Saturday, July 24, 2021
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बजट 2019 में मिली आँकड़ों के साथ महिला सशक्तिकरण को भी जगह

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी है। इस मुद्रा योजना की सबसे खास बात यह है कि इसके तहत लोन लेने वाले चार लोगों में से तीन महिलाएँ हैं।

कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आज 11 बजे से अंतरिम बजट को संसद में पेश करना शुरू किया। देश में हर तबके का ख्याल रखते हुए उन्होंने महिलाओं के लिए भी बात की।

उज्ज्वला योजना ने किया 6 करोड़ रसोई से चूल्हे का धुआँ दूर

इस बजट में प्रधानमंत्री द्वारा ग्रामीण महिलाओं के लिए शुरू की गई उज्ज्वला योजना की भी बात हुई। इसमें उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत अभी तक महिलाओं को 6 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अगले साल तक यह गैस कनेक्शन 8 करोड़ लोगों को दे दिया जाएगा। ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के ज़रिये भाजपा ने देश के लिए एक ऐसा सपना देखा, जहाँ हर घर की रसोई में चूल्हे के धुएँ की जगह एलपीजी सिलिंडर पहुँचाए गए।

उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले से इस योजना की शुरुआत की गई थी, जिसमें 5 करोड़ महिलाओं की रसोई में मुफ्त गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। पर, हाल ही के आँकड़ों पर यदि पर गौर करें तो इस योजना ने 6 करोड़ का आँकड़ा छू लिया है। एलपीजी की शुरुआत के बाद से 50 वर्षों में केवल 13 करोड़ कनेक्शन लोगों को उपलब्ध कराए गए थे, जबकि पिछले 54 महीनों में सरकार ने लगभाग इतने ही कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। आज लगभग 80 प्रतिशत लाभार्थी अपने एलपीजी सिलेंडरों की रीफ़िलिंग करवा रहे हैं।

मुद्रा योजना के लाभान्वितों में 75% है महिलाएँ

इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत जिन लोगों को फ़ायदा पहुँचा है। बता दें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी है। इस मुद्रा योजना की सबसे खास बात यह है कि इसके तहत लोन लेने वाले चार लोगों में से तीन महिलाएँ हैं।

इस योजना ने आज के समय मे कई महिलाओं को सशक्त किया है। ‘मुद्रा योजना’ के तहत कुल मिलाकर ₹7,23,000 करोड़ के 15.56 करोड़ ऋण वितरित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री मातृत्व योजना से हुई महिलाएँ सशक्त

महिलाओं की सशक्तिकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व योजना में महिलाओं को 26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव दी जा रही है। जिससे आज के समय में महिलाएँ सशक्त हुई हैं। ‘प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना‘ के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ₹6,000 की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार करना है और नकदी प्रोत्साहन के ज़रिए उनके जीवन को स्वावलंबी बनाना है। इस योजना के लाभ से माँ और बच्चे दोनों को पोषण प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें कुपोषण से बचाया जा सके। जनवरी 2017 में इस योजना के तहत मोदी सरकार ने कुल बजट ₹12,661 करोड़ तय किया जिसमें से ₹7,932 करोड़ केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाना तय हुआ, बाक़ी राशि संबंधित राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि योजना की राशि सीधे बैंक में भेजी जाती है जिससे इसके दुरुपयोग न किया जा सके।

40 हज़ार तक के कर्ज़ पर महिलाओं को नहीं देना होगा टैक्स

इसके अलावा इस अंतरिम बजट में महिलाओं के लिए घोषणा हुई है कि महिलाओं को अब 40 हज़ार तक के लोन के लिए किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं देना पड़ेगा। सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला महिलाओं को उनके सपने पूरे करने में एक कारगर फैसला साबित होगा।

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार की वो योजनाएँ जिन्होंने बदल दी ग्रामीण महिलाओं की ज़िंदगियाँ

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