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जयपुर में मुस्लिम भीड़ ने काँवड़ यत्रियों पर किया था हमला: तनाव के मद्देनज़र धारा-144 का विस्तार

एडीजी अजय पाल लांबा ने बताया, "शहर में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध जारी रखा गया, ख़ासकर उस इलाक़े में जहाँ पिछले सप्ताह हिंसात्मक घटना हुई थी।"

हिंसक मुस्लिम भीड़ द्वारा जयपुर शहर में काँवड़ यत्रियों पर हुए हमले के एक सप्ताह बाद, शहर की पुलिस ने शुक्रवार, 23 अगस्त की मध्य रात्रि तक CRPF की धारा-144 का विस्तार करने का फ़ैसला किया है। पुलिस के सूत्रों ने कहा कि ताज़ा आँकड़े के अनुसार, पुलिस ने 149 लोगों को गिरफ़्तार किया है। इस मामले में अभी और गिरफ़्तारियाँ हो सकती हैं।

एडीजी अजय पाल लांबा ने बताया, “शहर में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध जारी रखा गया, ख़ासकर उस इलाक़े में जहाँ पिछले सप्ताह हिंसात्मक घटना हुई थी।”

2 दिन पहले, धारा-144 कार्यान्वयन को 21 अगस्त तक बढ़ा दिया गया था। जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधों को अब दो और दिनों तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

जयपुर में 12 अगस्त को बकरीद के मौक़े पर जमकर बवाल हुए था। यह बवाल एक मामूली कहासुनी से शुरू हुआ था। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग जयपुर-दिल्ली रोड पर जमा हो गए और वाहनों पर जमकर पत्थरबाज़ी की। इस घटना में एक मुस्लिम भीड़ ने हरिद्वार जाने वाले काँवड़ियों को ले जा रही एक बस पर हमला किया था। घटना के दौरान 30 से अधिक काँवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए थे, वहीं क़रीब एक दर्जन से अधिक बसों को आग लगा दी गई थी।

राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार द्वारा विधानसभा में मॉब-लिंचिंग के ख़िलाफ़ सख़्त विधेयक पारित किए जाने के एक सप्ताह बाद काँवड़ यत्रियों पर भड़की हिंसा सामने आई थी। राजस्थान के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता अशोक गहलोत मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ एक बिल लेकर आए थे, क्योंकि ऐसा महसूस किया गया था कि भारतीय दंड संहिता और आपराधिक प्रक्रिया संहिता में वर्तमान प्रावधान भीड़ की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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