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कानपुर में रुपए देकर मदरसे के बच्चों से कराई पत्थरबाजी, बिरयानी खिलाकर पढ़ाया गया मजहबी कट्टरता का पाठ: CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

पुलिस की जाँच में यह बात भी सामने आई है कि जिले में हिंसा कराने के लिए मदरसे के बच्चों को पैसे दिए गए थे। यहाँ तक कि हिंसा से पहले उन्हें कई बार बिरयानी भी खिलाई गई।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 3 जून, 2022 को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मामले में मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे पुलिस की रडार पर है। हिंसा के दौरान इन बच्चों ने जमकर पत्थरबाजी की और बम फेंके थे। CCTV फुटेज और वायरल फोटो-वीडियो की जाँच से इस बात की पुष्टि हुई है। इस मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के आदेश पर पुलिस ने जाँच शुरू की तो ऐसे कई चौकाने वाले खुलासे हुए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की जाँच में यह बात भी सामने आई है कि जिले में हिंसा कराने के लिए मदरसे के बच्चों को पैसे दिए गए थे। यहाँ तक कि हिंसा से पहले उन्हें कई बार बिरयानी भी खिलाई गई। साथ ही बच्चों को मजहबी कट्‌टरता का भी पाठ पढ़ाया गया था।

बता दें कि कश्मीर में पत्थरबाजी करने के लिए आतंकी समूह भी ऐसा करते रहे हैं। जिससे इलाके के मदरसे में पढ़ने वाले छात्र भी अब पुलिस के रडार पर हैं। इसके अलावा एक बार फिर से कानपुर हिंसा के आरोपितों को पाँच दिन की रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई है। वहीं इस मामले में कानपुर पुलिस जल्द ही जाँच पूरी करके अपनी रिपोर्ट NCPCR को सौंपेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, JCP आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया, “बच्चों का हिंसा में शामिल होना गंभीर बात है। NCPCR ने भी इसका संज्ञान लेते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा को जाँच का आदेश दिया है। अभी तक कि जाँच में सामने आया कि नाबालिग बच्चों को रुपए देकर हिंसा के लिए डायवर्ट किया गया।”

उन्होंने बताया कि बच्चों तक फंड सीधे नहीं, बल्कि अलग-अलग चैनल से भेजे गए। यानी इलाके के नेताओं और गली-मोहल्ले के लोगों से रुपए बँटवाए गए। जिससे तय समय पर सैकड़ों नाबालिग हाथ में पत्थर लेकर सड़कों पर उतर आए थे और जमकर पथराव और बमबाजी किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की जाँच में कानपुर के नामी बिल्डर हाजी वसी समेत आठ बिल्डरों का नाम सामने आया है। जिन्होंने कानपुर हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी को फंडिंग करते थे। पुलिस अब इस बात की भी जाँच कर रही है कि कहीं इस पैसे का इस्तेमाल हिंसा फैलाने के लिए तो नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि कानपुर (Kanpur ) में 3 जून को इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा के दौरान पेट्रोल बमों का इस्तेमाल किया गया था। इसको लेकर अब खुलासा हुआ है कि घटना के 48 घंटे पहले ही चरमपंथियों ने सुनियोजित तरीके से बोतलों में पेट्रोल इकट्ठा किया था। हिंसा के दैरान कानपुर में दंगाइयों ने करीब 50 धमाके किए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, कट्टरपंथियों ने शहर के डिप्टी पड़ाव स्थित भारत पेट्रोलियम के पंप से बोतलों में पेट्रोल भरवाया था। सीसीटीवी फुटेज से इसका खुलासा होने के बाद कानपुर के जिलाधिकारी ने पेट्रोल पंप का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। इसके साथ ही सभी 37 पंपों की जाँच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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