Wednesday, September 29, 2021
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MP में कॉन्ग्रेस नेता को ट्रैफिक सूबेदार ने बताई उसकी जगह, पुलिस विभाग ने किया लाइन हाज़िर

फिलहाल सूबेदार अरुण सिंह को एक हफ्ते के स्ट्रैस मैनजमेंट सेशन के लिए भेज दिया गया है। SSP इंदौर रूचि वरधान मिश्रा ने बताया है कि प्रेशर के वक्त उनका रवैया सही नहीं था, जो उन्हें सीखने की ज़रूरत है। इसलिए उन्हें स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए भेज दिया गया।

कर्तव्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी आज के समय में भी अचानक से ही सही लेकिन देखने को मिल जाती हैं। मंगलवार (मार्च 02, 2019) को इंदौर के राजबाड़ा इलाके में पुलिस विभाग के अरुण सिंह ने एक बड़ी मिसाल पेश की है। हालाँकि, तारीफ़ करने के बजाए पुलिस विभाग द्वारा फिलहाल उन्हें तनाव पर काबू करने के लिए स्पेशल सेशन अटेंड करने भेज दिया गया है।

मंगलवार को राजवाड़ा क्षेत्र में चालान बनाने की बात को लेकर ट्रैफिक सूबेदार अरुण सिंह का झगड़ा कॉन्ग्रेस के एक नेता से हो गया था। नेता मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चला रहे थे, इस पर ट्रैफिक सूबेदार ने उसे रोका और कार्रवाई की बात कही। इस वीडियो में युवक मध्य प्रदेश में ‘कॉन्ग्रेस-राज’ का जिक्र करते हुए ट्रैफिक सूबेदार पर कार्रवाई नहीं करने का दबाव बना रहा था।

ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सूबेदार अरुण सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, इस वीडियो के वायरल होने के 24 घंटे के भीतर पुलिस विभाग ने अरुण सिंह को सप्ताह भर के प्रशिक्षण के नाम पर लाइन हाजिर कर दिया है। वीडियो में जिस बाला बच्चन का जिक्र किया गया है, वो मध्य प्रदेश के गृह मंत्री और इंदौर के प्रभारी मंत्री बाला बच्चन हैं। वही बाला बच्चन, जिन्होंने गत फरवरी माह में कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा था कि वे कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को अधिक महत्व दें।

वीडियो में सूबेदार अरुण सिंह का कहना था कि उन्होंने चलती बाइक पर मोबाइल से बात कर रहे नीलेश जैन नाम के एक व्यक्ति को रोका था। इस पर नीलेश के साथी अखिलेश जैन नेताओं की धौंस देने लगे। इन तथाकथित नेता और उनके रिश्तेदारों ने सूबेदार से कहा कि अब प्रदेश में कॉन्ग्रेस का राज है और आपको यहाँ रहना है तो बात माननी पड़ेगी।

मैं सूबेदार अरुण सिंह थाना यातायात पश्चिम… गलती होने पर चालान कार्रवाई जरूर करूँगा

अरुण सिंह इस वीडियो में कह रहे हैं, “हमने इन्हें मोबाइल पर बात करते हुए रोका, तो इन्होंने खुद को पूर्व विधायक अश्विन जोशी का भाँजा बताया और उनसे बात करने को कहा। हम व्यस्तता के कारण हर इनसान से बात नहीं कर सकते। ये नियम नहीं है कि फँसे हैं तो बात करें। ये बोल रहे हैं कि कॉन्ग्रेस का राज है, आपको ये करना पड़ेगा। राजबाड़ा में आपको रहना है तो आपको यह बात माननी पड़ेगी। मैं सूबेदार अरुण सिंह थाना यातायात पश्चिम… मैं किसी की बात नहीं मानूँगा। कोई गलत मिला तो चालानी कार्रवाई बिलकुल करूँगा। चाहे आप बाला बच्चन की धमकी दें या किसी और की। ये अपने आप को कॉन्ग्रेस का बता रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारा राज है और हमारी चलेगी। ये कह रहे हैं कि तुम्हारी वर्दी उतार दूँगा। मैं सब को बता रहा हूँ, जो भी इस वीडियो को देख रहे हैं या सुन रहे हैं, मैं बर्दाश्त नहीं करूँगा। मैं किसी शासन की नहीं सुनूँगा। मैं वर्दी पहने हूँ, इसके पैसे मुझे शासन से मिलते हैं। सही कार्रवाई करूँगा।”

सूबेदार अरुण सिंह को लाइन हाजिर करने की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट पर इस घटना की निंदा की। उन्होंने लिखा कि कमलनाथ सरकार ने निडर पुलिस अफसर को अपना कर्तव्य निभाने के लिए और कॉन्ग्रेस की गुंडागर्दी को न मानने पर लाइन अटैच करवा दिया है। इस ट्वीट में उन्होंने कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी को भी टैग किया है, लेकिन वो शायद नए लोकसभा क्षेत्र में वोट की अपील में व्यस्त हैं।

वहीं अखिलेश जैन का कहना है कि उनके मित्र नीलेश जैन मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे। पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका। एक हजार रुपए लेकर 500 रुपए की रसीद दे रहा था। इसकी जानकारी मुझे मिली तो मैं पहुँचा और अपना परिचय दिया तो वह वीडियो बनाकर हम पर हावी होने लगे।

अरुण सिंह का इस घटना के बारे में कहना है, “मैं अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से कर रहा था। वर्दी और कानून से बढ़कर मेरे लिए कुछ नहीं है। आगे भी मैं इसी तरह से बिना किसी दबाव में आए अपना फर्ज निभाता रहूँगा।”

इस प्रकरण में सही और गलत का निर्णय होना अभी बाकी है, लेकिन फिलहाल सूबेदार अरुण सिंह को एक हफ्ते के स्ट्रैस मैनजमेंट सेशन के लिए भेज दिया गया है। PTI से बात करते हुए SSP इंदौर रूचि वरधान मिश्रा ने बताया है कि प्रेशर के वक्त उनका रवैया सही नहीं था, जो उन्हें सीखने की ज़रूरत है। इसलिए उन्हें स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए भेज दिया गया।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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