Homeदेश-समाजमोहम्मद शमी हो सकते हैं गिरफ्ताार, BCCI ने कहा- चार्जशीट देख होगी कार्रवाई

मोहम्मद शमी हो सकते हैं गिरफ्ताार, BCCI ने कहा- चार्जशीट देख होगी कार्रवाई

पिछले साल 2018 में शमी की पत्नी ने उनके ऊपर मारपीट, रेप, हत्या की कोशिश, घरेलू हिंसा और दूसरी औरतों से अवैध संबंध जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके आधार पर शमी व उनके भाई के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ पत्नी हसीन जहॉं के साथ घरेलू हिंसा करने के आरोप में सोमवार को अरेस्ट वारंट जारी हुआ। वारंट पश्चिम बंगाल के अलीपुर कोर्ट ने जारी किया है। शमी के अलावा उनके भाई हसीद अहमद के खिलाफ भी वारंट जारी हुआ है। सरेंडर करने के लिए कोर्ट ने 15 दिन का समय दिया है। ऐसा नहीं करने पर दोनों गिरफ्तार हो सकते हैं।

शमी फिलहाल भारतीय टीम के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर हैं। बीसीसीआई ने साफ़ कर दिया है कि उनके ख़िलाफ़ तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी जब तक वे चार्जशीट नहीं देख लेते। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा है कि अभी कोई कार्रवाई करना जल्दबाजी होगी। मामले में चार्जशीट देखने के बाद ही वह कुछ फैसला ले पाएँगे।

अधिकारी के मुताबिक, “हम समझते हैं कि गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। लेकिन हमें नहीं लगता कि अभी इस मामले में दखल देने की जरूरत है। एक बार हम चार्जशीट देख लें तब हम तय करेंगे कि क्या बीसीसीआई के संविधान के अनुसार कोई ऐक्शन लेने की जरूरत है। लेकिन इस समय तो कह सकते हैं कि कुछ भी करना जल्दबाजी होगी।’ “

2018 में दर्ज हुआ था मामला

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 2018 में शमी की पत्नी ने उनके ऊपर मारपीट, रेप, हत्या की कोशिश, घरेलू हिंसा और दूसरी औरतों से अवैध संबंध जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके आधार पर शमी व उनके भाई के खिलाफ आइपीसी की धारा 498 ए (दहेज उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले में बीते मार्च में चार्जशीट दाखिल हुई थी। जिसपर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। लेकिन पेश नहीं होने के कारण कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गुजरात के अमरेली में युवक को मारने वाले चार शेरों को उम्रकैद: जानिए कैसे किसी शेर को घोषित किया जाता है ‘आदमखोर’ और क्या...

गुजरात के अमरेली की घटना से समझें कैसे किसी शेर को 'आदमखोर' घोषित किया जाता है और क्यों कई बार उसे हमेशा के लिए जंगल से हटाया जाता है।

पहलगाम आतंकी हमले पर UN रैपोर्टियर बेन सॉल ने दिए थे भारत विरोधी बयान, ऑपइंडिया ने उसी समय उठाए थे सवाल: जाँच में चीन...

UN वॉच की रिपोर्ट में बेन सॉल पर चीन से फंडिंग लेने और भारत के आतंकवाद-रोधी अभियानों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रुख अपनाने के आरोप लगे।
- विज्ञापन -