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ट्विटर पर एक्शन लेने की तैयारी में मोदी सरकार: IT मंत्रालय स्वदेशी Koo ऐप पर

इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इसके कई संगठन माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर, से मेड-इन-इंडिया प्लेटफ़ॉर्म 'कू' (Koo) की ओर रुख कर चुके हैं।

सरकार के आदेशों के बावजूद देश-विरोधी गतिविधियों को मंच देने और प्रोत्साहित करने को लेकर ट्विटर और केंद्र सरकार लगातार आमने-सामने हैं। अब ‘युअर स्टोरी’ की एक खबर की मानें तो इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इसके कई संगठन माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर, से मेड-इन-इंडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘कू’ (Koo) की ओर रुख कर चुके हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय, MyGov, Digital India, India Post, NIC, NIELIT, SAMEER, कॉमन सर्विसेज सेंटर, UMANG ऐप, डिजी लॉकर, NIXI, STPI, CDAC, और CMET को इस प्लेटफ़ॉर्म यानी, ‘कू’ पर वेरिफाइड अकाउंट्स बन चुके हैं।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब सरकार खालिस्तानी और भारत-विरोधी अकाउंट को हटाने के अपने आदेशों के उलंघन करने पर ‘ट्विटर’ के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। समाचार चैनल ‘न्यूज़18’ के अनुसार, “जिन ट्विटर अकाउंट पर एक्शन लेने का आदेश दिया गया था वो खालिस्तानी समर्थक, या पाकिस्तान द्वारा समर्थित और विदेशों से संचालित होने वाले अकाउंट हैं। कई खाते भी स्वचालित बॉट्स हैं, जिनका इस्तेमाल किसानों के विरोध के नाम पर गलत सूचना और भड़काउ सामग्री शेयर करने के लिए किया गया था।”

सरकार ने ट्विटर (Twitter) के सीईओ जैक डोर्सी (Jack Patrick Dorsey) की ट्विटर गतिविधि, जो भारत विरोधी पूर्वग्रह का संकेत देती हैं, का भी संज्ञान लिया है। इस पर मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, “यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि कुछ दिनों पहले जैक डोर्सी (Jack Patrick Dorsey) ने किसान विरोध के समर्थन में विदेशी आधारित हस्तियों द्वारा किए गए कई ट्वीट लाइक किए थे। इसे देखते हुए, ट्विटर द्वारा सरकार के आदेशों की अवहेलना कई सवाल खड़े करती है।”

जैसा कि हमने पहले भी बताया था, जैक डोर्सी ने किसान विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में ट्वीट करने के वाली पॉप स्टार रिहाना के ट्वीट को ‘उत्पीड़ितों’ के उत्थान के लिए किया गया एक प्रयास बताते हुए ‘लाइक’ किया था।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में, ट्विटर ने उन अकाउंट को ब्लॉक करने से इनकार कर दिया था, जिन्होंने एक हैशटैग ट्रेंड किया था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी पर ‘किसान नरसंहार’ का प्रयास करने का आरोप लगाया गया। जनवरी 31, 2021 को भी इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने ट्विटर अकाउंट्स और ट्वीट्स के 257 लिंक की एक सूची ट्विटर को सौंपी थी।

भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस पर हुए दंगों के बाद तनावपूर्ण स्थिति के दौरान हिंसा भड़काने की संभावनाओं के कारण ट्वीट और खातों को ब्लॉक करने का अनुरोध किया, लेकिन ट्विटर ने इसका पालन करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, सरकार ने ट्विटर को एक और नोटिस भेजा और अब, उन्होंने अनुरोध किया है कि ऐसे करीब एक हजार भारत विरोधी अकाउंट को ब्लॉक किया जाए जिन्हें भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने चिन्हित किया है।

वहीं, अपने प्लेटफॉर्म पर मनमाने फैसलों को लेकर ट्विटर को लेकर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि फ़्रांस भी आक्रोशित है। फ़्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुएल मेक्रों ने हाल ही में कहा कि इस तरह के फैसले लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा पारित कानूनों के अनुसार किए जाने चाहिए और निजी ‘टेक’ दिग्गजों पर नहीं छोड़े जाने चाहिए।

सूत्रों ने यह भी कहा कि ‘ट्विटर ने अभी तक भारत के किसी भी न्यायालय में इनमें से किसी भी आदेश को चुनौती नहीं दी है। तार्किक रूप से कोई भी कंपनी किसी भी सरकारी आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए स्वतंत्र है, यदि उसे लगता है कि वह उस आदेश का पालन नहीं कर सकती।’

इस प्रकार, यह भी स्पष्ट है कि ट्विटर लोगों के विचार प्रतिबंधित करने और उन्हें अपनी मनमर्जी से अनुमति देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जो वर्तमान में राष्ट्रहितों को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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