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नेहरू के नाम पर यूनिवर्सिटी है तो वैक्सीन सर्टिफिकेट पर PM मोदी की तस्वीर से क्या दिक्कत: केरल HC

केरल हाईकोर्ट ने कहा, “वह हमारे प्रधामंत्री हैं, किसी और देश के प्रधानमंत्री नहीं। उन्हें हमारे वोटों से सत्ता मिली है। सिर्फ इसलिए क्योंकि राजनीतिक मतभेद हैं, आप इसे चुनौती नहीं दे सकते… आपको पीएम पर शर्म क्यों आती है?"

केरल हाईकोर्ट में पिछले दिनों एक याचिका दायर की गई थी जिसमें इस बात की शिकायत थी कि आखिर को-विन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो क्यों दिखती है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी वी कुन्हीकृष्णन ने पूछा कि आखिर एक सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो होने से क्या दिक्कत है। कोर्ट ने कहा कि जब जवाहर लाल नेहरू के नाम पर यूनिवर्सिटी हो सकती है तो वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो होना क्यों गलत है।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील अजीत जॉय ने दलील दी कि पर्सनल वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इसके साथ ही पीएम मोदी की फोटो मतदान के उनके स्वतंत्र विकल्प का उल्लंघन है। इन दलीलों को सुनने के बाद जज ने कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा… हमें अपने पीएम पर गर्व करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “वह हमारे प्रधामंत्री हैं, किसी और देश के प्रधानमंत्री नहीं। उन्हें हमारे वोटों से सत्ता मिली है। सिर्फ इसलिए क्योंकि राजनीतिक मतभेद हैं, आप इसे चुनौती नहीं दे सकते… आपको पीएम पर शर्म क्यों आती है? 100 करोड़ लोगों को इससे समस्या नहीं है तो आपको क्यों है। हर किसी के अलग राजनीतिक मत होते हैं, लेकिन फिर भी वो हमारे पीएम हैं। आप न्यायपालिका का समय बर्बाद कर रहे हैं।”

जब याचिकाकर्ता ने ये दलील दी कि दूसरे देश के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर कोई तस्वीर नहीं है तब जज ने कहा, “शायद उन्हें अपने पीएम पर गर्व नहीं होगा, लेकिन हमें हैं। आपको गर्व करना चाहिए कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर पीएम की फोटो है।” इस पर याचिकाकर्ता ने कहा, “कोई गर्व करेगा या नहीं ये उसकी निजी इच्छा है।”

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी का उदाहरण दिया और कहा कि आप पीएम के नाम वाले संस्थान में काम करते हैं। आखिर आप यूनिवर्सिटी से नाम हटाने को क्यों नहीं कहते। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सारे सवाल-जवाब के बाद कहा कि वह खुले दिमाग से दलीलों को विस्तार से पढ़ेगा और तय करेगा कि क्या इस मामले में कोई गुंजाइश है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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