Wednesday, April 21, 2021
Home देश-समाज सत्संग के नाम पर झारखंड में आदिवासियों का धर्मांतरण, गाँवों में चर्च के एजेंट...

सत्संग के नाम पर झारखंड में आदिवासियों का धर्मांतरण, गाँवों में चर्च के एजेंट हिंदू धर्म के खिलाफ उगल रहे जहर: विहिप का दावा

"लॉकडाउन के दौरान जबरन धर्मांतरण की कई रिपोर्ट हमें मिली है। हम हर मामले में साक्ष्य जुटा रहे हैं। धर्मांतरण ने इस सरकार (महागठबंधन) के सत्ता में आने (दिसंबर 2019 के अंत में) के बाद जोर पकड़ा है।"

झारखंड में बीजेपी सरकार के रहते आदिवासियों का जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून लाया गया था। लेकिन, राज्य में झामुमो, कॉन्ग्रेस और राजद गठबंधन के सत्तासीन होते ही धर्मांतरण ने जोर पकड़ लिया है। यह दावा विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने किया है।

विहिप के झारखंड-बिहार के क्षेत्रीय संगठन मंत्री केशव राजू और क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र विमल ने रविवार को रॉंची में पत्रकारों से बात करते हुए इसका खुलासा किया। इनके मुताबिक सत्संग के नाम पर आदिवासियों का जबरन धर्मांतरण हो रहा है। चर्च के एजेंट गॉंवों में हिंदू धर्म के खिलाफ जहर उगल कर इन्हें भड़काते हैं। विहिप ने कहा है कि वह इन एजेंटों की सूची तैयार कर रहा है।

विहिप के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख और राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय ​शंकर तिवारी ने ट्वीट कर कहा है, “कोरोना संकट के समय जारी लॉकडाउन में जहॉं समाज का एक बड़ा वर्ग जरूरतमंदों की मदद में लगा रहा, वहीं ईसाई मिशनरियां धर्मांतरण के खेल में लगी थीं। इस दौरान गुमला, लोहरदगा, लातेहार, सिमडेगा, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग जिलों में खूब धर्मांतरण कराया गया। यही है मिशनरियों का असली रूप।”

पत्रकारों से बात करते हुए विहिप के पदाधिकारियों ने कहा कि वे धर्मांतरण कराने वाले एजेंटों की सूची जल्द ही प्रशासन को सौंपेंगे। वीरेंद्र विमल ने कहा कि महागठबंधन की सरकार ने जबरन धर्मांतरण पर जान-बूझकर आँख मूॅंद रखा है। इसमें चर्चों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हुए उन्हेंने कहा, “लॉकडाउन के दौरान जबरन धर्मांतरण की कई रिपोर्ट हमें मिली है। हम हर मामले में साक्ष्य जुटा रहे हैं। धर्मांतरण ने इस सरकार (महागठबंधन) के सत्ता में आने (दिसंबर 2019 के अंत में) के बाद जोर पकड़ा है।”

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक झारखंड के गुमला, लोहरदगा, लातेहार, सिमडेगा, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग आदि जिलों में बड़े पैमाने पर ईसाई मिशनरियाँ धर्मांतरण कराने में जुटी हुई हैं। विहिप के पदाधिकारियों की मानें तो झारखंड में जगह-जगह धर्मांतरण कराने के लिए चर्च के एजेंट, पास्टर और नन प्रमुख रूप से लगे हुए हैं।

पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार सामने आती घटनाओं को देखकर ऐसा लगता है कि 2017 में धर्मांतरण विरोधी कानून बनने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी प्रलोभन देकर कराए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने में नाकाम हैं। झारखंड में लगातार बढ़ती धर्मांतरण की घटनाओं को देखते हुए विहिप ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है और कहा है कि यदि सरकार धर्मांतरण के खेल में लगे लोगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो VHP और जनजातीय समाज के लोग राज्य में बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

विहिप के झारखंड-बिहार के क्षेत्र संगठन मंत्री केशव राजू ने बताया कि कोडरमा के डोमचाच, चंदवारा, जयनगर व गिरिडीह के तीसरी व पीरटांड प्रखंड व लातेहार के गाँवों में चर्च के एजेंट सत्संग के नाम पर हिंदुओं को इकट्ठा करते हैं। इकट्ठा किए गए लोगों को हिंदू धर्म के प्रति भड़काया जाता है।

फिर प्रलोभन देकर उनका धर्मांतरण करवा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पैसे के लोभ में आकर कुछ हिंदू भी ईसाई मिशनरियों के साथ काम करते हैं और धर्मांतरण कराने में ईसाइयों का साथ देते हैं।

राजू ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान इस काम का कोई विरोध करने वाला नहीं था। इसी का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर लोगों का धर्मांतरण कराया गया। उन्होंने दावा किया है कि गिरिडीह में तीसरी प्रखंड के मनोज टुडू व सामेल मुर्मू व पीरटांड़ प्रखंड में पोल टुडू और बेंजामिन सोरेन धर्मांतरण के कार्य में लगे हुए हैं। कुछ इसी तरह लातेहार में विनोद उरांव स्वयं ईसाई बनने के बाद इस काम में आर्थिक सहयोग मिशनरियों को कर रहे हैं।

केशव राजू ने बताया कि अभी हम राज्य के सभी जिलों में धर्मांतरण के काम में लगे लोगों और प्रलोभन में आकर धर्म बदलने वाले लोगों का डाटा इकट्ठा कर रहे हैं। कार्य को पूरा होते ही इस सूची को प्रशासन को सौंपा जाएगा और प्रशासन पर इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए भी दबाव बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि झारखंड लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड में कुल 14 पंचायतें हैं, जिनके अंतर्गत 106 गाँव आते हैं। ये सभी गाँव आज ईसाई बहुल्य हो चुके हैं। अब इसी गति से पलामू के रजहरा, नवाबाजार, चान्या, सुकबेरा, करमा, केराई आदि गाँवों में लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है।

वहीं धर्म जागरण की के सौम्या मिश्रा के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान झारखंड गुमला के करौंदी, करमटोली, वृंदा, जोराग, डीबडीह व लोहरदगा के घाघरा, ताबील, जिलिंगसिरा, अरगी, टोटांबी, नवडीहा आदि गाँवों में धर्मांतरण का खेल फिलहाल जारी है। इतना ही नहीं उन्होंने दावा किया कि धर्मांतरण के बाद यहाँ के लोगों ने चर्च जाना भी शुरू कर दिया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश को लॉकडाउन से बचाएँ, आजीविका के साधन बाधित न हों, राज्य सरकारें श्रमिकों में भरोसा जगाएँ: PM मोदी

"हमारा प्रयास है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकते हुए आजीविका के साधन बाधित नहीं हों। केंद्र और राज्यों की सरकारों की मदद से श्रमिकों को भी वैक्सीन दी जाएगी। हमारी राज्य सरकारों से अपील है कि वो श्रमिकों में भरोसा जगाएँ।"

‘दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी’, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर कहा- ‘मोदी सरकार जल्द करे इंतजाम’

“दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मैं फिर से केंद्र से अनुरोध करता हूँ दिल्ली को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। कुछ ही अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची हुई है।”

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में लॉकडाउन: राहुल गाँधी ने एक बार फिर राज्यों की नाकामी के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

"प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक कदम उठाएगी?"

प्रचलित ख़बरें

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘भारत में कोरोना के डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाला’: मीडिया द्वारा बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ का FactCheck

'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत के इस डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जानिए क्या है इसके पीछे की सच्चाई।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,390FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe