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कश्मीर हमारा था, है, और रहेगा, जहाँ भारत है वहाँ हम; NRC भी सही: जमीयत उलेमा-ए-हिंद

महमूद मदनी ने कहा, "पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर ये बात उछालने की कोशिश कर रहा है कि भारतीय मुस्लिम भारत के ख़िलाफ़ हैं। हम पाकिस्तान की इस कोशिश का विरोध करते हैं। भारत के मुस्लिम अपने देश के साथ हैं।"

पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कि कश्मीर मामले पर भारत के अल्पसंख्यक भारत के खिलाफ़ हैं, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने गुरुवार (सितंबर 12,2019) को एक प्रस्ताव पारित किया है। जमीयत के महासचिव महमूद मदनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महासभा की बैठक में ये प्रस्ताव पारित हुआ है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, जम्मू-कश्मीर के लोग भी भारतीय ही हैं। वे हमसे किसी प्रकार अलग नहीं हैं।

महमूद मदनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर ये बात उछालने की कोशिश कर रहा है कि भारतीय मुस्लिम भारत के ख़िलाफ़ हैं। हम पाकिस्तान की इस कोशिश का विरोध करते हैं। भारत के मुस्लिम अपने देश के साथ हैं।

इसके बाद उन्होंने बताया, “हमने आज प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें बताया गया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। हम अपने देश की सुरक्षा और एकता के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। भारत हमारा देश है और हम इसके साथ खड़े रहेंगे।”

मदनी ने इस दौरान ये भी कहा कि देश में रहते हुए बहुत से मुद्दों पर हमारी असहमति हो सकती हैं, लेकिन जब देश की बात आती है तो हम सब एक हैं।

उनके मुताबिक, “कुछ दुश्मनी ताकतें ये दिखाने की कोशिश कर रही हैं कि देश के मुस्लिम और बाकी लोग अलग-अलग रास्तों में जा रहे हैं। हम ऐसे मनसूबों को खारिज करते हैं।”

इसके अलावा जब जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक में उनसे एनआरसी को पूरे देश में लागू करने पर बात पूछी गई को उन्होंने बोला,”मेरी इच्छा होती है मैं इसे सारे मुल्क में करने की माँग करूँ, जिससे पता चल जाएगा कि घुसपैठिए कितने हैं। जो असली हैं, उन पर भी दाग लगाया जाता है, तो पता चल जाएगा। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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