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‘नशीला पेय पिला किया रेप, वीडियो बना माँगे ₹2 लाख’: पार्टी की महिला कार्यकर्ता का वीडियो वायरल किया, केरल में CPM नेता अरेस्ट

साजी के अलावा बाकी आरोपित फरार हैं। केरल पुलिस के मुताबिक, CPI (M) शाखा सचिव सीसी साजिमोन और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के नेता नसर पर महिला के कपड़े उतारने और उसकी नंगी तस्वीरें लेने के आरोप हैं। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया।

केरल की सत्ताधारी पार्टी CPI (M) के सदस्य चुमाथरा एलिमन्निल साजी (39) को अपनी ही पार्टी की कार्यकर्ता और साथ में काम करने वाली महिला साथी के न्यूड वीडियो को ऑनलाइन सर्कुलेट करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस केस में साजी समेत 12 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

साजी के अलावा बाकी आरोपित फरार हैं। केरल पुलिस के मुताबिक, CPI (M) शाखा सचिव सीसी साजिमोन और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के नेता नसर पर महिला के कपड़े उतारने और उसकी नंगी तस्वीरें लेने के आरोप हैं। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया। इस मामले में साजिमोन 11वां और नासर 12वां आरोपित है।

मई की है घटना

महिला ने शिकायत में बताया कि यह वारदात इसी साल मई में हुई थी। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने उसे कार में बैठा लिया, इसके बाद उन्होंने कथित रूप से उसे नशीला पेय पिलाया। जब महिला अपना होश खो बैठी तो उसके साथ रेप किया गया। इस दौरान आरोपितों ने घटना का वीडियो भी बना लिया। इस वीडियो के सहारे आरोपित उसे ब्लैकमेल करने लगे। आरोपितों ने महिला से 2 लाख रुपए की माँग की थी। साथ ही धमकी दी थी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वो उसके वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर साजिमोन और नासर के खिलाफ धारा 354 A (यौन उत्पीड़न), 354 B (महिला के कपड़े उतारने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 294 (अश्लील कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाकी आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 501, IT एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बहरहाल पुलिस आरोपितों के व्हॉट्सएप चैट की जाँच करेगी और उनके पकड़े जाने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

पीड़िता का आरोप कि राज्य की सत्ताधारी वामपंथी सरकार से आरोपितों के जुड़े होने के कारण पुलिस उनके खिलाफ ऐक्शन लेने में देरी कर रही है। आरोप है कि आरोपितों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है। कहा जा रहा है कि आरोपितों को पार्टी की कमिटी ऑफिस में छिपे रहने के लिए कहा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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