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मुस्लिम युवक को मारा, जबरन बुलवाया ‘जय श्री राम’: 2 आरोपितों को कोर्ट ने दी जमानत, दलील में बताए आरोप निराधार

मुस्लिम व्यक्ति को पीटने के आरोप में पकड़े गए युवकों ने अपनी याचिका के लिए दलील दी थी कि उन्हें बेवजह फँसाया गया है। सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उनके मुताबिक मुस्लिम व्यक्ति ने पहले भगवान श्रीराम के बारे में अपशब्द बोले थे और बीजेपी नेताओं के खिलाफ़ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया था

झारखंड में एक मुस्लिम व्यक्ति को मारने-पीटने के आरोप में पकड़े गए दो लोगों (भाजपा कार्यकर्ता) को धनबाद की सत्र अदालत ने जमानत दे दी है। युवकों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने युवक से जबरन ‘जय श्रीराम’ बुलवाया। हालाँकि युवकों ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि उन्हें बेवजह फँसाया गया है। सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उनके मुताबिक मुस्लिम व्यक्ति ने भगवान श्रीराम के बारे में अपशब्द बोले थे और बीजेपी नेताओं के खिलाफ़ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया थे। वहीं मामले में दूसरे पक्ष की ओर से बताया गया कि पीड़ित युवक के साथ न केवल मारपीट हुई बल्कि उसे थूक चाटने को मजबूर किया गया।

मुस्लिम युवक के भाई ने कहा कि उसका बड़ा भाई गाँधी की मूर्ति के पास एक सड़क क्रॉस कर रहा था उसी समय आरोपितों ने उन्हें देखा और मारपीट की व उसे थूक चाटने को मजबूर किया गया और उससे जय श्रीराम के नारे लगवाए। इसी शिकायत को निराधार बताते हुए आरोपित पक्ष की ओर से इस मामले को ‘साजिश’ कहा गया। कोर्ट की सुनवाई के दौरान जानकारी दी गई कि शिकायतकर्ता की ओर से पहले भगवान श्रीराम को और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के लिए अपशब्द बोले गए थे।

आरोपितों की जमानत के लिए चल रही सुनवाई में बचाव पक्ष ने कोर्ट में बताया कि कैसे दोनों युवकों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 143, 323, 328, 307, 153ए , 149 के तहत कथित केस फाइल किया गया है। जमानत के लिए आरोपितों की ओर से दलील दी गई कि 153ए के तहत केस चलाने के लिए अनुमति की आवश्यकता होती है, लेकिन जाँच अधिकारियों ने इसे लागू नहीं किया। इसके अलावा धारा 328 लगाने पर भी बचाव पक्ष ने सवाल उठाए और दिखाया कि जो चोटे आई हैं वो ज्यादा गहरी नहीं हैं। फिर धारा 307 के तहत भी कहा गया कि किसी तरह मुकदमा नहीं बनता है। बचाव पक्ष ने गवाहों की विशवसनीयता पर भी सवाल उठाया और इस बात पर गौर कराया कि वे राजनीतिक प्रतिद्वंदी हैं। कोर्ट में ये भी दिखाया गया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता कर लिया गया था।  इसके बाद तथ्यों और परिस्थितियों पर किए गए निवेदनों पर विचार करते हुए कोर्ट ने आरोपितों को जमानत दे दी।

झारखंड से वीडियो हुई थी वायरल

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुई थी। इस वीडियो को लेकर दावे हुए कि भाजपा कार्यकर्ता एक मुस्लिम शख्स को पीटकर उसे थूक चटवा रहे हैं। कथिततौर पर ये व्यक्ति मानसिक रूप से पीड़ित था। इस वीडियो में देख सकते हैं कि गुस्साई भीड़ बार बार उस युवक से पूछ रही है कि “तुमने क्यों बोला?” इस पर युवक कहता है कि गलती हो गई। इसके बाद लोग उससे खींचतान करते हैं और फिर उसे थूक चाटने को भी कहा जाता है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद हेमंत सोरेन ने जाँच के बाद आरोपितों पर कार्रवाई करने को कहा था, जिसके बाद पुलिस ने दो लोगों को पकड़कर अदालत में पेश किया था और उसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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