Thursday, January 21, 2021
Home देश-समाज एक छात्र पर सालाना खर्च ₹7 लाख, नतीजा नील बटे सन्नाटा: JNU की कहानी,...

एक छात्र पर सालाना खर्च ₹7 लाख, नतीजा नील बटे सन्नाटा: JNU की कहानी, आँकड़ों की जुबानी

प्रतिवर्ष औसतन 4.5 छात्रों में से 1 के ही 'आर्टिकल' जर्नल में छप पाते हैं। हर साल 2000 से भी अधिक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में छात्र हिस्सा लेते हैं। जब रिसर्च पेपर नहीं छप रहे और न कोई पेटेंट्स आ रहे, तो फिर उन कॉन्फ्रेंस से क्या प्राप्त होता है, ये तो भगवान ही जानें।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हॉस्टल मैन्युअल अपडेट किए जाने को लेकर विवाद चल रहा है। इस सम्बन्ध में कुछ बातें हैं, जो आपके लिए जाननी ज़रूरी है। इसे आँकड़ों के माध्यम से समझने की ज़रूरत है। दरअसल, इस यूनिवर्सिटी में सबसे ज्यादा छात्र आर्ट्स, सोशल स्टडीज, लैंग्वेज कोर्स और इंटरनेशनल स्टडीज पढ़ते हैं। जेएनयू में लगभग 8,000 छात्र हैं। इनमें से आधे से ज्यादा आर्ट्स, लैंगवेज, लिटरेचर और सोशल साइंस के हैं। 57% छात्र इन्हीं चार विषयों की पढ़ाई करते हैं। बाकी बचे छात्रों में से 15% इंटरनेशनल स्टडीज में हैं। कुल छात्रों में से 55% एमफिल और पीएचडी कर रहे हैं।

एजुकेशन को लेकर ट्विटर पर अक्सर जानकारी साझा करने वाले अनुराग सिंह ने इन आँकड़ों को ट्वीट किया है। सवाल उठता है कि सरकार जेएनयू पर कितना ख़र्च करती है? अनुराग सिंह ने इस सवाल का जवाब भी दिया है। उन्होंने 2014 से लेकर 2018 तक जेएनयू को हुए वित्तीय लाभ और हानि का विवरण दिया है। ये आँकड़े जेएनयू के एनुअल रिपोर्ट से लिए गए हैं, जो क़रीब 600 पन्नों का है। अनुराग लिखते हैं कि जिन आँकड़ों को पहले पन्ने पर होना चाहिए, वो बीच में कहीं दबे रहते हैं।

जेएनयू को सब्सिडी और सहायता के रूप में सरकार से 352 करोड़ मिलते हैं। जेएनयू प्रतिवर्ष 556 करोड़ ख़र्च करता है। यूनिवर्सिटी के सभी कार्यों को मिला कर सालाना ख़र्च होने वाली रक़म यही है। अब सवाल उठता है कि अगर छात्रों की हिसाब से देखें तो यूनिवर्सिटी प्रति छात्र सालाना कितनी रक़म ख़र्च करता है? छात्रों की संख्या लगभग 8,000 है। कुल ख़र्च 556 करोड़ है। कैलकुलेट करने पर पता चलता है कि जेएनयू हर एक छात्र पर सालाना 6.95 लाख रुपए ख़र्च करता है। अगर हम बाकी चीजों को हटा दें और केवल सरकारी सब्सिडी और ग्रांट्स की बात करें, तब भी आँकड़ा 352 करोड़ होता है। यानी, 4.40 लाख रुपए प्रति छात्र।

अब आपको लगता होगा कि इतनी ज्यादा रक़म ख़र्च हो रही है तो छात्र ज़रूर बेहतर अकादमिक प्रदर्शन करते होंगे? आपको लगता होगा कि काफ़ी उम्दा गुणवत्ता वाले रिसर्च पेपर्स प्रकाशित होते होंगे। दुनिया भर के नामी जर्नल्स में जेएनयू के छात्रों के रिसर्च पेपर्स छपते होंगे और उनकी वाहवाही होती होगी। अनुराग बताते हैं कि ऐसा नहीं है। रिसर्च और प्लेसमेंट के बारे में जेएनयू कुछ स्पष्ट नहीं बताता। अपनी रिपोर्ट्स में वह नहीं बताता कि प्लेसमेंट्स की स्थिति क्या है? फिर भी, उपलब्ध आँकड़ों पर गौर करें तो एमफिल और पीएचडी के छात्रों की संख्या भले ही 4360 हो पर रिसर्च पेपर्स की संख्या 1000 छूने में भी हाँफ जाती है।

अनुराग सिंह ने आगे कैलकुलेट कर के बताया कि प्रतिवर्ष औसतन 4.5 छात्रों में से 1 के ही ‘आर्टिकल’ जर्नल में छप पाते हैं। हर साल 2000 से भी अधिक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में छात्र हिस्सा लेते हैं। जब रिसर्च पेपर नहीं छप रहे और न कोई पेटेंट्स आ रहे, तो फिर उन कॉन्फ्रेंस से क्या प्राप्त होता है, ये तो भगवान ही जानें। हर साल क़रीब 600 पीएचडी धारक निकलते हैं और न कोई उम्दा रिसर्च पेपर और न कोई पेटेंट।

तो फिर हंगामा क्यों? फी बढ़ाने का आरोप लगा कर विरोध-प्रदर्शन क्यों? जेएनयू में ट्यूशन फी मात्र 240 रुपए प्रतिवर्ष है। लाइब्रेरी फी के नाम पर प्रतिवर्ष मात्र 6 रुपए लिए जाते हैं। सिक्योरिटी डिपाजिट मात्र 40 रुपए है, जो वापस भी मिल जाते हैं। ये आँकड़े एमफिल और पीएचडी के हैं।

आईआईटी दिल्ली जेएनयू के बगल में ही स्थित है। वहाँ छात्रों के प्रतिवर्ष 2.25 लाख ख़र्च होते हैं। इसी तरह आईआईएमसी में प्रतिवर्ष 5 से 10 लाख रुपए फी लगते हैं। जब चार्जेज में मामूली बढ़ोतरी की गई है, तब इस सवाल का उठना लाजिमी है कि जेएनयू छात्र संगठन के इस विरोध-प्रदर्शन का औचित्य क्या है? वैसे भी जेएनयूएसयू के विभिन्न पदों पर वामपंथी छात्र संगठन के लोग काबिज हैं।

यह भी पढ़ें: देश का सबसे बेहतर शोध संस्थान जो रैंकिंग में फिसड्डी और राजनीति का अड्डा है
यह भी पढ़ें: 10 रुपए महीने पर कमरा उपलब्ध है, ‘अंकल-आंटियों’ को चट्टानों पर रात में भी जाना होता है

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

एक ही जामा मस्जिद 2-2 जगहों पर.. नई बन गई, फिर भी पुरानी पर अवैध कब्जा: टिहरी डैम की सरकारी जमीन को लेकर एक्शन...

विस्थापन नीति के तहत जब पुरानी टिहरी से मंदिर-मस्जिद का विस्थापन कर दिया गया था तो अब भी THDC क्षेत्र में यह जामा मस्जिद कैसे जारी है?

‘अल्लाह’ पर टिप्पणी के कारण कंगना के अकॉउंट पर लगा प्रतिबंध? या वामपंथियों ने श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंग को बताया ‘हिंसक’?

"जो लिब्रु डर के मारे मम्मी की गोद में रो रहे हैं। वो ये पढ़ लें कि मैंने तुम्हारा सिर काटने के लिए नहीं कहा। इतना तो मैं भी जानती हूँ कि कीड़े मकोड़ों के लिए कीटनाशक आता है।"

‘मस्जिदों से घोषणा होती थी कौन कब मरेगा, वो चाहते थे निजाम-ए-मुस्तफा’: पत्रकार ने बताई कश्मीरी पंडितों के साथ हुई क्रूरता की दास्ताँ

आरती टिकू सिंह ने अपनी आँखों से कश्मीरी पंडितों के पलायन का खौफनाक मंजर देखा है। उनसे ही सुनिए उनके अनुभव। जानिए कैसे मीडिया ने पीड़ितों को ही विलेन बना दिया।

स्वामीये शरणम् अय्यप्पा: गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर सुनाई देगा ब्रह्मोस रेजिमेंट का यह वॉर क्राई

861 मिसाइल रेजिमेंट, राजपथ पर इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन करेगी। रेजिमेंट का 'वॉर क्राई' हो- स्वामीये शरणम् अय्यप्पा

प्रचलित ख़बरें

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘टॉप और ब्रा उतारो’ – साजिद खान ने जिया को कहा था, 16 साल की बहन को बोला – ‘…मेरे साथ सेक्स करना है’

बॉलीवुड फिल्म निर्माता साजिद खान के खिलाफ एक बार फिर आवाज उठनी शुरू। दिवंगत अभिनेत्री जिया खान की बहन करिश्मा ने वीडियो शेयर कर...

‘नंगा कर परेड कराऊँगा… ऋचा चड्ढा की जुबान काटने वाले को ₹2 करोड़’: भीम सेना का ऐलान, भड़कीं स्वरा भास्कर

'भीम सेना' ने 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को दलित-विरोधी बताते हुए ऋचा चड्ढा की जुबान काट लेने की धमकी दी। स्वरा भास्कर ने फिल्म का समर्थन किया।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

टिकटॉक स्टार कहती हैं, "साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।"

‘शक है तो गोली मार दो’: इफ्तिखार भट्ट बन जब मेजर मोहित शर्मा ने आतंकियों के बीच बनाई पैठ, फिर ठोक दिया

मरणोपतरांत अशोक चक्र से सम्मानित मेजर मोहित शर्मा एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान बलिदान हुए थे। इफ्तिखार भट्ट बन उन्होंने जो ऑपरेशन किया वह आज भी कइयों के लिए प्रेरणा है।
- विज्ञापन -

 

00:30:41

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

TMC की धमकी- ‘गोली मारो… से लेकर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे’ पर BJP का पलटवार, पूछा- क्या यह ‘शांति’ की परिभाषा है?

टीएमसी की रैली में 'बंगाल के गद्दारों को गोली मारो सालो को' जैसे नारे लगा कर BJP कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी तो वहीं ममता सरकार में परिवहन मंत्री ने भाजपा को लेकर कहा, "अगर दूध माँगोगे तो खीर देंगे, लेकिन अगर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे।"

मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस पेंट कर चर्च में बदलने की कोशिश, पहले भी मूर्तियों और दानपात्र को पहुँचाई गई थी क्षति

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक हिंदू मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस चिन्ह पेंट कर उसे एक चर्च में बदलने का प्रयास किया गया है।

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

3 में 3 स्टार, 4 लाख में 4… ऐसे दी जाती है बॉलीवुड फिल्मों की रेटिंग: फिल्ममेकर ने खुद बताई हकीकत

विकास खन्ना ने कहा कि उन्हें 'पक्षपात और भाई-भतीजावाद का पहला अनुभव' हुआ जब क्रिटिक्स में से एक ने उन्हें उनकी फिल्म के रिव्यू के लिए पैसे देने के लिए कहा और इसके लिए राजी नहीं होने पर उन्हें बर्बाद करने की धमकी भी दी गई थी।

चारों ओर से घिरी Tandav: मुंबई, UP में FIR के बाद अब इंदौर के न्यायालय में हुई शिकायत दर्ज

UP पुलिस 'तांडव' की पूरी टीम और अमेजन प्रबंधन से पूछताछ कर रही है तो दूसरी ओर इंदौर में अब तांडव को लेकर जारी आक्रोश न्यायालय तक पहुँ च गया है।

‘हर बच्चा एक मुसलमान के रूप में पैदा होता है’: भगोड़े जाकिर नाइक का एक और ‘हास्यास्पद’ दावा, देखें वीडियो

डॉ. जाकिर नाइक ने इस बार एक और विवादित दावा किया है। यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए अपने एक वीडियो में उसने दावा किया है कि 'हर बच्चा मुसलमान पैदा होता है।'

127 साल पुरानी बाइबिल से शपथ लेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन: जानिए क्या है ऐसा करने की खास वजह

यह बाइबिल बाइडेन के पिता की ओर से है। जोकि 1893 से उनके परिवार के पास है। उन्होंने अपने सभी सात शपथ ग्रहण समारोहों के लिए एक ही बाइबिल का उपयोग किया है।

एक ही जामा मस्जिद 2-2 जगहों पर.. नई बन गई, फिर भी पुरानी पर अवैध कब्जा: टिहरी डैम की सरकारी जमीन को लेकर एक्शन...

विस्थापन नीति के तहत जब पुरानी टिहरी से मंदिर-मस्जिद का विस्थापन कर दिया गया था तो अब भी THDC क्षेत्र में यह जामा मस्जिद कैसे जारी है?

ऐलान के बाद केजरीवाल सरकार ने नहीं दिया 1 करोड़ का मुआवजा: कोरोना से मृत दिल्ली पुलिस जवानों के परिवार को अभी भी है...

केजरीवाल ने दिवंगत दिल्ली पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए बलिदान के बारे में ट्विटर पर बताते हुए कुमार के परिवार को 1 करोड़ रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
383,000SubscribersSubscribe