐप का देसी वर्जन बताया जा रहा है। ‘सन्देश’ ऐप वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों द्वारा उपयोग की जा रही है, लेकिन बहुत जल्द यह ऐप सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए लॉन्च की जाएगी।

बताया जा रहा है कि संदेश ऐप अभी टेस्टिंग फेज में है। वर्तमान में आम जनता को इसका उपयोग करने की अनुमति नहीं है। ‘सन्देश’ को एंड्रॉयड और आईफोन, दोनों ही प्लैटफॉर्म्स के लिए लाया जाएगा। इस चैटिंग ऐप में वॉयस संदेश और डेटा भेजा जा सकता है। WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी के बाद छिड़ी बहस के बाद लोगों का भरोसा इस पर उठने लगा और तभी से लोग इसके विकल्प के इन्तजार में हैं।

‘संदेश’ ऐप GIMS.gov.in की वेबसाइट पर मौजूद है। इस ऐप पर अशोक चक्र का चिन्ह देखा जा सकता है, जिसमें तीन लेयर्स दी गई हैं और ये मिलने पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बनाते हैं। सन्देश एप्लिकेशन को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक शाखा, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

ट्विटर के बदले स्वदेशी ‘कू’

हाल ही में, ट्विटर की भारत-विरोधी नीतियों के बाद स्वदेशी माइक्रोब्लॉगिंग स्टार्टअप ‘कू’ भी लोगों के बीच लोकप्रियता बटोर रही है। भारत सरकार का इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी अपने तमाम संगठनों के साथ ट्विटर छोडकर ‘कू’ का रुख कर चुका है। ‘कू’ Made in India ऐप है, जो ट्विटर के विकल्प के तौर पर अपनी भाषा में लोगों को अपने विचार व्यक्त करने की आजादी देगा।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब सरकार खालिस्तानी और भारत-विरोधी अकाउंट को हटाने के अपने आदेशों के उलंघन करने पर ‘ट्विटर’ के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। समाचार चैनल ‘न्यूज़18’ के अनुसार, “जिन ट्विटर अकाउंट पर एक्शन लेने का आदेश दिया गया था वो खालिस्तानी समर्थक, या पाकिस्तान द्वारा समर्थित और विदेशों से संचालित होने वाले अकाउंट हैं। कई खाते भी स्वचालित बॉट्स हैं, जिनका इस्तेमाल किसानों के विरोध के नाम पर गलत सूचना और भड़काउ सामग्री शेयर करने के लिए किया गया था।”

सरकार ने ट्विटर (Twitter) के सीईओ जैक डोर्सी (Jack Patrick Dorsey) की ट्विटर गतिविधि, जो भारत विरोधी पूर्वग्रह का संकेत देती हैं, का भी संज्ञान लिया है। इस पर मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, “यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि कुछ दिनों पहले जैक डोर्सी (Jack Patrick Dorsey) ने किसान विरोध के समर्थन में विदेशी आधारित हस्तियों द्वारा किए गए कई ट्वीट लाइक किए थे। इसे देखते हुए, ट्विटर द्वारा सरकार के आदेशों की अवहेलना कई सवाल खड़े करती है।”

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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