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‘गलत साबित हुई तो माफी माँग छोड़ दूँगी ट्विटर’: कंगना ने ट्रोल करने वालों को कहा पप्पू की चंपू सेना

"जैसे श्री कृष्ण की नारायणी सेना थी, वैसे ही पप्पू की भी अपनी एक चंपू सेना है जो सिर्फ़ अफ़वाहों के दम पे लड़ना जानती है। यह है मेरा ओरिजिनल ट्वीट है। अगर कोई यह सिद्ध कर दे कि मैंने किसानों को आतंकी कहा है, तो मैं माफ़ी माँगकर हमेशा के लिए ट्विटर छोड़ दूँगी।"

कृषि विधेयक पर कंगना रनौत ने 20 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्वीट शेयर करते हुए एक पोस्ट किया। अपने पोस्ट में उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो कृषि बिल के फायदे जानने के बावजूद इस पर सवाल उठा रहे थे। अपनी इस प्रतिक्रिया में उन्होंने उन लोगों का जिक्र भी किया जिन्होंने सीएए के समय भी ऐसे ही बवाल मचाया था।

हालाँकि, उनकी इस हालिया टिप्पणी को सोशल मीडिया पर गलत तरह से पेश करके दावा किया जाने लगा कि उन्होंने ‘किसानों’ को ‘आतंकी’ कहा है। अब इन्हीं आरोपों का जवाब देते हुए कंगना ने अपने विरोधियों पर करारा पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि अगर उन पर लगे आरोप साबित हो गए तो वह ट्विटर छोड़ देंगीं।

कंगना ने अपना ट्वीट शेयर करते हुए लिखा, “जैसे श्री कृष्ण की नारायणी सेना थी, वैसे ही पप्पू की भी अपनी एक चंपू सेना है जो सिर्फ़ अफ़वाहों के दम पे लड़ना जानती है। यह है मेरा ओरिजिनल ट्वीट है। अगर कोई यह सिद्ध कर दे कि मैंने किसानों को आतंकी कहा है, तो मैं माफ़ी माँगकर हमेशा के लिए ट्विटर छोड़ दूँगी।”

बता दें, कंगना रनौत के जिस ट्वीट को गलत तरीके से पेश किया गया उसमें उन्होंने कहा था, “अगर कोई सो रहा हो उसे जगाया जा सकता है। जिसे ग़लतफ़हमी हो उसे समझाया जा सकता है। मगर जो सोने की एक्टिंग करे, ना समझने की एक्टिंग करे उसे आपके समझाने से क्या फ़र्क़ पड़ेगा? ये वही आतंकी हैं, CAA से एक भी इंसान की सिटीजनशिप नहीं गई मगर इन्होंने ख़ून की नदियाँ बहा दीं।”

अपने ट्वीट में उन्होंने बताया कि सीएए में एक भी भारतीय नागरिक ने नागरिकता नहीं खोई, मगर प्रोपगेंडाबाजों ने झूठी जानकारी फैलाकर हिंसा भड़का दी। अब इसी ट्वीट को तोड़-मरोड़ कर टाइम्स ऑफ इंडिया ने हेडलाइन बनाई और लिखा कि कंगना ने किसानों को ‘आतंकी’ कहा है, जबकि पूरा ट्वीट पढ़ने पर साफ पता चलता है कि अभिनेत्री का कथन उन लोगों के संदर्भ है, जिन्होंने दंगों के लिए लोगों को उकसाया।

‘कंगना रनौत ने किसानों को आतंकी कहा’: कितना सही है TOI का ये दावा

टाइम्स की खबर के बाद कई नेटिजन्स ने भी कंगना पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसानों को आतंकी कहा। हैरानी की बात है कि भारत के नामी इंस्टीट्यूट में पढ़ने वालों ने भी इसे गलत समझा और तो और बुद्धिजीवियों ने इसे जम कर शेयर किया। किसी ने उन्हें बिन दिमाग की लड़की बताया और किसी ने उनका नाम ‘दंगाई’ रनौत कर दिया। पत्रकार विनोद कापड़ी ने भी इसे शर्मनाक करार दिया और पूछा कि लाखो किसान आतंकी हैं? क्या राज्यसभा में विरोध करने वाले सांसद आतंकी हैं? या मोदी मंत्रिमंडल में इस्तीफा देने वाली हरसिमरत बादल आतंकी हैं?

बता दें कि विपक्षी सांसदों के जोरदार हंगामे के बीच राज्‍यसभा ने रविवार (सितंबर 20, 2020) को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को ध्वनिमत से पास कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि सुधार संबंधी विधेयकों को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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