Homeदेश-समाजकोरोना के कारण इस बार काँवड़ यात्रा नहीं, 3 राज्यों के CM ने आपसी...

कोरोना के कारण इस बार काँवड़ यात्रा नहीं, 3 राज्यों के CM ने आपसी सहमति से लिया फैसला

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जोनल महानिदेशकों और सभी जोनल कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रोटोकॉल लागू कराने का निर्देश दे दिया है। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि एक स्थान पर पाँच से अधिक लोग इकट्ठे न हों।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर काँवड़ यात्रा को इस वर्ष उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रद्द करने का फैसला किया है। सीएम योगी ने यह फैसला 20 जून को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात करने के बाद लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री के पास यह प्रस्ताव साधु संतों व धार्मिक गुरुओं के जरिए आया था। तीनों मुख्यमंत्री की बैठक के बाद इसे मँजूरी मिल गई।

इस निर्णय के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जोनल महानिदेशकों और सभी जोनल कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रोटोकॉल लागू कराने का निर्देश दे दिया है। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि एक स्थान पर पाँच से अधिक लोग इकट्ठे न हों।

बता दें, सीएम ने इस दौरान स्थानीय धर्मगुरुओं व काँवड़ यूनियन और शांति कमेटी से भी बात की। साथ ही लोगों को इस निर्णय के बारे में सूचित करने व इसका पालन करने के लिए भी कहने को कहा गया। इसके अलावा सीएम ने अगस्त में आने वाली बकरीद को लेकर भी निर्देश दिया कि उस समय भी 5 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं होंगे।

उल्लेखनीय है कि हर वर्ष सावन के महीने में काँवड़ यात्रा का विशेष महत्व होता है। लाखों श्रद्धालु अपने घरों से इस यात्रा के लिए निकलते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। ऐसे में जगह-जगह इन श्रद्धालुओं के रुकने का इंतजाम, खाने-पीने का इंतजाम सरकार को करना पड़ता है।

इस बार आशंका है कि यदि ऐसा कोई आयोजन होता है, तो उससे संक्रमण काबू होने की बजाय और बढ़ेगा। काँवड़ यात्रा में इकट्ठा हुई भीड़ में सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करवा पाना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए, इस वर्ष धार्मिक गुरुओं की सलाह को देखते हुए इसे स्थगित करने का फैसला किया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था?’: राहुल गाँधी-संदीप दीक्षित की PM मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर घटिया टिप्पणी, कॉन्ग्रेस का महिला-विरोधी चेहरा...

राहुल गाँधी ने PM मोदी की विदेश नीति का मजाक उड़ाते हुए संदीप दीक्षित को गले लगाया। इसके बाद दीक्षित ने मेलोनी को लेकर भद्दी टिप्पणी की।

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।
- विज्ञापन -