Monday, July 22, 2024
Homeदेश-समाजहिजाब पहनने पर परीक्षा देने की नहीं मिलेगी अनुमति: कर्नाटक के शिक्षा मंत्री की...

हिजाब पहनने पर परीक्षा देने की नहीं मिलेगी अनुमति: कर्नाटक के शिक्षा मंत्री की दो टूक – यूनिफॉर्म पहनना ही पड़ेगा, नियम का पालन कीजिए

बता दें कि शरीयत समिति की ओर से पेश वकील शादान फरासत ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले को लिस्टिंग कर जल्द सुनवाई की माँग की थी।

कर्नाटक में हिजाब विवाद एक बार फिर गरमाता दिख रहा है। राज्य के शिक्षा मंत्री ने बी.सी. नागेश ने कहा है कि हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को प्री यूनिवर्सिटी परीक्षा (PUC) देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि पिछली बार की तरह, इस साल भी छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर परीक्षा देनी होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने वाली याचिका कर दी थी। परीक्षा गुरुवार (9 मार्च 2023) से शुरू होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बी.सी नागेश ने कहा है कि प्री यूनिवर्सिटी परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर ही आना होगा। जो छात्र हिजाब पहनकर परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें परीक्षा केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा है, “पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी छात्र-छात्रों को यूनिफॉर्म पहनकर ही परीक्षा देनी चाहिए। हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी। सभी को नियम का पालन करना होगा। राज्य सरकार और शिक्षण संस्थान निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं।”

बी.सी. नागेश ने आगे कहा है, “हिजाब पर प्रतिबंध लगने के बाद परीक्षा देने वाली मुस्लिम महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस बार पिछली बार की अपेक्षा अधिक मुस्लिम छात्राओं का नामांकन हुआ है। हमारे आँकड़ें बताते हैं कि हिजाब प्रकरण के बाद परीक्षा देने वाली मुस्लिम बहनों की संख्या और उनके नामांकन में वृद्धि हुई है।”

बता दें कि इससे पहले शुक्रवार (3 मार्च 2023) को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हिजाब पहनकर वार्षिक परीक्षा देने की अनुमति देने की माँग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस मामले की सुनवाई होली के बाद होगी।

बता दें कि शरीयत समिति की ओर से पेश वकील शादान फरासत ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले को लिस्टिंग कर जल्द सुनवाई की माँग की थी। वकील का कहना था कि छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएँ 9 मार्च 2023 से शुरू हो रही हैं। इसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस मामले को होली की छुट्टी से पहले अंतिम कार्यदिवस को नहीं लाना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वह इस मामले की तत्कालिकता को समझते हैं, लेकिन वे इस मामले को होली के बाद सूचीबद्ध कर सुनवाई के लिए पीठ गठित करेंगे। बता दें कि होली 8 मार्च 2023 को है और शुक्रवार (3 मार्च, 2023) को अंतिम कार्यदिवस था। इसके बाद कोर्ट की छुट्टियाँ हैं और कोर्ट 13 मार्च को फिर से खुलेगा।

इसके पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक सरकार एवं शिक्षण संस्थानों द्वारा स्कूल-कॉलेजों में यूनीफॉर्म को जरूरी बताते हुए हिजाब पर लगाई गई रोक को सही ठहराया था। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने खंडित फैसला सुनाया था।

सुप्रीम कोर्ट के खंडित फैसले के बाद कर्नाटक के स्कूलों में लड़कियों को हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई है। यह परीक्षा 9 मार्च 2023 से शुरू होने वाली है। 15 मार्च 2022 को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उडुपी में गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज के मुस्लिम छात्राओं के कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति माँगने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि हिजाब इस्लामिक विश्वास का अहम हिस्सा नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

काँवड़िए नहीं जान पाएँगे दुकान ‘अब्दुल’ या ‘अभिषेक’ की, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक: कहा- बताना होगा सिर्फ मांसाहार/शाकाहार के बारे में,

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कांवड़ रूट पर दुकानदारों के नाम दर्शाने वाले आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।

AAP विधायक की वकीलगिरी का हाई कोर्ट ने उतारा भूत: गलत-सलत लिख कर ले गया था याचिका, लग चुका है बीवी को कुत्ते से...

दिल्ली हाईकोर्ट के जज ने सोमनाथ भारती की याचिका पर कहा कि वो नोटिस जारी नहीं कर सकते, उन्हें ये समझ ही नहीं आ रहा है, वो मामला स्थगित करते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -