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कालीचरण महाराज की जमानत को छत्तीसगढ़ कोर्ट ने किया खारिज, 13 जनवरी तक रहेंगे जेल में: ‘धर्म संसद’ विवाद में अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी

कालीचरण महाराज ने महात्मा गाँधी की हत्या को जायज ठहराते हुए उनकी हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को नमन किया था। उन्होंने इस्लाम को लेकर कहा था कि मुस्लिम देश पर कब्जा करना चाहते हैं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ‘धर्म संसद’ में महात्मा गाँधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कालीचरण महाराज (Kalicharan Maharaj) को राहत नहीं मिली। रायपुर की जिला अदालत ने सोमवार (3 जनवरी 2022) को करीब डेढ़ घंटे तक वकीलों की दलील सुनने के बाद आवेदन को खारिज कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराज को रायपुर की जेल में 13 जनवरी तक की न्यायिक हिरासत में रखा गया है।

रायपुर कोर्ट में 12th ADJ विक्रम चंद्रा की अदालत में उनकी जमानत याचिका की सुनवाई हुई। इस दौरान कालीचरण महाराज के वकील पुलिस की कार्रवाई को गलत ठहराते रहे, लेकिन अदालत ने उनकी एक नहीं सुनी। जानकारी के मुताबिक, महाराज की जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। लीगल टीम इसकी तैयारी में जुट चुकी है।

बता दें कि कालीचरण महाराज के खिलाफ छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र के पुणे में भी मामला दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र पुलिस ने उनके ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन दिया है, जिसकी सुनवाई मंगलवार (4 दिसंबर 2022) को होगी। अदालत से अनुमति मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस पूछताछ के लिए उन्हें अपने साथ लेकर जाएगी।

बीते दिनों रायपुर पुलिस ने उन्हें मध्य प्रदेश के खजुराहो स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया था। कालीचरण महाराज पर आरोप है कि उन्होंने 26 दिसंबर 2021 को रायपुर के रावण भाटा मैदान में आयोजित ‘धर्म संसद’ में महात्मा गाँधी को लेकर अपमानजनक बात ही थी।

कालीचरण महाराज ने महात्मा गाँधी की हत्या को जायज ठहराते हुए उनकी हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को नमन किया था। कथित तौर पर उन्होंने मंच से कॉन्ग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए हिंदू नेता चुनने की बात भी श्रोताओं से कही थी। इसके अलावा, उन्होंने इस्लाम को लेकर कहा था कि मुस्लिम देश पर कब्जा करना चाहते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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