Tuesday, September 21, 2021
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‘अब्बा कहीं जाते थे तो मैं बीमार हो जाती थी’ से ‘अब्बा घरेलू हिंसा करते हैं’: शेहला रशीद की आपबीती

शेहला ने कहा है कि उनके पिता ने उनकी परवरिश में कोई भी योगदान नहीं दिया है। शेहला ने कहा कि उनके पिता उनके बारे में कुछ नहीं जानते और उनकी माँ ने उनकी सारी परवरिश की है। शेहला ने अपने पिता पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है और कहा है कि वो इस केस में गवाह हैं, इसलिए उनके पिता ने यह सभी आरोप लगाए हैं।

अपने पिता की चिट्ठी के बाद देश भर में शुरू हुई चर्चा के बीच जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला राशिद ने उन पर तमाम आरोप लगाए हैं। शेहला ने कहा है कि उनके पिता ने उनकी परवरिश में कोई भी योगदान नहीं दिया है। शेहला ने कहा कि उनके पिता उनके बारे में कुछ नहीं जानते और उनकी माँ ने उनकी सारी परवरिश की है। शेहला ने अपने पिता पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है और कहा है कि वो इस केस में गवाह हैं, इसलिए उनके पिता ने यह सभी आरोप लगाए हैं।

बता दें कि इस बीच शेहला का एक पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। इसमें शेहला ने लिखा है कि बचपन में जब कभी उनके अब्बा कहीं बाहर जाते थे तो वह बीमार हो जाती थी। इस ट्वीट के सामने आने के बाद लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही है कि जब उनके पिता की उनके परवरिश में कोई योगदान नहीं है, वो उनके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं तो फिर शेहला अपने अब्बा के इतनी करीब क्यों हैं कि उनके बाहर जाते ही बीमार हो जाती थी।

शेहला रशीद ने अपने ट्वीट में लिखा, “मेरी और मेरी बहन की परवरिश मेरी माँ ने ही की है। मेरे पिता कभी इमोशनली या फाइनेंशली मेरे साथ नहीं रहे। उन्हें ये भी नहीं पता कि हम किस क्लास में पढ़ रहे हैं। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि शेहला 2017 में समाजशास्त्र से पीएचडी कर रही थी। इससे अधिक जानकारी तो उन्हें गूगल पर मिल जाती। उन्होंने कहा कि मैं 3 एनजीओ चलाती हूँ। ये बताता है कि वो मेरे बारे में कितना जानते हैं। जो भी लोग मुझे जानते हैं, उन्हें ये पता होगा कि मैं किसी एनजीओ से नहीं जुड़ी हूँ।”

वो नहीं जानते मेरा अकाउंट नंबर: शेहला

अगले ट्वीट में शेहला ने कहा, “मेरे पिता मेरे अकाउंट की जाँच की बात कह रहे हैं, लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि मेरा अकाउंट नंबर है क्या? उनके अकाउंट से मेरे अकाउंट में आज तक कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है। वो कह रहे हैं कि साल 2017 में वो मुझसे मिले थे। 2017 में मुझे चिकन पॉक्स हुआ था, उस दौरान मेरी बहन ने उनसे कहा कि वो मुझे आकर देख लें। हालाँकि, इसके बावजूद जब वो नहीं आए तो हम लोगों ने उनसे बात करना बंद कर दिया।”

पिता पर लगाए गंभीर आरोप

उन्होंने आगे लिखा, “सच्चाई ये है कि उन्होंने मेरी माँ को आर्थिक रूप से परेशान किया और शारीरिक और मौखिक रूप से भी उन्हें बहुत तंग किया। मेरी माँ ने 32 साल सरकार की नौकरी की और हम सभी की परवरिश भी की। मेरी माँ ही मेरी माँ-बाप हैं, उन्होंने हमेशा नि:स्वार्थ रूप से हमें प्यार किया। वो हमेशा से मेरे पिता को सिर्फ इसलिए सहती रहीं कि हम अपने पिता को देखते रहें।”

पिता की चिट्ठी को बताया राजनीतिक स्टंट

शेहला ने कहा कि उनके पिता की लिखी चिट्ठी सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है, ताकि हम उनके खिलाफ किए गए घरेलू हिंसा के केस को वापस ले लें। उस केस में हम ना सिर्फ पक्षकार हैं, बल्कि गवाह भी हैं।

शेहला के पिता ने की थी कार्रवाई की माँग

बता दें कि जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद पर उनके पिता ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने डीजीपी को चिट्ठी लिखकर शेहला के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। शेहला के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने जुहूर बटाली और राशिद इंजिनियर से 3 करोड़ रुपए लिए थे। उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए डीजीपी से सुरक्षा की गुहार भी लगाई है। हालाँकि, शेहला ने पिता के सभी आरोपों से इनकार किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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