Sunday, October 17, 2021
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‘दानवी ताकतों’ से निबटने के लिए ‘जय श्री राम’ बोलने की ज्यादा जरूरत: DGP जैकब थॉमस

"भगवान राम सच्चाई, नैतिकता और न्याय के प्रतीक थे। आज उन मूल्यों को अपनाने और बढ़ाने की जरूरत है, जिनका प्रतिनिधित्व राम किया करते थे।"

केरल के थ्रिसुर में रामकथा कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुँचे डीजीपी (निलंबित) जैकब थॉमस ने गुरुवार (अगस्त 1, 2019) को लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यही वो समय है, जब हमें उससे भी अधिक तीव्रता से जय श्री राम का जप करना है, जितनी तीव्रता से हम अभी तक करते आए हैं।

उनके मुताबिक इन दिनों दानवी ताकतें बहुत ज्यादा हो गई हैं, इसलिए हमें जय श्री राम का नारा लगाने की और ज्यादा जरूरत है। उन्होंने इस मौके पर बातचीत के दौरान राम भगवान को सच्चाई, नैतिकता और न्याय का प्रतीक बताया।

उन्होंने केरल के अट्टापदी इलाके में एक आदिवासी युवक मधु और पलक्कड़ जिले में राजनीति से जुड़े एक कार्यकर्ता की मौत का हवाला देते हुए कहा,”आज उन मूल्यों को अपनाने और बढ़ाने की जरूरत है, जिनका प्रतिनिधित्व राम किया करते थे।”

निलंबित डीजीपी ने इस इस दौरान लोगों को जय श्री राम बोलने के लिए प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसा देश नहीं बन सकते, जहाँ जय श्री राम का नारा लगाने पर पाबंदी हो। यह वो समय है, जब हमें जय श्री राम का नारा लगाने की और ज्यादा जरूरत है।” इस दौरान थॉमस ने अपनी बात को ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ खत्म किया।

गौरतलब है कि साल 2017 में जैकब थॉमस द्वारा ओखी चक्रवात पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के भी आरोप लगाए गए थे। जबकि अपने सस्पेंशन पर थॉमस का कहना था कि ये ऑल इंडिया सर्विस रूल्स के नियमों के ख़िलाफ़ है। उन्होंने इसके खिलाफ याचिका भी दाखिल की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कैट की बेंच ने 29 जुलाई 2019 को केरल सरकार को निर्देश दिए कि जैकब थॉमस को डीजीपी के बराबर रैंक पर नियुक्ति दी जाए



 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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